India vs Australia : टी20 जीत के बाद अब वनडे की बारी – ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगा भारत

Atul Kumar
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India vs Australia

India vs Australia – नवी मुंबई की यादें अभी ताज़ा हैं। वही ऑस्ट्रेलिया, वही बड़ा मंच—और वही भारतीय टीम, जो अब टी20 सीरीज़ जीतकर वनडे की जंग में उतर रही है। मंगलवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे श्रृंखला सिर्फ एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट की दो दिग्गज ताकतों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई है।

भारत 2-1 से टी20 श्रृंखला जीत चुका है—और वो भी ऑस्ट्रेलिया की धरती पर। पिछले एक दशक में इस फॉर्मेट में वहां सीरीज़ जीतना आसान नहीं रहा। लिहाज़ा मनोवैज्ञानिक बढ़त भारत के पास है।

हीली का भावनात्मक पड़ाव

यह सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया के लिए खास है। कप्तान एलिसा हीली वनडे प्रारूप से विदा लेने जा रही हैं। भारत के खिलाफ पर्थ में छह मार्च से शुरू होने वाला टेस्ट उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा।

टी20 सीरीज़ से बाहर रहीं हीली अब वनडे टीम में लौटी हैं। उनकी मौजूदगी ऑस्ट्रेलिया को ऊर्जा देगी। भावनात्मक मौके अक्सर टीमों को अतिरिक्त धार दे देते हैं।

भारत की लय और बदलाव

भारत ने टी20 में आक्रामक और संतुलित क्रिकेट खेला। स्मृति मंधाना की 82 रन की पारी तीसरे टी20 में निर्णायक रही। जेमिमा रौड्रिग्स ने 59 रन बनाकर दिखाया कि मिडिल ऑर्डर भरोसेमंद है।

हालिया फॉर्म – प्रमुख बल्लेबाज़

खिलाड़ीहालिया प्रदर्शन
स्मृति मंधाना82 रन (तीसरा टी20)
जेमिमा रौड्रिग्स59 रन (तीसरा टी20)
हरमनप्रीत कौर36 रन (दूसरा टी20)

मंधाना ने साफ कहा,
“ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराना खास है। लेकिन हमारा लक्ष्य लगातार जीतना और शीर्ष पर रहना है।”

टीम में बदलाव भी हुए हैं।
काशवी गौतम, हरलीन देओल और प्रतीका रावल को शामिल किया गया है। अरूंधति रेड्डी, भारती फुलमाली और श्रेयांका पाटिल बाहर हैं। टखने की चोट से उबरी प्रतीका की वापसी दिलचस्प होगी।

गेंदबाज़ी: संतुलन बनाम चुनौती

रेणुका ठाकुर नई गेंद से प्रभावी रही हैं। श्री चरणी ने भी टी20 में धार दिखाई। दीप्ति शर्मा से वनडे में लंबा स्पेल निकालने की उम्मीद होगी।

वनडे में 50 ओवर की परीक्षा अलग होती है। यहां धैर्य और रोटेशन उतना ही अहम है जितना पावरप्ले में आक्रामकता।

ऑस्ट्रेलिया: अनुभव की ताकत

ऑस्ट्रेलिया के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ियों की कमी नहीं है।

प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी

खिलाड़ीभूमिका
एलिसे पैरीऑलराउंडर
एशले गार्डनरपावर हिटर/स्पिन
बेथ मूनीटॉप ऑर्डर
ताहलिया मैकग्रामिडिल ऑर्डर
अलाना किंगलेग स्पिन

अलाना किंग की वापसी ऑस्ट्रेलिया की स्पिन ताकत को और मजबूत करती है। पैरी और गार्डनर जैसे ऑलराउंडर मैच का रुख पलटने में सक्षम हैं।

पॉइंट सिस्टम का दबाव

यह सीरीज़ पॉइंट-आधारित ट्रॉफी का हिस्सा है।
• टी20 और वनडे जीत – 2 अंक
• टेस्ट जीत – 4 अंक

यानी हर मैच का महत्व दोगुना है। सिर्फ सीरीज़ नहीं, अंक तालिका भी दांव पर है।

रणनीतिक लड़ाई

भारत की रणनीति स्पष्ट होनी चाहिए:

  1. मंधाना-शेफाली की ठोस शुरुआत
  2. मिडिल ऑर्डर की स्थिरता
  3. दीप्ति और स्पिनरों का कंट्रोल
  4. हीली और मूनी को जल्दी आउट करना

ऑस्ट्रेलिया वापसी के लिए बेताब होगा। भारत बढ़त को मजबूत करना चाहेगा।

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