India – तिरुवनंतपुरम की शाम सिर्फ एक टी20 मैच की नहीं, बल्कि एक फैसले की गवाह बनने वाली है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का पांचवां मुकाबला अपने आप में अहम है, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल है—संजू सैमसन या ईशान किशन?
स्टेडियम भरने से पहले ही टीम होटल से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक एक ही चर्चा घूम रही है। प्लेइंग इलेवन क्या होगी? और सबसे अहम, विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर किसे चुना जाएगा?
होम ग्राउंड, लेकिन अब तक बिना मौका: संजू की कहानी
संजू सैमसन के लिए यह मैच सिर्फ एक और अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं है।
यह घर का मैदान है—तिरुवनंतपुरम।
और हैरानी की बात यह कि अब तक उन्होंने यहां भारत के लिए एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है।
फॉर्म जरूर सवालों के घेरे में है, खासकर न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज में। रन नहीं आए हैं, टाइमिंग गड़बड़ाई है। लेकिन इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट का भरोसा अभी भी संजू के साथ खड़ा दिखता है।
कोच कोटक का साफ संदेश: “वह मैच विनर है”
बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने संजू सैमसन को लेकर टीम का रुख बिल्कुल साफ कर दिया है।
उन्होंने माना कि प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन भरोसे में कोई कमी नहीं है।
कोटक ने कहा,
“संजू एक सीनियर खिलाड़ी है। शायद उसने उतने रन नहीं बनाए हैं जितनी उससे उम्मीद थी, लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसे सही मानसिक स्थिति में रखें। हम जानते हैं कि वह क्या कर सकता है।”
यानी मैसेज साफ है—
रन बाद में, भरोसा पहले।
मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की सोच भी इसी लाइन पर चल रही है। इस वक्त फोकस संजू को बैक करने का है, न कि हर मैच में बदल देने का।
ईशान किशन की वापसी ने बिगाड़ा गणित
लेकिन क्रिकेट में कहानी कभी एकतरफा नहीं चलती।
ईशान किशन की फिटनेस अपडेट ने पूरी तस्वीर को जटिल बना दिया है।
नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करने वाले ईशान पिछले मैच में निगल (हल्की चोट) के कारण बाहर रहे थे। अब संकेत हैं कि वह पूरी तरह फिट हैं और पांचवें टी20 के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
कोच कोटक को भी भरोसा है कि किशन वापसी के लिए तैयार हैं। और यहीं से कप्तान सूर्या की असली परीक्षा शुरू होती है।
सूर्या के सामने असली चुनौती
अगर ईशान खेलते हैं, तो सवाल सिर्फ विकेटकीपर का नहीं रहेगा।
पूरी बैटिंग ऑर्डर का संतुलन दांव पर होगा।
- संजू – मिडिल ऑर्डर में फ्लोटर
- ईशान – टॉप ऑर्डर में आक्रामक विकल्प
दोनों का रोल अलग है, लेकिन जगह सिर्फ एक… या शायद दो?
क्या दोनों को मौका मिल सकता है?
यहीं पर एक दिलचस्प संभावना सामने आती है।
पिछले मैच में भारत 5 प्रॉपर गेंदबाज़ों और 2 स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर्स के साथ उतरा था।
ऐसे में यह विकल्प भी खुला है कि:
- एक गेंदबाज़ कम किया जाए
- और ईशान + संजू दोनों को खिलाया जाए
यह फैसला बल्लेबाज़ी को गहराई देगा, लेकिन गेंदबाज़ी में रिस्क भी बढ़ाएगा।
सीरीज के इस मोड़ पर सवाल यही है—संतुलन या आक्रामकता?
संभावित भारतीय स्क्वॉड (मैच डे पूल)
| खिलाड़ी |
|---|
| संजू सैमसन (विकेटकीपर) |
| अभिषेक शर्मा |
| ईशान किशन (विकेटकीपर) |
| सूर्यकुमार यादव (कप्तान) |
| शिवम दुबे |
| हार्दिक पांड्या |
| रिंकू सिंह |
| अक्षर पटेल (उपकप्तान) |
| कुलदीप यादव |
| रवि बिश्नोई |
| जसप्रीत बुमराह |
| अर्शदीप सिंह |
| हर्षित राणा |
| श्रेयस अय्यर |
| वरुण चक्रवर्ती |
यानी विकल्प plenty हैं, लेकिन फैसला सिर्फ एक कॉल का है।
टॉस से पहले आखिरी फैसला
टीम मैनेजमेंट ने संकेत दे दिए हैं—
अंतिम निर्णय टॉस से ठीक पहले लिया जाएगा।
कप्तान सूर्यकुमार यादव इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि यह सिर्फ एक खिलाड़ी का चयन नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम का संदेश भी होगा।
- क्या घरेलू मैदान पर संजू को एक और मौका मिलेगा?
- या फिर ईशान की वापसी से ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर बदलेगा?
रन से ज्यादा भरोसे की परीक्षा
यह मुकाबला सीरीज का आखिरी हो सकता है,
लेकिन चयन के लिहाज़ से यह आगे की राह तय करेगा।
टी20 क्रिकेट में फॉर्म जल्दी बदलता है,
लेकिन भरोसा—वह धीरे बनता है और एक फैसले से टूट भी सकता है।
तिरुवनंतपुरम की रात सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं देखेगी।
वह देखेगी—किस पर टीम इंडिया ने भरोसा किया।
और शायद, वही फैसला इस मैच की सबसे बड़ी हेडलाइन बनेगा।















