T20I – विशाखापत्तनम की शाम में जब गेंद बाउंड्री के पार जा रही थी, तब शेफाली वर्मा सिर्फ रन नहीं बना रहीं थीं—वह एक सोच को बैट से समझा रही थीं।
भारतीय महिला टीम की इस सलामी बल्लेबाज़ ने 34 गेंदों में 69 रन की नाबाद पारी खेली, भारत को श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टी20 इंटरनेशनल जिताया और सीरीज़ में 2-0 की बढ़त दिला दी। लेकिन मैच के बाद चर्चा सिर्फ स्ट्रोक्स की नहीं थी।
चर्चा थी रोल्स, तैयारी और उस कल्चर की, जिसे हेड कोच अमोल मजूमदार बना रहे हैं।
“क्रिकेट में कब आपकी ज़रूरत पड़ जाए, पता नहीं होता”
शेफाली वर्मा ने पोस्ट-मैच बातचीत में जो कहा, वह स्कोरकार्ड से कहीं आगे की बात थी। उनका फोकस साफ था—टीम में हर खिलाड़ी को हर रोल के लिए तैयार रहना चाहिए।
“क्रिकेट एक अलग तरह का खेल है। आपको कभी नहीं पता कि टीम को कब आपकी ज़रूरत पड़ जाए,” शेफाली ने कहा।
यही वजह है कि भारतीय महिला टीम के सभी बल्लेबाज़ नियमित तौर पर नेट्स में गेंदबाज़ी करते हैं। यह कोई ऑप्शनल ड्रिल नहीं, बल्कि कोच की सीधी मांग है।
अमोल मजूमदार का साफ मैसेज: कोई ‘सिर्फ बल्लेबाज़’ नहीं
शेफाली के मुताबिक, हेड कोच अमोल मजूमदार का मैसेज बिल्कुल क्लियर है।
“अमोल सर हमेशा कहते हैं कि कोई भी गेंदबाज़ी कर सकता है और सभी को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।”
इसका असर प्रैक्टिस में दिखता है।
- स्मृति मंधाना नेट्स में गेंदबाज़ी करती हैं
- जेमिमा रोड्रिग्स गेंद फेंकती हैं
- खुद शेफाली नियमित बॉलिंग करती हैं
यह सिर्फ एक्स्ट्रा स्किल नहीं, बल्कि टी20 क्रिकेट की जरूरत है—जहां एक ओवर भी मैच पलट सकता है।
“फील्डिंग करते-करते बोर हो जाओ, तो बॉलिंग मिल जाती है”
शेफाली का अंदाज़ हमेशा जैसा—बेहद ईमानदार और हल्का-सा मस्ती भरा।
उन्होंने कहा,
“मुझे गेंदबाज़ी करना बहुत पसंद है। जब फील्डिंग करते-करते बोर हो जाते हैं, तो गेंदबाज़ी करने का मौका मिल जाता है।”
लेकिन इस मज़ाक के पीछे एक सीरियस बात छुपी है—टीम के लिए ज़्यादा योगदान देने की भूख।
69* रन, लेकिन उससे बड़ी बात क्या थी?
शेफाली की यह पारी कई मायनों में खास रही।
- 34 गेंद
- 69* रन
- स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर
- भारत में उनका T20I करियर का सर्वोच्च स्कोर
यह पारी उस शेफाली की याद दिलाती है, जो पावरप्ले को हथियार बनाती हैं। लेकिन इस बार फर्क यह था—शॉट सिलेक्शन ज्यादा कंट्रोल्ड था, हड़बड़ी नहीं थी।
सीरीज़ में 2-0 की बढ़त, लेकिन फोकस आगे का
भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है। बल्लेबाज़ी ठीक चल रही है, गेंदबाज़ी असरदार है—लेकिन एक डिपार्टमेंट है, जहां टीम खुद को कठघरे में खड़ा कर रही है।
फील्डिंग पर खुलकर बात: “अभी उतनी अच्छी नहीं”
शेफाली ने बिना घुमाए-फिराए माना कि फील्डिंग अभी टीम की कमजोर कड़ी रही है।
“हम जानते हैं कि फील्डिंग उतनी अच्छी नहीं रही है। लेकिन हम इस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।”
यह बयान यूं ही नहीं आया। वजह साफ है—
- T20 वर्ल्ड कप 2026
- वेन्यू: इंग्लैंड
- कंडीशंस: टाइट ग्राउंड्स, फास्ट आउटफील्ड
ऐसे में एक कैच या एक मिसफील्ड सीधा टूर्नामेंट का रुख बदल सकता है।
“छोटी-छोटी चीज़ों पर काम कर रहे हैं”
शेफाली के शब्दों में टीम का माइंडसेट झलकता है।
“हम छोटी-छोटी चीज़ों पर ध्यान दे रहे हैं। हर खिलाड़ी मेहनत कर रहा है।”
यह वही माइंडसेट है, जिसने पिछले कुछ सालों में भारतीय महिला टीम को कंसिस्टेंट बनाया है—बड़े नामों से ज़्यादा कलेक्टिव एफर्ट।
वैष्णवी शर्मा का पहला विकेट, ड्रेसिंग रूम का रिएक्शन
इस मैच की एक और पॉजिटिव स्टोरी रही वैष्णवी शर्मा।
अपने दूसरे ही इंटरनेशनल मैच में उन्होंने पहला विकेट लिया। शेफाली ने उस पल को खास बताया।
“वह उतनी खुश नहीं थी, लेकिन हम सब उसके लिए बहुत खुश थे।”
यह सीनियर- जूनियर डायनामिक बताता है कि ड्रेसिंग रूम में सपोर्ट सिस्टम कितना मज़बूत है।
नई भारतीय महिला टीम की पहचान क्या है?
इस पूरी बातचीत से एक तस्वीर साफ उभरती है—
- कोई फिक्स रोल नहीं
- हर खिलाड़ी ऑल-राउंड कंट्रीब्यूटर
- और तैयारी ऐसी कि मैच सरप्राइज़ न दे
अमोल मजूमदार के अंडर यह टीम सिर्फ मैच नहीं जीतना चाहती, वर्ल्ड कप रेडी बनना चाहती है।
शेफाली वर्मा: सिर्फ हिटर नहीं, थिंकर भी
काफी वक्त तक शेफाली को सिर्फ “पावर हिटर” के तौर पर देखा गया। लेकिन अब:
- गेम अवेयरनेस
- रोल अडैप्टेबिलिटी
- और टीम-फर्स्ट अप्रोच
उनके खेल का हिस्सा बन चुकी है।
69 रन की पारी याद रहेगी।
लेकिन उससे ज़्यादा याद रहेगा यह स्टेटमेंट—
“हमें हर रोल के लिए तैयार रहना होगा।”
यही आधुनिक क्रिकेट का सच है।















