Akash Chopra : बोनस पॉइंट इंजरी रिप्लेसमेंट और पावर सर्ज – IPL के लिए आकाश चोपड़ा का मास्टरप्लान

Atul Kumar
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Akash Chopra

Akash Chopra – पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा एक बार फिर सुर्खियों में हैं—इस बार अपने सुझावों की वजह से। उनका कहना है कि अगर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) कुछ नए नियमों को अपनाए, तो यह टूर्नामेंट न सिर्फ और रोमांचक बल्कि खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो जाएगा। उन्होंने पाँच अहम प्रस्ताव रखे हैं, जिनमें बोनस पॉइंट से लेकर पावर सर्ज तक शामिल हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर आकाश चोपड़ा चाहते क्या हैं और इनसे IPL पर क्या असर हो सकता है।

1. जीत पर बोनस पॉइंट का सिस्टम

आकाश चोपड़ा का पहला और शायद सबसे दिलचस्प सुझाव है—बोनस पॉइंट। उन्होंने कहा कि अगर कोई टीम मैच 20% के मार्जिन से जीतती है, तो उसे एक अतिरिक्त अंक मिलना चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर टीम A ने 200 रन बनाए और टीम B को 160 पर रोक दिया, तो टीम A को जीत के साथ बोनस पॉइंट भी मिलेगा। इसी तरह, अगर कोई टीम 200 रनों का लक्ष्य 16 ओवरों में ही हासिल कर लेती है, तब भी बोनस पॉइंट मिलना चाहिए।
यह नियम IPL की पॉइंट्स टेबल में खासी खलबली मचा सकता है। टीमों को न सिर्फ जीत बल्कि बड़ी जीत की कोशिश करनी होगी।

2. सिर्फ कनकशन नहीं, इंजरी रिप्लेसमेंट भी

अभी तक क्रिकेट में सिर्फ कनकशन सब्स्टीट्यूट का नियम लागू है। यानी अगर खिलाड़ी को सिर में चोट लगती है, तो उसे रिप्लेस किया जा सकता है। लेकिन चोपड़ा चाहते हैं कि IPL में इंजरी रिप्लेसमेंट की इजाज़त हो।
मान लीजिए किसी बल्लेबाज की उंगली टूट गई या किसी गेंदबाज के टखने में फ्रैक्चर हो गया—ऐसे में टीम को पूरे मैच में एक खिलाड़ी कम के साथ नहीं खेलना चाहिए। घरेलू क्रिकेट में इसका ट्रायल शुरू भी हो चुका है, और अगर IPL में इसे लागू किया जाए तो खिलाड़ियों की सुरक्षा और टीम बैलेंस दोनों सुधरेंगे।

3. मिड-सीजन ट्रांसफर का असली इस्तेमाल

IPL में मिड-सीजन ट्रांसफर का नियम तो है, लेकिन शायद ही कभी इसका उपयोग हुआ हो। वजह? पैसों की कोई कमी नहीं है, इसलिए फ्रेंचाइजी खिलाड़ी को बेंच पर बैठाए रखती है, भले ही उसे मौका मिले या नहीं।
चोपड़ा का सुझाव है—अगर कोई खिलाड़ी शुरुआती 8 मैचों में फाइनल 16 (प्लेइंग इलेवन + सब्स्टीट्यूट्स) का हिस्सा नहीं बना है, तो उसे मिड-सीजन ट्रांसफर के लिए उपलब्ध करा दिया जाए। इससे टीमों को नए विकल्प मिलेंगे और खिलाड़ी भी लंबे समय तक बाहर बैठने से बचेंगे।

4. लेग-साइड वाइड रूल में बदलाव

यह एक तकनीकी लेकिन अहम सुझाव है। IPL में लेग स्टंप से जरा सी बाहर गई गेंद को भी वाइड करार दिया जाता है। चोपड़ा चाहते हैं कि गेंदबाजों को थोड़ा मार्जिन मिले, जैसे तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में होता है।
उनका कहना है कि कई बार गेंद स्विंग होकर लेग साइड चली जाती है, लेकिन बल्लेबाज उसे खेल सकता है। ऐसे में इतनी सख्ती जरूरी नहीं। अगर एक अतिरिक्त गाइडलाइन लाइन बना दी जाए तो गेंदबाजों को राहत मिलेगी और खेल ज्यादा संतुलित होगा।

5. बिग बैश लीग वाला पावर सर्ज

आखिरी सुझाव ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) से प्रेरित है। वहां पहले 4 ओवर पावरप्ले होते हैं और फिर 11वें ओवर के बाद बल्लेबाजी टीम दो ओवर का “पावर सर्ज” ले सकती है। इसमें फील्डिंग रिस्ट्रिक्शन वापस लागू होता है, जिससे बल्लेबाजों को आक्रामक खेलना पड़ता है।
आकाश मानते हैं कि अगर IPL में भी पावर सर्ज आ जाए, तो मैच के बीचों-बीच अचानक रोमांच बढ़ सकता है। रन भी बरसेंगे और विकेट भी गिरेंगे।

इन बदलावों से IPL पर क्या असर होगा?

अगर इन पाँचों सुझावों में से कुछ भी लागू होते हैं, तो IPL का चेहरा बदल सकता है। बोनस पॉइंट से लेकर पावर सर्ज तक, हर नियम टीमों को नई रणनीति बनाने पर मजबूर करेगा।

  • बोनस पॉइंट से हर टीम “बड़ी जीत” की कोशिश करेगी।
  • इंजरी रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाएगा।
  • मिड-सीजन ट्रांसफर से बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को नया मौका मिलेगा।
  • लेग-साइड वाइड रूल में बदलाव गेंदबाजों के लिए राहत लाएगा।
  • और पावर सर्ज? दर्शकों को टीवी से चिपकाए रखेगा।

IPL वैसे ही क्रिकेट की सबसे ग्लैमरस लीग है, लेकिन अगर BCCI इन सुझावों पर गौर करता है, तो टूर्नामेंट का “स्वैग” वाकई अलग दिख सकता है।

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