Ishan Kishan – नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 188 रनों का पीछा करते हुए भारत को तेज शुरुआत की दरकार थी। लेकिन पहला झटका इतना जल्दी लगा कि डगआउट में सन्नाटा छा गया।
शानदार फॉर्म में चल रहे ईशान किशन चार गेंद खेलकर शून्य पर लौटे—और उसी पल भारत एक ऐसी सूची में शीर्ष पर पहुंच गया, जिसमें कोई भी टीम जाना नहीं चाहती।
ईशान किशन का जल्दी अंत
साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने पहले ही ओवर में बड़ा दांव खेला। ईशान ने लॉन्ग ऑफ के ऊपर से शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आई। हवा में गई और एक्स्ट्रा कवर पर रयान रिकेल्टन ने आसान कैच लपक लिया।
चार गेंद, शून्य रन।
एक बड़े मैच में, एक बड़ा झटका।
ईशान इस टूर्नामेंट में लय में दिख रहे थे, लेकिन सुपर-8 जैसे चरण में यह चूक महंगी साबित हुई।
भारत ‘डक’ की अनचाही लिस्ट में नंबर-1
ईशान के आउट होते ही भारत मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा डक झेलने वाली टीम बन गया। अब तक भारतीय बल्लेबाज 10 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं।
टी20 जैसे फॉर्मेट में जहां हर रन की कीमत है, वहां बार-बार डक का मतलब है—टॉप ऑर्डर की अस्थिरता।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा डक
| टीम | डक की संख्या |
|---|---|
| भारत | 10 |
| इटली | 8 |
| ओमान | 7 |
| पाकिस्तान | 6 |
दिलचस्प बात यह है कि इटली और ओमान ग्रुप स्टेज से बाहर हो चुके हैं, जबकि भारत सुपर-8 में है। यानी टीम आगे बढ़ी है, लेकिन बल्लेबाजी में उतार-चढ़ाव लगातार दिख रहा है।
पाकिस्तान भी इस सूची में चौथे स्थान पर है, हालांकि उनका न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपर-8 मैच बारिश में धुल गया था।
शुरुआती ढहाव: 51 पर आधी टीम आउट
188 रनों का लक्ष्य छोटा नहीं था, लेकिन असंभव भी नहीं। फिर भी भारत की पारी बिखरती चली गई।
भारत की प्रमुख पारियां
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| अभिषेक शर्मा | 15 |
| सूर्यकुमार यादव | 18 |
| वॉशिंगटन सुंदर | 11 |
| तिलक वर्मा | 1 |
| ईशान किशन | 0 |
| रिंकू सिंह | 0 |
51 रन पर पांच विकेट। यह वह मोड़ था जहां मैच लगभग फिसल चुका था।
अभिषेक शर्मा, जो इस टूर्नामेंट में तीन बार डक झेल चुके थे, इस बार खाता खोलने में सफल रहे। 12 गेंदों में 15 रन—दो चौके, एक छक्का। लेकिन वह पारी लंबी नहीं चली। मार्को यानसन ने उन्हें कॉर्बिन बॉश के हाथों कैच कराया।
साउथ अफ्रीका की मजबूत नींव
इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 187/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। शुरुआत खराब रही—20 रन पर तीन विकेट। लेकिन डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने मैच की दिशा बदल दी।
दोनों ने चौथे विकेट के लिए 51 गेंदों में 97 रन जोड़े। मिलर ने 35 गेंदों में 63 रन ठोके—तीन छक्के, सात चौके। ब्रेविस ने 29 गेंदों में 45 रन बनाए।
साउथ अफ्रीका की प्रमुख पारियां
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| डेविड मिलर | 63 | 35 |
| डेवाल्ड ब्रेविस | 45 | 29 |
| ट्रिस्टन स्टब्स | 44* | 24 |
ट्रिस्टन स्टब्स ने अंत में 24 गेंदों में नाबाद 44 रन जोड़कर स्कोर को 187 तक पहुंचाया। यही 15-20 रन बाद में निर्णायक साबित हुए।
क्या कहती है यह ‘डक’ कहानी?
भारत का 10 बार डक झेलना सिर्फ आंकड़ा नहीं है। यह बताता है कि टॉप और मिडिल ऑर्डर में निरंतरता की कमी रही है। टी20 में आक्रामकता जरूरी है, लेकिन जोखिम और लापरवाही के बीच की रेखा बेहद पतली होती है।
ईशान का शॉट चयन, रिंकू का जल्द आउट होना, तिलक का दहाई अंक तक न पहुंचना—ये सब मिलकर दबाव को बढ़ाते गए।
सुपर-8 में हर मैच नॉकआउट जैसा होता है। यहां एक खराब पावरप्ले पूरे मैच की दिशा तय कर सकता है।















