Kishan – विशाखापट्टनम की उस शाम मैच से ज़्यादा चर्चा एक नाम की रही—ईशान किशन।
न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 में जब टॉस के वक्त सूर्यकुमार यादव ने कहा कि ईशान “निगल” की वजह से प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं हैं, तो बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी। लेकिन मैच बढ़ा, कैमरे घूमे, और फिर सोशल मीडिया ने वो देखा, जिसने इस बयान पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
ईशान किशन…
डगआउट में नहीं,
बल्कि मैदान पर दौड़ते हुए।
टॉस पर क्या बोले थे सूर्यकुमार यादव?
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के दौरान साफ कहा था कि ईशान किशन को निगल (muscle niggle) है, इसलिए उन्हें चौथे टी20 से बाहर रखा गया है। उनकी जगह टीम ने अर्शदीप सिंह को शामिल किया और भारत छह बल्लेबाज़ों के साथ उतरा।
बात सीधी थी।
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने कहानी को उलझा दिया।
निगल के बावजूद मैदान पर दौड़ते ईशान?
मैच के दौरान कई बार कैमरा ईशान किशन पर गया।
कभी ड्रिंक्स लेकर दौड़ते हुए,
कभी फील्ड पर खिलाड़ियों को मैसेज पास करते हुए,
और कभी शिवम दुबे की पीठ थपथपाते हुए।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए।
और सवाल उठने लगा—
अगर चोट थी, तो इतना एक्टिव क्यों?
इतना ही नहीं, मैच से पहले ईशान को प्रैक्टिस करते हुए भी देखा गया था।
यहीं से “निगल” वाली थ्योरी पर शक गहराने लगा।
आकाश चोपड़ा का कमेंट: शक को मिला वजन
मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे आकाश चोपड़ा ने भी इस मुद्दे पर इशारा कर दिया।
X (पूर्व ट्विटर) पर वायरल क्लिप के मुताबिक, उन्होंने कहा,
“जिस तरह से ईशान किशन मैदान पर दौड़ रहे हैं, उसे देखकर नहीं लगता कि उन्हें कोई बड़ी चोट लगी है। हो सकता है जूते की वजह से हल्की-सी दिक्कत हो। मुझे लगता है कि हम उन्हें अगले मैच में खेलते देखेंगे।”
यह कोई सीधा आरोप नहीं था।
लेकिन इतना काफी था कि फैंस को लगे—कुछ तो गड़बड़ है।
शिवम दुबे की पारी और ईशान की मौजूदगी
शिवम दुबे ने जब 15 गेंदों में फिफ्टी ठोकी, तो पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया।
आउट होने के बाद जब वह निराश होकर पवेलियन लौटे, तो उन्हें हौसला देने वालों में ईशान किशन भी थे।
यह दृश्य भी कैमरे में कैद हो गया।
और फिर वही सवाल—
चोटिल खिलाड़ी इतना इनवॉल्व क्यों?
सोशल मीडिया का फैसला: “सच क्यों नहीं बताया?”
X पर एक यूजर ने लिखा,
“ईशान किशन के बारे में सबसे मज़ेदार बात ये है कि वो छोटी-मोटी चोट के बावजूद प्रैक्टिस भी कर रहा है और मैच के बीच दौड़ भी रहा है।”
कई फैंस ने यह भी कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट एक्सपेरिमेंट करना चाहती थी, तो उसे सीधे-सीधे रेस्ट कहा जा सकता था।
यही वो पॉइंट है, जहां मामला सिर्फ ईशान का नहीं रहता—
यह कम्युनिकेशन का सवाल बन जाता है।
मैच के बाद सूर्या का बयान: इशारा कहीं और?
मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने कहा,
“मुझे लगता है कि हमने आज जानबूझकर छह बल्लेबाज़ खिलाए। हम पांच बेहतरीन गेंदबाज़ रखना चाहते थे और खुद को चुनौती देना चाहते थे।”
इस बयान ने आग में घी डाल दिया।
क्योंकि अगर यह स्ट्रैटेजिक एक्सपेरिमेंट था, तो टॉस पर “निगल” क्यों कहा गया?















