Bethell – सिडनी में एशेज का आख़िरी टेस्ट जैसे-जैसे आगे बढ़ा, इंग्लैंड के लिए उम्मीद की एक खिड़की खुली—और उस खिड़की से झांकता नाम था जैकब बेथेल।
22 साल का यह ऑलराउंडर, बारबाडोस में जन्मा, इंग्लैंड की जर्सी में अपना पहला टेस्ट शतक ठोकते हुए न सिर्फ स्कोरबोर्ड को आगे ले गया, बल्कि मैच को पांचवें दिन तक खींच ले गया।
यह शतक आंकड़ों से कहीं आगे का था। वजह? स्टैंड में बैठे परिवार के सामने आया यह पल।
पहला टेस्ट शतक, वो भी परिवार के सामने
चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद बेथेल के चेहरे पर थकान कम, संतोष ज्यादा था।
उन्होंने कहा,
“यह उपलब्धि मेरे लिए बेहद खास है। मेरा परिवार यहां मौजूद है और ऐसे में शतक लगाना इसे और भी खास बना देता है।”
पहला टेस्ट शतक हमेशा याद रहता है।
लेकिन एशेज में, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, दबाव में—यह अलग ही लेवल की कहानी है।
पारी की शुरुआत: पहले ओवर में आया दबाव
बेथेल क्रीज़ पर तब आए, जब इंग्लैंड की दूसरी पारी का पहला ओवर चल रहा था।
मिशेल स्टार्क ने पांचवीं ही गेंद पर जैक क्रॉली (01) को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया था।
मतलब—नया बल्लेबाज़, नई गेंद, सामने स्टार्क।
और दूसरी तरफ एशेज का दबाव।
लेकिन बेथेल ने जल्दबाज़ी नहीं की।
232 गेंद, 142 रन: धैर्य की मिसाल
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक बेथेल 232 गेंदों पर 142 रन बनाकर नाबाद थे।
उनकी इस पारी के दम पर इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 8 विकेट पर 302 रन बना लिए।
इस तरह इंग्लैंड ने 119 रन की बढ़त हासिल कर ली है।
| पारी | स्कोर |
|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया पहली पारी | 567 |
| इंग्लैंड पहली पारी | 384 |
| इंग्लैंड दूसरी पारी | 302/8 |
| इंग्लैंड की कुल बढ़त | 119 रन |
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी की 183 रन की बढ़त अब काफी हद तक न्यूट्रल हो चुकी है।
साझेदारियां जिन्होंने मैच को रोके रखा
बेथेल की पारी अकेली नहीं थी।
उन्होंने लगभग हर अहम बल्लेबाज़ के साथ विकेट संभालते हुए रन जोड़े:
- बेन डकेट (42) के साथ 81 रन
- जो रूट (06) के साथ 32 रन
- हैरी ब्रूक (42) के साथ 102 रन
- जेमी स्मिथ (26) के साथ 45 रन
हर साझेदारी में रोल अलग था—कहीं स्ट्राइक रोटेशन, कहीं टिके रहना, कहीं रन रेट बढ़ाना।
स्पिन से मिलती मदद, इंग्लैंड के लिए संकेत?
चौथे दिन से ही पिच पर स्पिनरों को मदद मिलती दिखी।
यह इंग्लैंड के लिए एक पॉजिटिव संकेत है, क्योंकि टीम के पास:
- जैकब बेथेल
- विल जैक्स
- जो रूट
तीन स्पिन विकल्प मौजूद हैं।
ऑस्ट्रेलिया इस मैच में किसी विशेषज्ञ स्पिनर के बिना उतरा है—और यही बात इंग्लैंड को थोड़ी राहत देती है।
ब्यू वेबस्टर: अनएक्सपेक्टेड गेमचेंजर
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इस टेस्ट में एक नाम चुपचाप उभरा—ब्यू वेबस्टर।
उन्होंने अपनी कामचलाऊ ऑफ-स्पिन से 51 रन देकर 3 विकेट झटके।
52वें ओवर में तीन गेंदों पर दो विकेट—और इंग्लैंड को झटका।
- हैरी ब्रूक को LBW
- फिर विल जैक्स (00) को पवेलियन
स्कोर एक झटके में 219/3 से 219/5 हो गया।
वेबस्टर ने कहा,
“मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि चौथे दिन स्पिन को इतनी मदद मिलेगी। लेकिन हम जीत की अच्छी स्थिति में हैं।”
स्टोक्स की चोट और इंग्लैंड की चिंता
इंग्लैंड के लिए एक और चिंता का कारण—बेन स्टोक्स की चोट।
सुबह के सत्र में उन्होंने 10 गेंदें फेंकीं, लेकिन दाहिनी मांसपेशी में दर्द के चलते मैदान छोड़ना पड़ा।
बाद में बल्लेबाज़ी के दौरान भी उन्हें चलने में परेशानी दिखी।
वेबस्टर ने स्टोक्स (01) को टर्निंग बॉल पर कट खेलने के लिए उकसाया और
स्टीव स्मिथ ने स्लिप में शानदार कैच लपका।
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी: हेड और स्मिथ का असर
ऑस्ट्रेलिया ने सुबह 7 विकेट पर 518 रन से खेल शुरू किया, लेकिन बाकी तीन विकेट सिर्फ 49 रन जोड़कर गिर गए।
इस पारी में:
- ट्रैविस हेड: 169 रन
- स्टीव स्मिथ: 138 रन
- ब्यू वेबस्टर: 71 रन*
स्मिथ ने 129 से आगे खेलते हुए जल्दी ही जोश टोंग की गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमा दिया।
उनके और वेबस्टर के बीच आठवें विकेट के लिए 107 रन की अहम साझेदारी हुई।
अब क्या? पांचवें दिन का असली इम्तिहान
इंग्लैंड के पास अब सिर्फ दो विकेट बचे हैं।
अगर वह 170 के आसपास का टारगेट सेट कर पाता है, तो स्पिन की मदद से मैच दिलचस्प हो सकता है।
लेकिन अगर स्कोर यहीं रुक गया—तो ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहेगा।
बेथेल ने उम्मीद को जिंदा रखा
जैकब बेथेल का यह शतक शायद एशेज नहीं जिताए।
लेकिन इसने इंग्लैंड को पूरी तरह ढहने से जरूर बचा लिया।
पहला टेस्ट शतक, एशेज में, परिवार के सामने—
कुछ पारियां स्कोरकार्ड से आगे जाकर करियर की पहचान बन जाती हैं।
और सिडनी में खेली गई यह पारी, बेथेल के लिए वैसी ही लगती है।















