Oram – अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकलती हर दूसरी गेंद जैसे न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। साथ में ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव—और नतीजा यह कि मौजूदा पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में कीवी बॉलिंग अटैक लगातार दबाव में दिख रहा है।
हालात इतने तीखे हो चुके हैं कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजी कोच जैकब ओरम को खुले तौर पर यह स्वीकार करना पड़ा कि उनकी टीम के लिए “संयम बनाए रखना” सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
लेकिन ओरम इसे सिर्फ समस्या नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया मानते हैं। उनके शब्दों में, यह वही दौर है जहां गेंदबाजों को या तो ढलना होगा—या टूटना।
भारतीय टॉप ऑर्डर का तूफान
पिछले तीन टी20 मैचों में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने मिलकर न्यूजीलैंड की गेंदबाजी को तहस-नहस कर दिया है।
तीनों का स्ट्राइक रेट लगभग 250 के आसपास रहा है—जो किसी भी बॉलिंग यूनिट के लिए अलार्म बेल जैसा है।
पावरप्ले हो या मिडल ओवर्स, गेंदबाजों को सांस लेने का मौका तक नहीं मिला।
फील्ड सेट करने से पहले ही गेंद स्टैंड्स में पहुंच चुकी है।
मैदान पर अराजकता थी – जैकब ओरम
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में जैकब ओरम ने हालात को बिना घुमाए-फिराए बयान किया।
उनके मुताबिक,
मैदान पर अराजकता जैसी स्थिति थी। गेंद हर बार बाउंड्री के बाहर जा रही थी। ऐसे में जरूरी है कि गेंदबाज संयम और नियंत्रण बनाए रखें और अपनी योजनाओं पर टिके रहें।
लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह दौर गेंदबाजों के लिए सीखने का हिस्सा है—जहां गलतियां भी होंगी और उनसे आगे का रास्ता भी निकलेगा।
ओरम को क्यों याद आए सनत जयसूर्या?
भारतीय बल्लेबाजों की बेखौफ अप्रोच ने ओरम को 90 के दशक के एक बड़े नाम की याद दिला दी—सनत जयसूर्या।
उन्होंने कहा कि जिस तरह जयसूर्या ने अपने दौर में बल्लेबाजी की परिभाषा बदल दी थी, आज वैसी ही आक्रामकता आधुनिक टी20 क्रिकेट में देखने को मिल रही है।
उनके मुताबिक,
यह खेल की स्वाभाविक प्रगति है। अक्सर गेंदबाजों को खुद को बदलना पड़ता है, और यही फिलहाल हमारी सबसे बड़ी चुनौती है।
अभिषेक शर्मा: सबसे बड़ा सिरदर्द
अगर न्यूजीलैंड के लिए कोई एक नाम सबसे ज्यादा परेशानी बना है, तो वह है अभिषेक शर्मा।
ओरम ने माना कि अभिषेक इस समय जबरदस्त फॉर्म में हैं और बिना किसी झिझक के बड़े शॉट खेल रहे हैं।
टीम की कोशिश है कि उन्हें अगले मैचों में जल्दी आउट किया जाए।
लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि चुनौती सिर्फ अभिषेक तक सीमित नहीं है।
सूर्यकुमार और ईशान भी कम नहीं
सूर्यकुमार यादव की 360-डिग्री बल्लेबाजी और ईशान किशन की आक्रामक शुरुआत—दोनों ने न्यूजीलैंड की योजनाओं को लगातार तोड़ा है।
दूसरे टी20 में ईशान का प्रभावशाली प्रदर्शन और सूर्यकुमार की निरंतरता ने यह दिखा दिया कि भारतीय बल्लेबाजी क्रम ऊपर से नीचे तक खतरनाक है।
लॉकी फर्ग्यूसन का नजरिया
चौथे टी20 से पहले नेट सेशन में लॉकी फर्ग्यूसन अतिरिक्त मेहनत करते नजर आए।
उनकी बातों में भी वही सम्मान और चुनौती झलकती दिखी।
फर्ग्यूसन ने माना कि अभिषेक आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और शानदार शॉट्स खेल रहे हैं।
ऐसे बल्लेबाज के खिलाफ जरूरी है कि उसकी कमजोरियां ढूंढी जाएं और रणनीति में लचीलापन रखा जाए।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार बेहतर होता है ऐसे बल्लेबाज को स्ट्राइक से दूर रखा जाए और दूसरे छोर पर खेल कराया जाए।
भारतीय परिस्थितियां, कीवी मुश्किलें
ओरम ने यह भी स्वीकार किया कि भारत की परिस्थितियां न्यूजीलैंड जैसी नहीं हैं।
यहां न हरी पिच है, न वैसी स्विंग।
यह बल्लेबाजों का देश है—और जब बल्लेबाज फॉर्म में हों, तो गेंदबाजों के लिए काम और भी मुश्किल हो जाता है।
उनके मुताबिक,
चुनौती यही है कि हालात को स्वीकार किया जाए, पिच को समझा जाए और छोटी-छोटी चीजों में सुधार खोजा जाए।















