Test : SA के खिलाफ सबसे बड़े टेस्ट शिकारी – जडेजा ने शमी को पछाड़कर टॉप-5 में जगह बनाई

Atul Kumar
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Test – दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय गेंदबाज़ों का इतिहास हमेशा एक दिलचस्प कहानी रहा है—कभी निराशा, कभी जाबांज़ स्पेल, और कभी ऐसे जादुई दिन जब पूरा मैच सिर्फ एक ओवर में पलट गया।

लेकिन इस पूरी कहानी की सबसे चमकीली कड़ी अब भी वही पुराना नाम है—अनिल कुंबले। और गुवाहाटी टेस्ट की ताज़ा हवा में एक नया मोड़ आया है, जहां रविंद्र जडेजा ने quietly लेकिन दमदार तरीके से लिस्ट में अपनी स्थिति बदल दी है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के सबसे घातक टेस्ट गेंदबाज—कुंबले अब भी शिखर पर

भारतीय गेंदबाजों की पूरी पीढ़ियाँ बदलीं, कंडीशन्स बदले, क्रिकेट का टेम्पो बदला—लेकिन कुंबले का दबदबा बदला नहीं।
दक्षिण अफ्रीका, जो आम तौर पर स्पिनरों के खिलाफ इतनी आसानी से नहीं टूटती, उसके खिलाफ 84 विकेट लेना किसी मामूली बात की तरह पढ़ा जा सकता है, लेकिन आप मैदान पर जाकर देखिए—यह रिकॉर्ड पहाड़ जैसा है।

नीचे यह पूरी लिस्ट साफ़ समझाती है कि कौन, कब और कैसे इस मुकाम तक पहुँचा:

स्थानगेंदबाजमैचविकेटऔसत
1अनिल कुंबले218431.79
2जवागल श्रीनाथ136424.48
3हरभजन सिंह116028.40
4रविचंद्रन अश्विन145722.28
5रविंद्र जडेजा115219.63

यह सिर्फ नंबर नहीं हैं—इनके पीछे पूरे-पूरे दौर, सीरीज़ के टर्निंग पॉइंट और ऐसे स्पेल छिपे हैं जो आज भी यूट्यूब की हाइलाइट्स में वायरल हो जाते हैं।

जडेजा की चुपचाप चढ़ाई—शमी को पीछे छोड़कर टॉप-5 में एंट्री

गुवाहाटी टेस्ट भले भारत के लिए मुश्किल भरा रहा हो, लेकिन जडेजा ने एक व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल कर ली। पहली पारी में 2 विकेट और दूसरी में 4 ने उन्हें मोहम्मद शमी से आगे निकाल दिया, और वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 50+ विकेट लेने वाले सिर्फ पांचवें भारतीय बन गए।

यह बात शायद कई लोगों को हैरान कर दे—क्योंकि जडेजा को अक्सर इंग्लिश या ऑस्ट्रेलियन कंडीशन्स के संदर्भ में देखा जाता है—लेकिन SA के खिलाफ उनका 19.63 का औसत इस पूरे टॉप-5 में सबसे बेहतरीन है।

मतलब?
जब-जब भारत स्पिनिंग ऑलराउंडर की तलाश में मैदान पर झटपट नज़र डालता है, जडेजा वहां पहले से मौजूद होते हैं—अंडररेटेड, लेकिन बेहद असरदार।

श्रीनाथ, भज्जी और अश्विन—तीन अलग दौर, तीन अलग कहानियाँ

जवागल श्रीनाथ की बात करें तो उनके 64 विकेट इस बात का सबूत हैं कि वे भारतीय पेस अटैक के असली धुरंधर थे—वो भी उस जमाने में, जब भारत के पास तेज गेंदबाजों की भरमार नहीं होती थी।
उनका औसत? 24.48—SA के खिलाफ नई गेंद से यह लगभग सोने जैसा मूल्य है।

हरभजन सिंह के 60 विकेट उनकी लड़ाई और जुनून की कहानी हैं। केप टाउन, डरबन, जोहान्सबर्ग—ये सब भज्जी के खिलाफ सहूलियत वाले मैदान नहीं थे। फिर भी, उन्होंने स्पिन के दम पर दक्षिण अफ्रीका की लाइन-अप तोड़ी।

अश्विन का आंकड़ा भी ध्यान देने लायक है—57 विकेट और औसत 22.28, यानी प्रभाव और नियंत्रण का मिलाजुला नमूना।
सबसे दिलचस्प बात? अश्विन ने SA के खिलाफ घर से ज्यादा बाहर विकेट झटके हैं, जो उनके चैलेंज-एडजस्टमेंट कौशल को दिखाता है।

सबसे कठिन बल्लेबाजी लाइन-अप के खिलाफ यह रिकॉर्ड इतना मायने क्यों रखता है?

दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम—खासकर 90s और 2000s में—कठोर, तकनीकी और मानसिक रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाजों से भरी रहती थी।
गैरी कर्स्टन, जाक कैलिस, हर्शल गिब्स, हाशिम अमला, AB de Villiers—आप नाम पढ़ते-पढ़ते ही महसूस कर लेते हैं कि यहाँ विकेट निकालना मतलब दंगों में शांति बनाए रखने जैसा काम है: बेहद मुश्किल और हर मिनट चुनौती से भरा।

ऐसी लाइन-अप के खिलाफ 50, 60, 80 विकेट लेना…
यह सिर्फ कौशल नहीं, यह स्टैमिना, रणनीति और बार-बार उसी बल्लेबाज़ को पछाड़ने की कला का संयोजन है।

जडेजा आगे कहाँ तक जा सकते हैं?

अगर जडेजा फिट रहे और भारत-SA टेस्ट मुकाबले नियमित चलते रहे, तो वे अगले दो साल में अश्विन को भी चुनौती दे सकते हैं।
क्यों?
क्योंकि उनका औसत किसी और भारतीय से बेहतर है।
11 टेस्ट में 52 विकेट—दूसरे शब्दों में:
हर मैच लगभग 5 विकेट

अगर यह गति बनी रही, तो यह लिस्ट आने वाले समय में काफी बदल सकती है।

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