PCB – पाकिस्तान क्रिकेट में अगर कोई चीज़ सबसे ज़्यादा स्थायी है, तो वह है अस्थिरता। खिलाड़ी बदलते हैं, कप्तान बदलते हैं, और सबसे तेज़ी से बदलता है—कोच। अब इस लिस्ट में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ जेसन गिलेस्पी, जिन्होंने 2024 में पाकिस्तान की टेस्ट टीम को कोच किया, उन्होंने अपने अचानक इस्तीफे को लेकर अब चुप्पी तोड़ दी है।
और जो वजह सामने आई है, वह सिर्फ “पर्सनल रीजन” या “म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग” जैसी डिप्लोमैटिक लाइन नहीं है। गिलेस्पी का आरोप सीधा है—पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनका अपमान किया।
X पर Q&A, और खुल गई PCB की परतें
जेसन गिलेस्पी ने यह खुलासा किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं, बल्कि X (पहले ट्विटर) पर एक Q&A सेशन के दौरान किया। जब एक यूज़र ने उनसे पूछा कि उन्होंने पाकिस्तान टेस्ट टीम का कोच पद क्यों छोड़ा, तो जवाब बेहद साफ और तीखा था।
गिलेस्पी ने लिखा,
“मैं पाकिस्तान टेस्ट टीम को कोचिंग दे रहा था। PCB ने हमारे सीनियर असिस्टेंट कोच को बिना मुझसे बात किए निकाल दिया। हेड कोच होने के नाते यह स्थिति मुझे बिल्कुल भी मंजूर नहीं थी। इसके अलावा भी कई मुद्दे थे, जिनकी वजह से मुझे बहुत ज्यादा बेइज्जती महसूस हुई।”
एक लाइन में कहा जाए तो—कोच को ही अंधेरे में रखा गया।
हेड कोच, लेकिन फैसले में कोई रोल नहीं?
गिलेस्पी का सबसे बड़ा आरोप यही है कि PCB ने उनके सीनियर असिस्टेंट कोच को बिना किसी चर्चा के हटा दिया। इंटरनेशनल क्रिकेट में यह लगभग अनसुना माना जाता है।
आमतौर पर—
- हेड कोच की सहमति
- या कम से कम जानकारी
ज़रूरी मानी जाती है।
लेकिन गिलेस्पी के मुताबिक, PCB ने यह भी जरूरी नहीं समझा।
यहीं से मामला सिर्फ प्रोफेशनल मतभेद का नहीं रहा, बल्कि सम्मान और अधिकार का बन गया।
परफॉर्मेंस ठीक-ठाक, फिर भी टकराव
दिलचस्प बात यह है कि गिलेस्पी के कार्यकाल में पाकिस्तान टेस्ट टीम का प्रदर्शन कोई बड़ा फ्लॉप नहीं था।
- इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में जीत
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में ऐतिहासिक जीत
यानी रिज़ल्ट्स पूरी तरह गिलेस्पी के खिलाफ नहीं थे। इसके बावजूद हालात ऐसे बने कि उन्होंने दिसंबर 2024 में इस्तीफा दे दिया।
यहीं से सवाल उठता है—
अगर रिज़ल्ट्स भी साथ हों, तब भी कोच सुरक्षित नहीं, तो आखिर PCB चाहता क्या है?
वेतन और बोनस का विवाद भी सामने आया
मामला यहीं खत्म नहीं होता।
अप्रैल 2025 में Tribune.com.pk की एक रिपोर्ट ने इस विवाद में नया मोड़ ला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, गिलेस्पी ने—
- इस्तीफे के बाद
- वेतन और बोनस का भुगतान न होने पर
- PCB के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि—
- इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ जीत
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे जीत
इन दोनों के लिए मिलने वाला वेतन और बोनस अभी तक बकाया है।
गिलेस्पी का आरोप है कि PCB ने “लिखित वित्तीय आश्वासनों” का पालन नहीं किया।
PCB और कोच: पुराना रिश्ता, पुराने जख्म
अगर इतिहास उठाकर देखें, तो जेसन गिलेस्पी अकेले नहीं हैं।
पिछले कुछ सालों में—
- मिकी आर्थर
- वेटोरी (शॉर्ट टर्म रोल)
- ग्रांट ब्रैडबर्न
- और अब गिलेस्पी
लगभग हर विदेशी कोच का अनुभव PCB के साथ अधूरा या विवादित ही रहा है।
कारण अलग-अलग बताए गए, लेकिन पैटर्न एक ही रहा—
- दखलअंदाज़ी
- स्पष्ट रोल की कमी
- भुगतान से जुड़े विवाद
- और सम्मान की कमी
पाकिस्तान क्रिकेट की सबसे बड़ी समस्या क्या है?
यह सवाल अब सिर्फ गिलेस्पी तक सीमित नहीं रहा।
- क्या PCB में पावर स्ट्रक्चर बहुत बिखरा हुआ है?
- क्या कोच को सिर्फ नाम का हेड बनाया जाता है?
- क्या लॉन्ग-टर्म प्लानिंग की जगह शॉर्ट-टर्म फैसले हावी हैं?
जब एक अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर खुले मंच पर “बेइज्जती” जैसे शब्द इस्तेमाल करता है, तो यह सिर्फ इमोशनल रिएक्शन नहीं माना जा सकता।
विदेशी कोच अब क्यों हिचकिचाएंगे?
गिलेस्पी का बयान भविष्य के लिए भी एक बड़ा संकेत है।
जो भी विदेशी कोच पाकिस्तान की नौकरी पर विचार करेगा, वह अब यह सवाल जरूर पूछेगा—
- क्या रोल साफ है?
- क्या कॉन्ट्रैक्ट सुरक्षित है?
- क्या फैसलों में सम्मान मिलेगा?
क्योंकि अगर रिज़ल्ट्स देने के बाद भी हालात ऐसे हों, तो यह नौकरी रिस्क बन जाती है।
समस्या गिलेस्पी नहीं, सिस्टम है
जेसन गिलेस्पी का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। यह पाकिस्तान क्रिकेट के उस सिस्टम की कहानी है, जहां—
- कोच बदल जाते हैं
- लेकिन सोच नहीं बदलती
जब तक PCB प्रोफेशनलिज़्म, स्पष्ट कम्युनिकेशन और सम्मान को प्राथमिकता नहीं देगा, तब तक यह सिलसिला चलता रहेगा।
गिलेस्पी चले गए।
कल कोई और आएगा।
लेकिन सवाल वही रहेगा—
क्या पाकिस्तान क्रिकेट अपने कोच को टिकने देगा?















