Bumrah – दिल्ली में 93 रनों की जीत जितनी यादगार रही, उतनी ही चुपचाप एक और रिकॉर्ड बुक में एंट्री हो गई। जसप्रीत बुमराह—चार ओवर, सिर्फ 20 रन, एक विकेट… और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा डॉट गेंद फेंकने वाले गेंदबाज बन गए।
कई बार चमकते आंकड़े विकेट होते हैं। लेकिन असली दबाव? वह डॉट गेंदें बनाती हैं। और बुमराह इस कला के उस्ताद हैं।
237 डॉट गेंदें: नया भारतीय रिकॉर्ड
नामीबिया के खिलाफ मुकाबले के बाद बुमराह के नाम टी20 वर्ल्ड कप में 19 मैचों में 237 डॉट गेंदें हो चुकी हैं। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन (235) को पीछे छोड़ दिया।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सर्वाधिक डॉट गेंदें:
| डॉट गेंदें | गेंदबाज |
|---|---|
| 237 | जसप्रीत बुमराह |
| 235 | रविचंद्रन अश्विन |
| 218 | रवींद्र जडेजा |
| 175 | हार्दिक पांड्या |
| 168 | अर्शदीप सिंह |
यह सिर्फ संख्या नहीं है। यह उस निरंतरता का प्रमाण है जो बुमराह बड़े मंच पर दिखाते आए हैं। टी20 में जहां हर गेंद पर रन बनाना बल्लेबाज की प्राथमिकता होती है, वहां डॉट गेंदें सोने के बराबर होती हैं।
किफायती स्पेल, सटीक असर
नामीबिया के खिलाफ बुमराह ने 4 ओवर में सिर्फ 20 रन दिए और रूबेन ट्रम्पेलमैन (6) का विकेट झटका। उनका इकॉनमी रेट फिर से 5 के आसपास रहा—जो टी20 के दौर में असाधारण माना जाता है।
भारतीय गेंदबाजी प्रदर्शन (नामीबिया मैच):
| गेंदबाज | विकेट | रन |
|---|---|---|
| वरुण चक्रवर्ती | 3 | 7 |
| हार्दिक पांड्या | 2 | 21 |
| अक्षर पटेल | 2 | 20 |
| जसप्रीत बुमराह | 1 | 20 |
| अर्शदीप सिंह | 1 | — |
| शिवम दुबे | 1 | — |
वरुण ने भले तीन विकेट लिए हों, लेकिन बुमराह की डॉट गेंदों ने नामीबिया को सांस लेने का मौका नहीं दिया।
विकेट रेस भी दिलचस्प
टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट का रिकॉर्ड फिलहाल रविचंद्रन अश्विन (33) के नाम है। लेकिन यह रिकॉर्ड खतरे में दिख रहा है।
| खिलाड़ी | मैच | विकेट |
|---|---|---|
| आर. अश्विन | 24 | 33 |
| अर्शदीप सिंह | 16 | 30 |
| जसप्रीत बुमराह | 19 | 27 |
अर्शदीप सिर्फ तीन विकेट पीछे हैं, और बुमराह भी 27 पर पहुंच चुके हैं। यानी आने वाले मुकाबलों में यह सूची बदल सकती है।
जीत की कहानी
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209/9 का स्कोर बनाया—टी20 वर्ल्ड कप में रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत की नींव रखी। ईशान किशन ने 24 गेंदों में 61 रन ठोके, जबकि हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रन जोड़े।
जवाब में नामीबिया 18.2 ओवर में 116 पर सिमट गई। अंतिम आठ विकेट सिर्फ 30 रन में गिरे—यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय गेंदबाजी ने दबाव कैसे बनाया।
पाकिस्तान मुकाबले से पहले संकेत
अब भारत का अगला मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में पाकिस्तान से है। ऐसे हाई-वोल्टेज मैच में बुमराह की भूमिका और अहम हो जाती है। नई गेंद, डेथ ओवर्स और डॉट गेंदों का दबाव—यही बड़े मैचों की कुंजी होती है।
दिल्ली में 237 डॉट गेंदों का रिकॉर्ड बना।
कोलंबो में शायद अगला अध्याय लिखा जाएगा।
जसप्रीत बुमराह की खासियत यही है—वह हमेशा हाइलाइट में नहीं होते, लेकिन मैच की धड़कन उन्हीं की लय पर चलती है।















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