Root : जो रूट का कोलंबो शतक – विराट कोहली के और करीब पहुंचे

Atul Kumar
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Root – जो रूट इस वक्त सिर्फ रन नहीं बना रहे, बल्कि चुपचाप इतिहास की तरफ बढ़ रहे हैं। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे में इंग्लैंड के इस दिग्गज बल्लेबाज़ ने एक और शानदार शतक जड़कर यह साफ कर दिया कि उनकी फॉर्म कोई अस्थायी दौर नहीं, बल्कि निरंतरता की मिसाल है। 108 गेंदों पर 9 चौकों और 1 छक्के के साथ खेली गई यह पारी उतनी ही संयमित थी, जितनी घातक।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 50 ओवरों में 357/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया, और इस स्कोर की नींव में सबसे मजबूत ईंट जो रूट ही थे। श्रीलंकाई गेंदबाजों के लिए यह दिन लंबा और थकाऊ रहा।

कोलंबो में रूट का क्लासिक शो

यह रूट की वह पारी थी, जहां उन्होंने न कोई जल्दबाजी दिखाई, न कोई जोखिम भरा प्रयोग। स्ट्राइक रोटेशन, गैप्स में गेंद और खराब गेंदों पर सख्त सज़ा—सब कुछ पाठ्यपुस्तक जैसा।

श्रीलंका की पिच पर जहां कई बल्लेबाज़ लय तलाशते दिखे, वहीं रूट शुरू से ही सहज नजर आए। स्पिन के खिलाफ उनके फुटवर्क ने गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी, जबकि तेज गेंदबाजों को उन्होंने कवर और मिडविकेट के बीच लगातार निशाना बनाया।

विराट कोहली की ओर बढ़ता एक और कदम

इस शतक के साथ जो रूट ने सिर्फ मैच पर पकड़ नहीं बनाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शतकों की रेस में भी एक और मजबूत कदम आगे बढ़ा दिया।

सक्रिय खिलाड़ियों में अब रूट 61 शतकों के साथ दूसरे स्थान पर मजबूती से खड़े हैं। विराट कोहली भले ही 85 शतकों के साथ अभी भी काफी आगे हों, लेकिन रूट की निरंतरता उन्हें बाकी ‘फैब-4’ से अलग कर रही है।

खिलाड़ीअंतरराष्ट्रीय शतक
विराट कोहली85
जो रूट61*
रोहित शर्मा50
स्टीव स्मिथ49
केन विलियमसन48

फैब-4 में सबसे ज्यादा निरंतर कौन?

फैब-4—कोहली, रूट, स्मिथ और विलियमसन—इन चारों की तुलना क्रिकेट की सबसे चर्चित बहसों में से एक रही है। लेकिन अगर निरंतरता की बात करें, तो रूट का नाम सबसे ऊपर आता है।

फॉर्मेट कोई भी हो, कंडीशन कैसी भी हो—रूट का बल्ला शांत रहता है, लेकिन रन बोलते रहते हैं। यही वजह है कि वह चुपचाप बाकी समकालीन सितारों से आगे निकलते जा रहे हैं।

जो रूट का करियर: आंकड़ों से कहीं आगे

2012 में भारत के खिलाफ नागपुर टेस्ट से इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले जो रूट ने पिछले एक दशक में खुद को इंग्लैंड क्रिकेट की रीढ़ बना लिया है।

टेस्ट करियर:
163 मैच
13,943 रन
औसत: 51.07
41 शतक, 6 दोहरे शतक

वनडे करियर:
189 मैच
7,577 रन
औसत: 49.52
20 शतक

टी20 अंतरराष्ट्रीय:
32 मैच
893 रन
5 अर्धशतक

2019 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की खिताबी जीत के दौरान रूट के 556 रन उस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी थे।

क्यों खास है यह शतक?

यह शतक सिर्फ रन या रिकॉर्ड की वजह से खास नहीं है।
यह उस दौर में आया है, जब वनडे क्रिकेट को लेकर सवाल उठ रहे हैं—क्या यह फॉर्मेट धीमा हो रहा है?

जो रूट जैसे बल्लेबाज़ हर बार जवाब देते हैं—
सही बल्लेबाजी कभी आउट ऑफ फैशन नहीं होती।

श्रीलंका के लिए पहाड़ जैसा लक्ष्य

357 रन का पीछा किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता, खासकर जब सामने इंग्लैंड की गहराई वाली गेंदबाजी हो। रूट की पारी ने मैच को एकतरफा मोड़ पर ला खड़ा किया है।

अब सवाल यह नहीं कि इंग्लैंड ने कितना बड़ा स्कोर बनाया, बल्कि यह है—
क्या श्रीलंका इस दबाव को झेल पाएगा?

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