Ashes – ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज की शुरुआत भले ही तूफ़ानी रही हो—लेकिन दूसरे टेस्ट से पहले कंगारू टीम को एक बड़ा झटका लग चुका है।
पर्थ में खेले गए पहले मुकाबले में ट्रेविस हेड के धमाकेदार शतक और दमदार गेंदबाज़ी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने मैच को सिर्फ दो दिन में समाप्त कर दिया और इंग्लैंड को 8 विकेट से रौंद दिया।
लेकिन ब्रिस्बेन टेस्ट से पहले जोश हेज़लवुड एक बार फिर फिटनेस समस्या के कारण बाहर हो गए हैं—और यही टीम की सबसे बड़ी चिंता बन रहा है।
जोश हेज़लवुड फिर बाहर—ऑस्ट्रेलिया की दिक्कतें बढ़ीं
दूसरा एशेज टेस्ट 4 दिसंबर से ब्रिस्बेन में खेला जाएगा, और उससे पहले ऑस्ट्रेलिया को यह साफ हो गया है कि तेज गेंदबाज हेज़लवुड इस मैच में उपलब्ध नहीं होंगे।
हेज़लवुड को शेफ़ील्ड शील्ड के दौरान हैमस्ट्रिंग संबंधी समस्या हुई थी, जिसकी वजह से वे पर्थ टेस्ट में भी नहीं खेल पाए थे।
अब वे टीम के साथ जुड़ तो रहे हैं, लेकिन सिर्फ रिहैब जारी रखने के लिए।
हेड कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड ने ESPNcricinfo को बताया:
“वह अभी अपने रिहैब के पहले सप्ताह में हैं… हम तब ही कोई अपडेट देंगे जब टाइमलाइन बिल्कुल स्पष्ट होगी।”
इसका मतलब है—दूसरे टेस्ट में हेज़लवुड की अनुपस्थिति तय है, और उनकी वापसी फिलहाल अनिश्चित है।
कमिंस की वापसी—एक राहत
हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया के लिए राहत की बात यह है कि नियमित कप्तान पैट कमिंस पीठ की चोट से उबर चुके हैं और उनकी ब्रिस्बेन टेस्ट में वापसी लगभग तय है।
कमिंस की मौजूदगी टीम की गेंदबाज़ी को फिर से संतुलित करेगी, खासतौर पर हेज़लवुड की गैरमौजूदगी में।
एशेज स्कोरलाइन—ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे
पहले टेस्ट में:
- इंग्लैंड दो दिन में ढह गया
- ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से मैच जीता
- ट्रेविस हेड ने शतक जड़ा
- गेंदबाजों ने इंग्लैंड की बैटिंग लय तोड़ दी
अब ब्रिस्बेन टेस्ट का भार पूरी तरह कमिंस–स्टार्क–नैसर की तिकड़ी पर है, जबकि इंग्लैंड टीम जोरदार वापसी की कोशिश करेगी।
हेज़लवुड की चोट—कैसे बदल सकती है एशेज की दिशा?
हेज़लवुड:
- स्विंग + नियंत्रण का ब्रांड
- इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक रूप से प्रभावी
- लंबे स्पेल डालने में माहिर
उनकी अनुपस्थिति ब्रिस्बेन जैसी तेज विकेटों पर फर्क डाल सकती है, खासकर अगर मैच लंबा चलता है।
ऑस्ट्रेलिया को अब टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव पर विचार करना पड़ सकता है।















