KKR – कभी ईडन गार्डन्स की फ्लडलाइट्स के नीचे एबी डिविलियर्स का विकेट गिराता एक युवा लेग-स्पिनर, और आज वही खिलाड़ी सोशल मीडिया पर अपने क्रिकेट सफर को अलविदा कह रहा है।
केसी करियप्पा ने 31 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, कोई शोर नहीं—बस एक भावुक पोस्ट, जिसमें एक पूरे दौर की कहानी सिमट गई।
आईपीएल की चमक, घरेलू क्रिकेट की मेहनत और अंत में एक शांत विदाई। करियप्पा का सफर शायद लंबा नहीं था, लेकिन खाली भी नहीं था।
“मैंने वो सपना जिया, जिसकी सिर्फ कल्पना की थी”
संन्यास की घोषणा करियप्पा ने सोशल मीडिया के जरिए की। शब्दों में गर्व भी था, सुकून भी और थोड़ी सी टीस भी।
उन्होंने लिखा,
“जहां से यह सब शुरू हुआ, वहां से स्टेडियम की लाइटों तक और गर्व से जर्सी पहनने तक, मैंने वो सपना जीया जिसकी मैंने कभी सिर्फ कल्पना की थी। आज, मैं ऑफिशियली बीसीसीआई क्रिकेट से अपने रिटायरमेंट की घोषणा करता हूं।”
यह सिर्फ एक रिटायरमेंट नोट नहीं था, बल्कि उन तमाम खिलाड़ियों की आवाज़ थी जो सिस्टम के भीतर सालों जूझते हैं—कभी मौके मिलते हैं, कभी नहीं।
आईपीएल डेब्यू, एबी डिविलियर्स और अचानक मिला फेम
करियप्पा का नाम सबसे पहले बड़े मंच पर तब गूंजा, जब आईपीएल 2015 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 2.4 करोड़ रुपये में खरीदा। उस सीजन उनका डेब्यू रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हुआ—और पहली ही झलक में उन्होंने एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज को आउट कर दिया।
उस एक गेंद ने उन्हें पहचान दिला दी। लगा था कि यह सिर्फ शुरुआत है।
लेकिन क्रिकेट अक्सर वैसा नहीं चलता, जैसा स्क्रिप्ट में लिखा होता है।
केकेआर, पंजाब और बार-बार बदलती टीमें
करियप्पा का आईपीएल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा।
- केकेआर (2015) – डेब्यू सीजन, एक मैच, फिर रिलीज
- किंग्स इलेवन पंजाब (2016) – 9 मैच, 7 विकेट
- केकेआर (2019) – वापसी, लेकिन सिर्फ 1 मैच
- राजस्थान रॉयल्स – 3 सीजन, एक भी मैच नहीं
कुल मिलाकर:
- 11 आईपीएल मैच
- 8 विकेट
केकेआर ने उनके संन्यास पर ‘एक्स’ पर लिखा,
“पर्पल एंड गोल्ड में आपके एफर्ट और यादों के लिए शुक्रिया। आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं।”
घरेलू क्रिकेट: जहां असली मेहनत दिखी
आईपीएल से बाहर होने के बाद करियप्पा का सफर रुका नहीं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खुद को बार-बार साबित किया।
- कर्नाटक के लिए
- 2021 में लिस्ट-ए डेब्यू
- मिजोरम के लिए
- 2024 में फर्स्ट क्लास डेब्यू
- आखिरी मैच: 31 दिसंबर 2025, विजय हजारे ट्रॉफी बनाम मणिपुर
उनके घरेलू आंकड़े बताते हैं कि यह सिर्फ “आईपीएल वाला खिलाड़ी” नहीं था:
| फॉर्मेट | मैच | विकेट |
|---|---|---|
| फर्स्ट क्लास | 14 | 75 |
| लिस्ट ए | 20 | 24 |
| टी20 | 58 | 58 |
धन्यवाद, कर्नाटक… धन्यवाद, मिजोरम
अपने पोस्ट में करियप्पा ने दो संस्थाओं का खास तौर पर जिक्र किया।
उन्होंने लिखा,
“मुझे बनाने, मेरा मार्गदर्शन करने और जब सबसे ज्यादा जरूरत थी तब मुझपर विश्वास करने के लिए मैं कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन का शुक्रगुजार हूं। मिजोरम क्रिकेट एसोसिएशन का मुझपर भरोसा करने और परिवार की तरह मेरा साथ देने के लिए धन्यवाद।”
यह लाइन दिखाती है कि जब बड़े दरवाज़े बंद होते हैं, तब छोटे क्रिकेट स्टेट्स कैसे खिलाड़ियों को दूसरा मौका देते हैं।
क्यों खास है करियप्पा की कहानी?
केसी करियप्पा की कहानी उन सैकड़ों क्रिकेटरों जैसी है, जो:
- कम उम्र में बड़ा कॉन्ट्रैक्ट पाते हैं
- फिर सिस्टम में कहीं पीछे छूट जाते हैं
- लेकिन हार नहीं मानते
















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