Pant – कोलकाता टेस्ट की धुंध अभी छटी भी नहीं थी कि बीसीसीआई ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया—और स्क्वॉड देखकर पहला एहसास यही हुआ: यह सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि 2027 वर्ल्ड कप की शुरुआती ईंट रखे जाने जैसा कदम है।
चोटें, वापसी, आराम, प्रयोग—सब कुछ एक साथ दिखता है, जैसे चयनकर्ताओं ने लंबी दौड़ वाली रणनीति सामने रख दी हो।
1. कप्तान केएल राहुल—गिल-आय्यर की चोट के बाद दोहरी जिम्मेदारी
भारत के वनडे सेटअप में राहुल की भूमिका लंबे समय से चर्चित रही है, लेकिन इस बार वे सिर्फ विकेटकीपर-बल्लेबाज़ नहीं, सीरीज के कप्तान बनकर उतरेंगे।
नियमित कप्तान शुभमन गिल कोलकाता टेस्ट में गर्दन की चोट से उबर नहीं पाए, और उपकप्तान श्रेयस अय्यर भी सिलेक्शन के लिए फिट नहीं थे। ऐसे में राहुल को नेतृत्व सौंपना स्वाभाविक था।
राहुल इस सीरीज में
— कप्तानी
— मिडिल-ऑर्डर बैटिंग
— विकेटकीपिंग
तीनों जिम्मेदारियां निभाएंगे।
यह चयन यह भी दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट 50-ओवर फ़ॉर्मेट में राहुल को एक स्थायी स्तंभ के रूप में देखना चाहता है—कम से कम गिल की वापसी तक।
2. विराट कोहली और रोहित शर्मा की मौजूदगी—2027 वर्ल्ड कप का संकेत?
यह चयन का सबसे बड़ा संदेश है।
बीते महीनों में अटकलें थीं कि कोहली और रोहित वनडे में अब लंबा नहीं खेलेंगे, या चयनकर्ता नई टीम तैयार करेंगे।
लेकिन दोनों को सीरीज के लिए टीम में शामिल करना बताता है कि योजना साफ है:
अनुभव अभी भी भारतीय वनडे ढांचे का केंद्र रहेगा।
रोहित–कोहली की जोड़ी टॉप ऑर्डर को वह स्थिरता देती है जिसकी भारत को अक्सर कमी महसूस होती है, खासकर बाहरी परिस्थितियों में। और चयनकर्ताओं का यह फैसला 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी की शुरुआती ब्लूप्रिंट जैसा लग रहा है—जहाँ युवा और अनुभवी खिलाड़ी बराबरी से शामिल होंगे।
3. ऋषभ पंत की वापसी—15 महीने बाद वनडे मैदान पर वापसी का दिन
यह चयन सिर्फ टीम की आवश्यकता नहीं—एक भावनात्मक पल भी है।
पंत ने आखिरी वनडे अगस्त 2024 में खेला था, इसके बाद चोट ने उन्हें लगभग 15 महीने वनडे टीम से दूर रखा।
अब वह फिर विकेटकीपर–बल्लेबाज़ के रूप में लौट रहे हैं।
दिलचस्प ये है कि पंत की वापसी के बावजूद
ध्रुव जुरेल टीम में बने हुए हैं।
इसका संकेत साफ है—भारत पंत को जल्दबाज़ी में सभी मैच नहीं खिलाएगा।
उनकी फिटनेस, मूवमेंट और मैच-इंटेनसिटी को इस सीरीज में बारीकी से मॉनिटर किया जाएगा।
4. युवा ब्रिगेड—तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ को बड़ी जिम्मेदारी
गिल और अय्यर के बाहर होने से मध्यक्रम में ऐसा स्पेस बना जो प्रदर्शन से भरा जा सकता है।
यहीं पर चयनकर्ताओं ने तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ पर भरोसा जताया है।
गायकवाड़ की हालिया फॉर्म चयन की सबसे बड़ी वजह बनी:
| मैच | रन |
|---|---|
| भारत A vs SA A (राजकोट) | 117 |
| भारत A vs SA A | नाबाद 68 |
| भारत A vs SA A | 25 |
उन्होंने मौके को पकड़ा और टीम इंडिया की दरवाजे पर दस्तक दी—और इस बार दरवाज़ा खुल गया।
गायकवाड़ ने अब तक 6 वनडे खेले हैं और आखिरी मैच भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था।
तिलक के लिए यह सीरीज साबित कर सकती है कि वे 50-ओवर फ़ॉर्मेट में भी उतने ही भरोसेमंद हैं जितने T20 में दिखे हैं।
5. बुमराह–सिराज को आराम, सिर्फ तीन फ्रंटलाइन पेसर टीम में
सबसे ध्यान खींचने वाली बात—जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज दोनों ही धर्मशाला–कोलकाता टेस्ट्स के बाद वनडे टीम में नहीं चुने गए।
कार्यभार प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट) के चलते वे पूरी तरह आराम पर हैं।
इस सीरीज में भारत के पास केवल तीन मुख्य पेसर होंगे:
| पेसर | भूमिका |
|---|---|
| अर्शदीप सिंह | नई गेंद + डेथ |
| हर्षित राणा | युवाजन ऊर्जा, हिट द डेक |
| प्रसिद्ध कृष्णा | मध्य ओवर, उछाल |
तीस मैचों के बाद बुमराह का वनडे वापसी इंतजार में है—उनकी आखिरी ODI उपस्थिति 2023 विश्व कप फाइनल (अहमदाबाद) में थी।
स्पष्ट है: फिलहाल प्राथमिकता टेस्ट और T20 फॉर्मेट का कार्यभार संतुलित करना है।
भारतीय वनडे स्क्वॉड vs दक्षिण अफ्रीका
| खिलाड़ी | भूमिका |
|---|---|
| रोहित शर्मा | ओपनर |
| यशस्वी जायसवाल | ओपनर |
| विराट कोहली | बैटिंग एंकर |
| तिलक वर्मा | मिडिल ऑर्डर |
| केएल राहुल (कप्तान, WK) | कप्तानी + कीपिंग |
| ऋषभ पंत (WK) | विकेटकीपर–बल्लेबाज़ |
| वॉशिंगटन सुंदर | ऑलराउंडर |
| रविंद्र जडेजा | ऑलराउंडर |
| कुलदीप यादव | स्पिनर |
| नीतीश कुमार रेड्डी | ऑलराउंडर |
| हर्षित राणा | पेसर |
| रुतुराज गायकवाड़ | बैट्समैन |
| प्रसिद्ध कृष्णा | पेसर |
| अर्शदीप सिंह | पेसर |
| ध्रुव जुरेल | WK-बैट्समैन |
यह स्क्वॉड किस दिशा की ओर इशारा करता है?
— अनुभवी कोर (रोहित–कोहली–राहुल–जडेजा) अभी भी योजना के केंद्र में है
— पंत, तिलक, गायकवाड़ और जुरेल जैसे खिलाड़ी वर्ल्ड कप 2027 के संभावित स्तंभ हैं
— वर्कलोड मैनेजमेंट भारत की टीम संरचना का स्थायी हिस्सा बन चुका है
— चयनकर्ताओं का उद्देश्य स्पष्ट है:
पुराने भरोसे और नए खून के बीच संतुलित वनडे टीम तैयार करना















