KL Rahul – राजकोट की रात में जब भारतीय पारी लड़खड़ा रही थी, तब स्कोरबोर्ड पर एक नाम लगातार चमक रहा था—केएल राहुल। मैच भारत हार गया, लेकिन उस हार के बीच राहुल की पारी ने कुछ ऐसा छोड़ा, जिसे सिर्फ रन में नहीं मापा जा सकता। शायद यही वजह है कि इस शतक पर सबसे भावुक प्रतिक्रिया ड्रेसिंग रूम से नहीं, बल्कि घर से आई।
सुनील शेट्टी, बॉलीवुड अभिनेता और केएल राहुल के ससुर, ने इस शतक को सिर्फ एक आंकड़ा नहीं माना—उन्होंने इसके पीछे का शांत स्वभाव, धैर्य और चरित्र देखा।
“स्कोरबोर्ड शतक देखेगा, मैंने शांत स्वभाव देखा”
मैच खत्म होने के बाद सुनील शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर राहुल के शतक का सेलिब्रेशन शेयर किया और कैप्शन में लिखा:
“अलग पोजीशन, वही शांत, वही कैरेक्टर…
स्कोरबोर्ड शतक याद रखेगा।
मैं इसके पीछे का शांत स्वभाव याद रखूंगा… हमेशा।
आप पर गर्व है बेटे केएल राहुल।”
यह एक ससुर का गर्व था, लेकिन उससे कहीं ज्यादा एक क्रिकेटर की मानसिकता की पहचान।
मुश्किल वक्त में आया राहुल का शतक
यह कोई फ्लैट पिच पर आई आसान सेंचुरी नहीं थी।
जब केएल राहुल बल्लेबाज़ी के लिए आए—
- टीम का स्कोर: 115 रन
- विकेट: 3 गिर चुके थे
- दबाव: पूरी तरह भारत पर
नंबर 5 पर उतरकर राहुल ने न सिर्फ पारी संभाली, बल्कि उसे सम्मानजनक अंजाम तक पहुंचाया।
केएल राहुल की पारी (दूसरा ODI):
| रन | गेंद | चौके | छक्के | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| 112* | 92 | 11 | 1 | 121.74 |
दूसरे छोर से सहयोग सीमित रहा।
- रविंद्र जडेजा: 27 रन
- नितीश कुमार रेड्डी: 20 रन
लेकिन राहुल ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने वही किया, जो सीनियर बल्लेबाज़ करते हैं—आख़िर तक टिके रहे।
हार में भी क्यों खास रही यह पारी?
भारत मैच हार गया—इसके कई कारण रहे।
मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं मिले, फील्डिंग चूकी, गेंदबाज़ी में निरंतरता नहीं रही।
लेकिन राहुल की पारी ने यह साफ कर दिया कि:
- भारत के पास मिडिल ऑर्डर में भरोसेमंद स्तंभ है
- और मुश्किल हालात में भी घबराहट नहीं
मिडिल ऑर्डर में केएल राहुल: नया अवतार
वनडे क्रिकेट में जब से केएल राहुल ने ओपनिंग छोड़कर मिडिल ऑर्डर अपनाया है, उनकी बल्लेबाज़ी में अलग परिपक्वता दिखी है।
अब वह:
- गेम को पढ़ते हैं
- हालात के हिसाब से गति बदलते हैं
- और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाते हैं
जरूरत पड़ने पर कप्तानी भी—और हर रोल में फिट।
वडोदरा की यादें अभी ताज़ा हैं
यह शतक अचानक नहीं आया।
सीरीज़ के पहले मुकाबले में, वडोदरा में—
- 21 गेंदों पर नाबाद 29 रन
- 2 चौके, 1 छक्का
- स्ट्राइक रेट: 138+
- और मैच का फिनिश
यानी राहुल लगातार वही कर रहे हैं—जहां टीम फंसी, वहां जिम्मेदारी।
शांत स्वभाव, बड़ी ताकत
केएल राहुल कभी सबसे ज़्यादा शोर मचाने वाले खिलाड़ी नहीं रहे।
न कोई उछाल भरा सेलिब्रेशन, न आक्रामक बयान।
लेकिन यही उनका सबसे बड़ा हथियार है।
सुनील शेट्टी की बात शायद इसलिए इतनी गूंजती है—क्योंकि उन्होंने रन नहीं, कैरेक्टर की बात की।















