World Cup – बेंगलुरु की दोपहर हो या मुंबई के वानखेड़े का शोर—भारतीय क्रिकेट में एक नाम बार-बार लौट आता है: विराट कोहली। और अब इस नाम के इर्द-गिर्द एक नई बहस छिड़ गई है—क्या विराट सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों की बराबरी कर सकते हैं?
यह सवाल हवा में नहीं उठा। इसे सीधे क्रिकेट के भगवानों में गिने जाने वाले सुनील गावस्कर ने उठाया है—वह भी पूरे आत्मविश्वास के साथ।
गावस्कर का दावा है कि विराट कोहली सिर्फ बराबरी ही नहीं कर सकते, बल्कि इसके बेहद करीब खड़े हो चुके हैं। और अगर वह अगले तीन साल और खेलते हैं, तो यह रिकॉर्ड उनकी पहुंच से बाहर नहीं है। कोहली अभी 84 अंतरराष्ट्रीय शतक लगा चुके हैं। गणित कहता है—16 शतक और चाहिए।
क्रिकेट कहता है—गति और फॉर्म विराट जैसी हो तो कुछ भी मुमकिन है।
गावस्कर की भविष्यवाणी—“क्यों नहीं? 3 साल और… और 16 शतक”
जियोहॉस्टार से बातचीत में गावस्कर ने बिल्कुल सपाट लहजे में कहा:
“क्यों नहीं? अगर वह तीन साल और खेलते हैं, तो उसे यहां से सिर्फ 16 शतक और चाहिए।”
यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन 16 शतक लगाने का मतलब है औसतन हर 7–8 मैच में एक शतक।
पर दिलचस्प बात यह है कि कोहली पिछले कुछ महीनों में उसी फेज़ में लौट आए हैं, जब वह हर कुछ मैचों में शतक मार देते थे।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज—
302 रन
दो शतक
एक नाबाद अर्धशतक
और प्लेयर ऑफ द सीरीज।
तीन मैचों में पहली बार 300+ रन।
यह वाला कोहली वही पुराना, रनों से भरा हुआ, आत्मविश्वासी, सहज कोहली है।
“न्यूज़ीलैंड आएगा… तो शतक 86 तक पहुँच सकते हैं”
गावस्कर ने आगे कहा:
“अगर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में दो और शतक बनाता है, तो 86 तक पहुंच जाएगा। वहां से 100 मुश्किल नहीं।”
इस तर्क में दम है।
विराट एक बार स्कोरिंग मोड में आ जाएं, तो लंबी शृंखलाओं में शतक पिरोना उनके करियर की पहचान रहा है।
और भारतीय टीम अगले दो साल में लगभग 35 वनडे खेलेगी—2027 वर्ल्ड कप तक।
क्या यह वास्तविक है? 35 वनडे, 16 शतक… संभव?
कागज़ पर थोड़ा कठिन लगता है—
35 मैचों में 16 शतक का मतलब 45% मैचों में शतक।
लेकिन दो बातें इस संभावना को मजबूत बनाती हैं:
- विराट सिर्फ वनडे में सक्रिय हैं—उनकी पूरी तैयारी, फोकस, शारीरिक लोड… सब एक ही फॉर्मेट पर केंद्रित है।
- उनका खेल उम्र के साथ और परफेक्ट हुआ है—शॉट्स कम, जोखिम कम, विकेट की कीमत ज्यादा।
और सच बात यह है—95 शतक भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
पर गावस्कर की तरह कई विश्लेषक अब मानने लगे हैं कि 100 का आंकड़ा अब फिर से चर्चा में है।
“2027 वर्ल्ड कप के बाद भी खेल सकते हैं”
शायद यह इस चर्चा का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।
गावस्कर का मानना है कि कोहली 2027 वर्ल्ड कप के बाद भी खेलेंगे।
विराट अभी 36 के हैं।
38–39 तक उनका फिटनेस ग्राफ ध्यान में रखें तो खेलना कोई मुश्किल बात नहीं।
क्रिकेट में यह एक दुर्लभ दृश्य है—खिलाड़ी बुजुर्ग नहीं होते, बल्कि उनकी भूमिका बदल जाती है।
कोहली अब उस चरण में हैं जहां अनुभव, स्किल और फिटनेस तीनों बराबर चल रहे हैं।
अंतिम दशक की झलक—यह कोहली का दूसरा प्राइम है
पिछली 10 वनडे पारियों में कोहली ने:
3 शतक
एक 90+
और एक 65*
यह ग्राफ 2016 वाला कोहली याद दिलाता है—स्टैंडर्ड इतना ऊँचा कि 60 की औसत सामान्य लगती है।
क्या सचिन का रिकॉर्ड वाकई टूट सकता है?
आंकड़े कहते हैं—कठिन है।
फॉर्म कहता है—संभव है।
गावस्कर कहते हैं—क्यों नहीं।
और कोहली का करियर कहता है—अगर उन्हें असंभव कहो, तो वह वही करके दिखाते हैं।















