SA20 – आईपीएल 2025 में अभी तीन महीने से ज़्यादा का वक्त बचा है, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सीज़न शुरू हो चुका है। नेट्स नहीं, कैंप नहीं—सीधा दक्षिण अफ्रीका का टिकट।
फ्रेंचाइज़ी ने तय कर लिया है कि इंतज़ार करने का कोई मतलब नहीं। जो काम मार्च में होना चाहिए, वह दिसंबर में शुरू होगा।
एलएसजी अपने घरेलू तेज़ गेंदबाज़ों को SA20 लीग के दौरान डरबन भेजने की तैयारी में है, जहां वे डरबन सुपर जायंट्स के सेटअप के साथ ट्रेनिंग करेंगे। मक़सद साफ है—रिहैब, रिदम और रेडीनेस।
SA20 के बीच IPL की तैयारी
SA20 लीग 26 दिसंबर से शुरू होकर करीब एक महीने तक चलेगी।
इसी दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स अपने गेंदबाज़ों को डरबन भेजना चाहती है, ताकि वे:
- मैच जैसी कंडीशंस में गेंदबाज़ी कर सकें
- चोट से वापसी की प्रक्रिया तेज़ हो
- और IPL से पहले पूरी तरह मैच-रेडी हों
यह प्लान सिर्फ ट्रेनिंग का नहीं है, यह लोड मैनेजमेंट और रिकवरी का इंटरनेशनल मॉडल है।
आवेश और मोहसिन: वापसी की असली कहानी
शुरुआती शॉर्टलिस्ट में दो नाम सबसे ऊपर हैं:
- आवेश खान
- मोहसिन खान
क्यों खास है यह दौरा?
- आवेश खान ने पिछले IPL के बाद कोई मैच नहीं खेला
- मोहसिन खान पिछले पूरे IPL सीज़न में नहीं खेले
- दोनों लंबे समय से चोट और रिहैब के दौर से गुजर रहे हैं
- अब दोनों ने धीरे-धीरे गेंदबाज़ी शुरू की है
दक्षिण अफ्रीका की तेज़ पिचें और खुला माहौल—कम दबाव, ज़्यादा कंट्रोल—यही वजह है कि LSG ने यह रास्ता चुना।
नमन तिवारी: करोड़ की खरीद, तुरंत निवेश
एलएसजी ने हाल ही में अबू धाबी मिनी-ऑक्शन में
20 साल के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ नमन तिवारी को 1 करोड़ रुपये में खरीदा।
दिलचस्प बात यह है कि:
- नमन विजय हजारे ट्रॉफी के लिए यूपी स्क्वाड में नहीं हैं
- यानी वे भी डरबन दौरे के लिए उपलब्ध हैं
- फ्रेंचाइज़ी उन्हें “लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट” मान रही है
ऐसे में नमन का नाम भी इस ट्रेनिंग ग्रुप में शामिल हो सकता है।
BCCI की अनुमति—कोई शॉर्टकट नहीं
इन गेंदबाज़ों में से:
- किसी के पास BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं
- कोई अपनी राज्य टीम का हिस्सा नहीं
फिर भी LSG ने BCCI से औपचारिक अनुमति ली है, ताकि:
- किसी प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो
- भविष्य में कोई सवाल न उठे
यह छोटी डिटेल नहीं है—यह बताती है कि फ्रेंचाइज़ी सिस्टम के भीतर रहकर काम कर रही है।
डरबन में वही कोच, वही सोच
डरबन सुपर जायंट्स के सपोर्ट स्टाफ में ऐसे नाम हैं जो LSG के लिए भी जाने-पहचाने हैं:
- लांस क्लूजनर
- टॉम मूडी
- भरत अरुण
- कार्ल क्रो
इनमें से आख़िरी तीन LSG के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा हैं।
यानी खिलाड़ियों के लिए:
- नई जगह, लेकिन नया सिस्टम नहीं
- नई कंडीशंस, लेकिन वही मैसेज
IPL 2025: तैयारी का प्रेशर क्यों ज़्यादा है?
क्योंकि IPL 2024 में:
- LSG सातवें स्थान पर रही
- प्लेऑफ से दूर
- गेंदबाज़ी डेप्थ पर सवाल
अब टीम के पास:
- ऋषभ पंत कप्तान हैं
- बड़ा पर्स था
- और बड़े फैसले लिए गए
LSG की मिनी-ऑक्शन खरीद (2025)
| खिलाड़ी | कीमत |
|---|---|
| जोश इंगलिस | ₹8.6 करोड़ |
| मुकुल चौधरी | ₹2.6 करोड़ |
| अक्षत रघुवंशी | ₹2.2 करोड़ |
| एनरिक नॉर्खिये | ₹2 करोड़ |
| वानिंदु हसरंगा | ₹2 करोड़ |
| नमन तिवारी | ₹1 करोड़ |
22.95 करोड़ के पर्स के साथ उतरी LSG ने साफ संकेत दे दिया—
अब बहाने नहीं चलेंगे।
चोट नहीं, कंट्रोल प्राथमिकता
LSG का यह फैसला यह भी दिखाता है कि फ्रेंचाइज़ी:
- खिलाड़ियों को जल्दबाज़ी में मैदान पर नहीं उतारना चाहती
- बल्कि सही तरीके से वापसी चाहती है
आवेश और मोहसिन जैसे गेंदबाज़ अगर फिट रहे,
तो लखनऊ की पेस बैटरी पूरी तरह बदल सकती है।
IPL से पहले SA20 मॉडल—नई सोच?
यह पहली बार नहीं है जब IPL फ्रेंचाइज़ी:
- SA20
- ILT20
- या विदेशी लीग्स को
प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल कर रही है।
लेकिन LSG का केस अलग है—
यह सिर्फ एक्सपोज़र नहीं, रिकवरी प्लान है।
एक लाइन में पूरी रणनीति
LSG का मैसेज छोटा है, लेकिन साफ है:
“अगर मार्च में जीतना है, तो दिसंबर में पसीना बहाना पड़ेगा।”















