Test – गुवाहाटी टेस्ट के तीसरे दिन मार्को यान्सेन ने वह किया जिसे “घातक सिक्स” कहना बिल्कुल सही है।
गेंदबाज़ी में उन्होंने सिर्फ 19.5 ओवर में 48 रन देकर छह विकेट उड़ाए—और इससे पहले बैटिंग में 91 गेंदों पर 93 रन की धमाकेदार पारी खेली।
यान्सेन की इस ऑलराउंड परफॉर्मेंस ने न सिर्फ भारत की पारी 201 पर समेट दी, बल्कि मैच को साउथ अफ्रीका के पक्ष में एकतरफा बना दिया है।
यानी, SA की पहली पारी के 489 रन और यान्सेन के “सिक्सर” ने भारत पर हार का खतरा और भी गहरा कर दिया है।
मार्को यान्सेन का “घातक सिक्स”—गेंदबाज़ी में विनाश
भारत की पारी एक वक़्त 95/1 थी।
लेकिन अचानक—यान्सेन की गति, बाउंस और शॉर्ट-पिच रणनीति ने भारतीय बल्लेबाजों को झकझोर दिया।
केवल 27 रनों के भीतर भारत ने 6 विकेट गंवा दिए।
यान्सेन के आंकड़े:
6/48 (19.5 ओवर)
और यह प्रदर्शन भारतीय सरजमीं पर टेस्ट में SA के लिए 25 साल बाद सबसे प्रभावशाली रहा।
25 साल बाद दोहराया निकी बोजे का कारनामा
यान्सेन ने एक ही टेस्ट में:
- 50+ रन (93)
- फाइफर (6 विकेट)
जड़कर दुर्लभ उपलब्धि हासिल की।
2018 में जेसन होल्डर के बाद एशिया में ऐसा करने वाले कुछ ही मेहमान खिलाड़ियों में एक और नाम जुड़ गया।
SA के लिए भारत में यह कारनामा पिछली बार निकी बोजे (2000) ने किया था।
लिस्ट में शामिल मेहमान खिलाड़ी:
| प्लेयर | देश | साल | उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| निकी बोजे | SA | 2000 | 50+ रन + फाइफर |
| जेसन होल्डर | WI | 2018 | 50+ रन + फाइफर |
| मार्को यान्सेन | SA | 2025 | 93 रन + 6 विकेट |
भारत में विदेशी गेंदबाज़ों के टॉप स्पेल—यान्सेन की एंट्री
भारतीय पिचों पर कई दिग्गजों ने यादगार स्पेल डाले हैं। इस सूची में अब यान्सेन का नाम भी जुड़ गया है:
| स्पेल | गेंदबाज़ | देश | स्थान | साल |
|---|---|---|---|---|
| 7/46 | जॉन लीवर | इंग्लैंड | दिल्ली | 1976 |
| 7/67 | ज्यॉफ डाइमॉक | ऑस्ट्रेलिया | कानपुर | 1979 |
| 7/93 | एलन डेविडसन | ऑस्ट्रेलिया | कानपुर | 1959 |
| 6/48 | मार्को यान्सेन | साउथ अफ्रीका | गुवाहाटी | 2025 |
| 5/31 | एलन डेविडसन | ऑस्ट्रेलिया | कानपुर | 1959 |
| 8/64 | लांस क्लूजनर | SA | कोलकाता | 1996 |
| 7/51 | डेल स्टेन | SA | नागपुर | 2010 |
| 5/23 | डेल स्टेन | SA | अहमदाबाद | 2008 |
| 5/40 | काइल एबॉट | SA | दिल्ली | 2015 |
तीसरे बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जिन्होंने भारत में टेस्ट फाइफर लिया
1988 के बाद से भारत में टेस्ट में फाइफर लेने वाले लेफ्ट-आर्म पेसर:
- जहीर खान (तीन बार)
- मिचेल जॉनसन (2010, मोहाली)
- मार्को यान्सेन (2025, गुवाहाटी)
यान्सेन के लंबे कद के कारण उनकी बाउंसिंग गेंदें भारतीय बल्लेबाजों के लिए लगातार मुश्किल बनी रहीं।
भारत की पारी—जायसवाल–सुंदर ही कुछ लड़े
भारत के लिए:
- यशस्वी जायसवाल – 58
- वॉशिंगटन सुंदर – 48
- कुलदीप यादव – लड़ाकू 19
बाकी बल्लेबाज गलत शॉट खेलते हुए अपने विकेट देते गए।
भारत की पारी 201 पर खत्म होते ही SA ने फॉलोऑन देने के बजाय खुद बैटिंग का फैसला किया और बढ़त को और मजबूत किया।















