Ashes – ब्रिस्बेन की हवा इन दिनों हल्की गुलाबी है—कारण obvious है: डे-नाइट एशेज टेस्ट बस कुछ दिनों दूर है।
लेकिन शुक्रवार देर शाम इंग्लैंड कैंप से जो खबर निकली, उसने माहौल में अचानक भारीपन ला दिया।
एक ऐसा झटका, जिसकी उम्मीद खुद इंग्लैंड मैनेजमेंट को भी नहीं थी।
मार्क वुड, इंग्लैंड के सबसे तेज़ और सबसे अनुभवी पेसर्स में से एक, दूसरे एशेज टेस्ट से पहले घुटने की चोट के चलते लगभग बाहर माने जा रहे हैं।
और यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी का चोटिल होना नहीं, बल्कि इंग्लैंड की पहले से जूझती हुई टेस्ट टीम पर एक और चोट है—शाब्दिक भी, और प्रतीकात्मक भी।
ब्रिस्बेन टेस्ट से पहले बड़ा झटका—मार्क वुड फिर घुटने की समस्या से परेशान
इंग्लैंड के 35 वर्षीय मार्क वुड पहले टेस्ट में उतरे थे, लेकिन सिर्फ 11 ओवर ही डाल पाए।
पर्थ में दो दिनों के अंदर मिली शर्मनाक हार के बीच वुड की फिटनेस पर सवाल खड़े होने लगे थे—और अब BBC की रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि कर दी है।
वुड ने बताया है कि बाएं घुटने में वही दर्द लौट आया है, जिसके कारण उन्हें मार्च में सर्जरी करानी पड़ी थी।
उस सर्जरी के बाद वे लगभग नौ महीने क्रिकेट से दूर रहे और जिम्बाब्वे व भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट मिस किए।
अब, ठीक एशेज के बीच, उसी पुराने घुटने ने उनकी राह रोक दी है।
ऐलन बॉर्डर फील्ड में वैकल्पिक ट्रेनिंग—वुड नदारद
शनिवार आज का सबसे अहम संकेत था—इंग्लैंड ने वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन रखा, लेकिन वुड प्रैक्टिस में दिखाई ही नहीं दिए।
पूरा स्क्वाड मौजूद था,
सिवाय एक खिलाड़ी के—मार्क वुड।
डे-ब्रीफिंग के बाद इंग्लैंड मैनेजमेंट ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन अंदर-बाहर सभी यही कह रहे हैं कि
“वुड गाबा टेस्ट नहीं खेलेंगे।”
डे-नाइट मैच में 140-145 की औसत स्पीड वाला बॉलर बहुत कीमती होता है—इंग्लैंड ठीक यही फैक्टर खोने वाले हैं।
वुड की गैरमौजूदगी मतलब इंग्लैंड की वापसी मुश्किल
सीरीज पहले ही 0-1 से हाथ से फिसल रही है।
गाबा वैसे भी इंग्लैंड के लिए सबसे कठिन मैदानों में एक है—इतिहास गवाह है कि यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना आसान नहीं।
वुड के बाहर होने से इंग्लैंड की गेंदबाज़ी में ये दिक्कतें उभरेंगी:
- रॉ पेस की कमी
- पिंक-बॉल के लिए आदर्श बॉलर का बाहर होना
- सेंटर-लेंथ वाली लय को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का बिखरना
- स्टोक्स के workload पर बढ़ता दबाव
और सबसे अहम—ब्रिस्बेन की रात में तेज़ गेंदबाजों के लिए बने conditions को इंग्लैंड भरपूर इस्तेमाल ही नहीं कर पाएगा।
जोश टंग या मैथ्यू पॉट्स—कौन लेगा वुड की जगह?
वुड के रिप्लेसमेंट के लिए दो नाम सामने हैं:
1. जोश टंग
- इस समय इंग्लैंड लायंस के साथ कैनबरा में PM XI के खिलाफ पिंक-बॉल मैच खेल रहे
- लंबे समय से इंग्लैंड की डेवलपमेंट पाथवे का हिस्सा
- अच्छी seam और bounce पैदा करने में सक्षम
2. मैथ्यू पॉट्स
- मजबूत लाइन-लेंथ आधारित बॉलर
- एशेज 2023 में कुछ अच्छे स्पेल डाले
- गाबा जैसी पिच पर स्किडी गेंदबाजी प्रभावी हो सकती है
दोनों ही युवा हैं, लेकिन अनुभव वुड जैसा नहीं।
इंग्लैंड के लिए यह चयन रणनीतिक होगा—क्या वे pace (टंग) चुनेंगे या control (पॉट्स)?
पर्थ में पहला टेस्ट—इंग्लैंड को 2 दिन में आउट
पहले ही मैच में इंग्लैंड को 2 दिनों के भीतर ऑस्ट्रेलिया ने नॉकआउट कर दिया था।
वुड वहां जितने ओवर फेंक पाए, उससे उनकी फिटनेस को लेकर सवाल स्वाभाविक थे।
वुड का पहले टेस्ट में प्रदर्शन
| ओवर | विकेट | स्पीड | असर |
|---|---|---|---|
| 11 | 0 | 140+ | कम प्रभावी |
उनके कई स्पेल 130–135 तक गिर गए—इशारा साफ था कि कुछ गड़बड़ है।
ऑस्ट्रेलिया—बिना बदलाव मैदान पर उतरेगा
ऑस्ट्रेलियाई सेलेक्टर्स ने गाबा टेस्ट के लिए अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है।
कप्तान पैट कमिंस पीठ की चोट के कारण बाहर हैं, लेकिन बॉलिंग यूनिट फिर भी मजबूत है:
- मिचेल स्टार्क
- जोश हेज़लवुड
- स्कॉट बोलैंड
- और साथ में कैम ग्रीन का ऑलराउंड सपोर्ट
कमिंस न होने से इंग्लैंड को थोड़ा फायदा लग सकता था, लेकिन वुड के बाहर होने से यह एडवांटेज लगभग खत्म।
इंग्लैंड की तैयारी—पहली टेस्ट XI को आराम, बाकी तीन खिलाड़ी PM XI में
इंग्लैंड इस बार एक अलग रणनीति अपनाता दिख रहा है।
पहले टेस्ट के सभी खिलाड़ियों को पिंक-बॉल प्रैक्टिस से आराम दिया गया है।
बाकी तीन खिलाड़ी—जैकब बेथेल, मैथ्यू पॉट्स, जोश टंग—इस वीकेंड PM XI के खिलाफ खेल रहे हैं।
बेन स्टोक्स की टीम रविवार को गाबा में ट्रेनिंग शुरू करेगी और सोमवार को night-session में पिंक-बॉल प्रैक्टिस होगी।
यानी तैयारी गंभीर है—लेकिन चोटों ने बड़ा सिरदर्द दे दिया है।
क्या वुड के बिना इंग्लैंड जीत सकता है?
सीधे जवाब में—बहुत मुश्किल।
डे-नाइट टेस्ट अपनी अलग दुनिया है:
- पिंक बॉल
- शाम के बाद की नमी
- स्टेडियम की लाइट्स
- दूसरे सत्र में अचानक तेज़ गति से विकेट
वुड जैसा बॉलर इस माहौल में मैच-चेंजर बन सकता था।
और गाबा की pitch—बैटिंग के लिए tricky, पेसर्स के लिए आदर्श—इंग्लैंड को एक breakthrough शो दे सकती थी।
अब मामला पॉट्स और टंग जैसे अपेक्षाकृत अनुभवहीन खिलाड़ियों पर टिक गया है।
इंग्लैंड के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं—पूरी सीरीज की दिशा
अगर गाबा टेस्ट इंग्लैंड हारता है, तो 0-2 से वापसी लगभग नामुमकिन।
एशेज का संदर्भ भी यही कहता है—इतिहास में इंग्लैंड ने 0-2 से ऑस्ट्रेलिया में कभी सीरीज नहीं जीती।
इसलिए मार्क वुड की फिटनेस सिर्फ एक injury update नहीं—यह सीरीज के narrative की चाभी है।















