Santner – विशाखापटनम में बुधवार की रात भारत के लिए कुछ वैसी नहीं रही, जैसी सीरीज की शुरुआत में दिख रही थी। लगातार तीन मैच हारने के बाद न्यूज़ीलैंड ने आखिरकार जवाब दिया—और वो भी उसी अंदाज़ में, जिस अंदाज़ में भारत अब तक उन्हें दबाता आया था।
चौथे टी20 में कीवी टीम ने भारत को 50 रनों से हराकर न सिर्फ सीरीज में पहली जीत दर्ज की, बल्कि यह भी दिखा दिया कि टी20 में मोमेंटम कितनी जल्दी पलट सकता है।
215 रन का स्कोर, पावरप्ले में हमला और फिर गेंद से अनुशासन—न्यूज़ीलैंड ने इस मैच में लगभग हर बॉक्स टिक किया।
215 रन: दूसरी बार 200 के पार
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 215 रन बनाए। पांच मैचों की इस सीरीज में यह दूसरी बार था, जब कीवी टीम 200 से ऊपर पहुंची।
शुरुआत से ही इरादे साफ थे—
भारत को उसी की दवा पिलानी है।
पावरप्ले में डेवोन कॉनवे और टिम सीफर्ट ने भारतीय गेंदबाजों पर सीधा हमला बोला, और वही मैच की दिशा तय कर गया। बीच के ओवरों में विकेट जरूर गिरे, लेकिन रन रेट कभी पूरी तरह नीचे नहीं गया।
आखिरी ओवरों में डैरिल मिचेल और जैक फॉल्क्स ने जिस तरह से पारी को फिनिश किया, उसने स्कोर को भारत की पकड़ से बाहर कर दिया।
भारत की पारी: शुरुआत नहीं, अंत भी नहीं
216 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत लड़खड़ाई।
और फिर वह लड़खड़ाहट थमी ही नहीं।
भारतीय टीम:
- 18.4 ओवर में ऑलआउट
- 165 रन
- लगातार अंतराल पर विकेट
एक-दो ओवर का खराब फेज नहीं था—
यह पूरी पारी में फैला दबाव था।
न्यूज़ीलैंड के गेंदबाजों ने लेंथ और फील्डिंग—दोनों में अनुशासन दिखाया।
200+ स्कोर के बावजूद, वे जानते थे कि भारत के खिलाफ ढील की कोई गुंजाइश नहीं।
सैंटनर का बयान: “जो भारत करता था, वही हमने किया
मैच के बाद न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर के चेहरे पर राहत और संतोष साफ दिख रहा था। उन्होंने सीधे शब्दों में जीत का फॉर्मूला बता दिया।
“बहुत अच्छा लगा। मुझे लगता है कि पावरप्ले में हमने वही किया, जो भारत पिछले कुछ मैचों में हमारे खिलाफ कर रहा था।”
यही फर्क था इस मैच का।
पहले छह ओवर—और वहीं भारत पिछड़ गया।
भारत के खिलाफ 200 भी सुरक्षित नहीं होते
सैंटनर ने माना कि स्कोर बड़ा था, लेकिन भरोसा फिर भी नहीं था।
“हम जानते थे कि भारत के खिलाफ 200 रन भी कभी सुरक्षित नहीं होते। खासकर पिछले मैच के बाद। अगर आप 150 बनाते हैं, तो खिलाड़ी वापस अपनी शेल में चले जाते हैं। हम ऐसा नहीं चाहते थे।”
यह बयान बताता है कि न्यूज़ीलैंड सिर्फ रन नहीं बना रहा था—
वह मेंटली गेम भी खेल रहा था।
ओपनर्स का असर, फिनिश का फायदा
सैंटनर ने खास तौर पर अपने सलामी बल्लेबाजों की तारीफ की।
“पावरप्ले में ओपनर्स ने जिस तरह गेंदबाजों पर हमला किया, वो शानदार था। उसी ने हमें एक ठोस स्कोर तक पहुंचाया।”
बीच में विकेट गिरे, लेकिन कप्तान को भरोसा था कि शुरुआत इतनी मजबूत है कि अंत में स्कोर खिंच जाएगा।
और वही हुआ।
“डैरिल और फॉल्क्स ने अंत में अच्छा फिनिश किया। ऐसी शुरुआत के बाद यह बहुत अहम था।”
वर्ल्ड कप एंगल: भारत में भारत के खिलाफ
सैंटनर की बातों का सबसे अहम हिस्सा अंत में आया—और वह सिर्फ इस मैच तक सीमित नहीं था।
“विश्व कप के लिए भारत में भारत के खिलाफ खेलने से बेहतर तैयारी कुछ नहीं हो सकती।”
यह बयान साफ करता है कि न्यूज़ीलैंड इस सीरीज को सिर्फ जीत-हार के चश्मे से नहीं देख रहा।
यह टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी है—और भारत से बेहतर टेस्ट शायद ही कोई हो।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगले मैच में कुछ खिलाड़ी वापसी कर सकते हैं, लेकिन फोकस अभी भी प्लान्स को सही ढंग से लागू करने पर है।
भारत के लिए क्या सबक?
भारत पहले ही सीरीज जीत चुका है।
लेकिन यह हार एक रिमाइंडर है।
- पावरप्ले में दबाव
- 200+ स्कोर के बावजूद ढील नहीं
- चेज़ में साझेदारियों की जरूरत
ये सब बातें बड़े टूर्नामेंट में फर्क पैदा करती हैं।
बड़ी तस्वीर: मोमेंटम बदला, कहानी नहीं
यह हार भारत की सीरीज जीत की कहानी नहीं बदलती।
लेकिन न्यूज़ीलैंड के लिए यह मैच बहुत कुछ बदलता है।
- आत्मविश्वास
- कॉम्बिनेशन पर भरोसा
- और यह एहसास कि वे भारत को भारत में हरा सकते हैं















