Starc – साल 2019 का वनडे विश्व कप ऑस्ट्रेलिया के लिए अधूरा सपना बनकर रह गया, लेकिन उसी टूर्नामेंट ने क्रिकेट इतिहास को एक ऐसा रिकॉर्ड दिया, जिसे आज भी छू पाना आसान नहीं है।
मिचेल स्टार्क—रफ्तार, स्विंग और खौफ का दूसरा नाम—इस विश्व कप में ऐसे नजर आए, मानो हर गेंद किसी विकेट की तलाश में ही डाली जा रही हो।
ऑस्ट्रेलिया भले ही सेमीफाइनल से आगे न बढ़ सका, लेकिन स्टार्क ने जो किया, उसने 50 ओवर के विश्व कप की गेंदबाज़ी की परिभाषा ही बदल दी।
2019 वर्ल्ड कप: स्टार्क का सुनहरा अध्याय
इंग्लैंड की सपाट पिचों पर जहां कई तेज़ गेंदबाज़ों की धार कुंद पड़ गई, वहीं मिचेल स्टार्क और भी खतरनाक होते चले गए।
नई गेंद हो या डेथ ओवर्स—हर फेज़ में स्टार्क का असर दिखा।
उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 27 विकेट झटके।
यह आज तक किसी भी एक वनडे विश्व कप में किसी गेंदबाज़ द्वारा लिया गया सबसे ज्यादा विकेटों का रिकॉर्ड है।
उनका गेंदबाज़ी औसत रहा 18.59—यानी लगभग हर 19 रन पर एक विकेट।
मैक्ग्रा का रिकॉर्ड टूटा, इतिहास बना
स्टार्क ने इस दौरान अपने ही देश के दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।
मैक्ग्रा ने 2007 वर्ल्ड कप में 26 विकेट लिए थे—एक ऐसा आंकड़ा जिसे लंबे समय तक अछूता माना जाता था।
लेकिन 2019 में स्टार्क ने 27वां विकेट लेकर साफ संदेश दे दिया—
यह सिर्फ एक अच्छा टूर्नामेंट नहीं, एक ऐतिहासिक प्रदर्शन था।
दो वर्ल्ड कप, 20+ विकेट: एलीट क्लब
मिचेल स्टार्क और ग्लेन मैक्ग्रा—ये दोनों दुनिया के इकलौते गेंदबाज़ हैं जिन्होंने दो अलग-अलग वनडे विश्व कप में 20 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं।
| गेंदबाज़ | वर्ल्ड कप | विकेट |
|---|---|---|
| मिचेल स्टार्क | 2015 | 22 |
| मिचेल स्टार्क | 2019 | 27 |
| ग्लेन मैक्ग्रा | 2003 | 21 |
| ग्लेन मैक्ग्रा | 2007 | 26 |
यह लिस्ट बताती है कि बड़े टूर्नामेंट में बड़े गेंदबाज़ कैसे खुद को अलग साबित करते हैं।
सेमीफाइनल की निराशा: जहां कहानी पलट गई
11 जुलाई 2019, बर्मिंघम।
दूसरा सेमीफाइनल—ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम 223 रन पर सिमट गई।
यह स्कोर सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले के लिए काफी नहीं था।
स्टार्क ने बल्ले से भी संघर्ष किया और 36 गेंदों पर 29 रन बनाए, लेकिन टीम को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक नहीं पहुंचा सके।
गेंद से शुरुआत, लेकिन दबदबा नहीं
जब इंग्लैंड लक्ष्य का पीछा करने उतरा, तो उम्मीदें फिर भी स्टार्क पर टिकी थीं।
उन्होंने जॉनी बेयरस्टो को LBW आउट कर ऑस्ट्रेलिया को पहली सफलता दिलाई।
लेकिन इसके बाद कहानी बदल गई।
इंग्लैंड के ओपनर जेसन रॉय ने 85 रनों की तूफानी पारी खेली।
स्टार्क का स्पेल—9 ओवर में 70 रन—इस मैच में महंगा साबित हुआ।
इंग्लैंड ने लक्ष्य को सिर्फ 32.1 ओवर में, 8 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया।
टूर्नामेंट नहीं जीते लेकिन यादगार बन गए
ऑस्ट्रेलिया का सफर यहीं खत्म हो गया।
ट्रॉफी हाथ नहीं लगी।
लेकिन जब भी वनडे विश्व कप के महान गेंदबाज़ी प्रदर्शनों की बात होगी,
2019 का नाम मिचेल स्टार्क के बिना अधूरा रहेगा।
27 विकेट—हर बड़े बल्लेबाज़ के खिलाफ, हर मुश्किल कंडीशन में।
वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट (एक संस्करण)
| रैंक | गेंदबाज़ | विकेट | साल |
|---|---|---|---|
| 1 | मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) | 27 | 2019 |
| 2 | ग्लेन मैक्ग्रा (ऑस्ट्रेलिया) | 26 | 2007 |
| 3 | मोहम्मद शमी (भारत) | 24 | 2023 |
| 4 | चमिंडा वास (श्रीलंका) | 23 | 2003 |
| 5 | मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका) | 23 | 2007 |
| 6 | शॉन टैट (ऑस्ट्रेलिया) | 23 | 2007 |
| 7 | एडम ज़म्पा (ऑस्ट्रेलिया) | 23 | 2023 |
| 8 | मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) | 22 | 2015 |
| 9 | ट्रेंट बोल्ट (न्यूजीलैंड) | 22 | 2015 |
| 10 | ब्रेट ली (ऑस्ट्रेलिया) | 22 | 2003 |
यह लिस्ट बताती है कि रिकॉर्ड्स टूटते हैं, लेकिन कुछ आंकड़े मानक बन जाते हैं।
क्यों आज भी अटूट लगता है यह रिकॉर्ड
आज के दौर में बल्लेबाज़ी और भी आक्रामक हो चुकी है।
फ्लैट पिच, छोटे मैदान, भारी बल्ले।
इन सबके बीच किसी एक वर्ल्ड कप में 27 विकेट लेना—
सिर्फ स्किल नहीं, सहनशक्ति और निरंतरता भी मांगता है।
यही वजह है कि स्टार्क का यह रिकॉर्ड आज भी हर तेज़ गेंदबाज़ के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ट्रॉफी नहीं लेकिन अमर प्रदर्शन
मिचेल स्टार्क ने 2019 में यह साबित कर दिया कि
आप ट्रॉफी न जीतकर भी इतिहास में अमर हो सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में हार गया,
लेकिन स्टार्क ने जो छोड़ा—वह सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं था,
वह एक बेंचमार्क था।
27 विकेट।
एक विश्व कप।
और एक रिकॉर्ड, जो आज भी तेज़ गेंदबाज़ों की नींद उड़ाए हुए है।















