Amir : भारत की हार पर पाकिस्तान में जश्न – टीवी शो में उड़े तंज

Atul Kumar
Published On:
Amir

Amir – अहमदाबाद में भारत की 76 रन की हार के बाद एक और “मैच” टीवी स्टूडियो में खेला गया—और इस बार गेंद बल्ले की नहीं, शब्दों की थी। पाकिस्तान के एक कॉमेडी शो में भारत की हार पर ठहाके लगे, तंज कसे गए और यहां तक कि भविष्यवाणी भी कर दी गई कि टीम इंडिया सेमीफाइनल नहीं खेलेगी। क्रिकेट की हार मैदान पर हुई, लेकिन जश्न सरहद के उस पार मनाया गया।

सवाल सिर्फ इतना नहीं कि कौन हंसा। सवाल यह है कि क्रिकेट अब खेल से ज्यादा भावनात्मक जंग क्यों बनता जा रहा है?

न मोहब्बत में, न प्यार में…

पाकिस्तानी शो ‘हंसना मना है’ में पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर बतौर गेस्ट मौजूद थे। होस्ट ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, “जो काम हमारी टीम नहीं कर पा रही, वो हमारे पैनलिस्ट लाहौर में बैठकर कर रहे हैं।” फिर मशहूर लाइन—“न मोहब्बत में, न प्यार में, जो मजा है इंडिया की हार में।”

स्टूडियो में तालियां बजीं। आमिर हंसते रहे। उन्हें ‘एस्ट्रोलॉजर’ कहकर पेश किया गया—क्योंकि उन्होंने पहले कथित तौर पर कहा था कि भारत सेमीफाइनल नहीं खेलेगा। आमिर ने हंसते हुए जवाब दिया, “क्या बना दिया है मुझे? अल्लाह माफ करे।”

क्रिकेट विश्लेषण और कॉमेडी—दोनों का मेल था। लेकिन भारतीय फैंस के लिए यह मजाक शायद हल्का नहीं लगा।

हार की पृष्ठभूमि

मैदान पर कहानी सीधी थी।
दक्षिण अफ्रीका—187/7।
भारत—111 ऑल आउट।
हार—76 रन।

मैच का सार

टीमस्कोर
दक्षिण अफ्रीका187/7 (20 ओवर)
भारत111 ऑल आउट (18.5 ओवर)
परिणामSA जीता 76 रन से

शिवम दुबे (42) के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज 20 रन पार नहीं कर पाया। 188 रन का लक्ष्य बड़ा था, लेकिन असंभव नहीं। भारत अगर जीतता, तो यह उसका टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज होता। लेकिन पावरप्ले में झटका और मिडिल ऑर्डर का ढहना भारी पड़ा।

क्या सच में सेमीफाइनल खतरे में?

गणित कहता है—दरवाज़ा बंद नहीं हुआ है।
भारत को सुपर-8 में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ बचे दोनों मैच जीतने होंगे। सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बेहतर नेट रन रेट के साथ।

सुपर-8 स्थिति (संक्षेप)

टीमस्थिति
दक्षिण अफ्रीकामजबूत दावेदार
भारतदबाव में
अन्य टीमेंमुकाबला खुला

एक हार से टूर्नामेंट खत्म नहीं होता। लेकिन यह चेतावनी जरूर होती है।

पड़ोसी की हार में खुशी—नई बात नहीं

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, भावना है। जब एक टीम जीतती है, दूसरी तरफ प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। लेकिन यहां मामला सीधे मुकाबले का नहीं था—भारत हारा, पाकिस्तान नहीं जीता।

ऐसे में जश्न कुछ लोगों को “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना” जैसा लगा।

पर सच यह भी है—टीवी शो टीआरपी पर चलते हैं। तंज, व्यंग्य, अतिशयोक्ति—सब पैकेज का हिस्सा हैं।

खेल और शोर के बीच फर्क

मोहम्मद आमिर खुद एक बड़े मंच के खिलाड़ी रहे हैं। उन्हें पता है कि एक हार टीम को परिभाषित नहीं करती। उसी तरह, एक स्टूडियो की हंसी भी क्रिकेट इतिहास नहीं बदलती।

मैदान पर जो हुआ, वह स्कोरकार्ड में दर्ज है।
स्टूडियो में जो हुआ, वह सोशल मीडिया क्लिप्स में।

दोनों अलग दुनिया हैं।

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