Duleep Trophy – मोहम्मद शमी का नाम आते ही दिमाग में तेज़ रफ्तार गेंद, सीम पोजिशन और बल्लेबाजों को चकमा देने वाली डिलीवरीज़ घूमने लगती हैं। लेकिन दलीप ट्रॉफी 2025 के क्वार्टर फाइनल में उनके प्रदर्शन ने फैंस को चौंका दिया।
बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मैदान पर खेलते हुए शमी की रफ्तार तो दिखी, लेकिन असरदार गेंदबाज़ी नज़र नहीं आई।
दलीप ट्रॉफी में शमी की निराशाजनक वापसी
ईस्ट ज़ोन के लिए खेलते हुए शमी ने नॉर्थ ज़ोन के खिलाफ 23 ओवर फेंके। आंकड़े चुभते हैं—100 रन खर्च और सिर्फ 1 विकेट। इकोनॉमी 4.34, जो रेड-बॉल क्रिकेट के लिहाज़ से काफी महंगी है। यह प्रदर्शन उनकी “टीम इंडिया में वापसी” की कोशिशों पर सवाल खड़े करता है।
वहीं दूसरी ओर उनके साथी गेंदबाज मनीषी ने 6 विकेट और सिराज सिंधु जसवाल ने 2 विकेट लेकर बाज़ी मारी।
गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट | इकोनॉमी |
---|---|---|---|---|
मोहम्मद शमी | 23 | 100 | 1 | 4.34 |
मनीषी | 22.2 | 111 | 6 | 4.96 |
सिराज सिंधु जसवाल | 18 | 44 | 2 | 2.44 |
फिटनेस की वजह से टीम से बाहर
शमी को इंग्लैंड के खिलाफ हुई पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए टीम में नहीं चुना गया था। वजह—फिटनेस। 34 साल के शमी ने आखिरी बार लंबा स्पेल रणजी ट्रॉफी में फेंका था, जहां उन्होंने 7 विकेट झटके थे। उससे पहले उनका बड़ा मंच था वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 का फाइनल। तब से ही चोटों और वर्कलोड की वजह से वो जूझ रहे हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में दमदार प्रदर्शन
गौर करने वाली बात ये है कि शमी ने भारत के लिए हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला और बेहतरीन गेंदबाज़ी की। पाँच मैचों में 9 विकेट झटककर वो टूर्नामेंट के संयुक्त रूप से दूसरे सबसे सफल गेंदबाज़ रहे।
भारत के खिताबी अभियान में उनकी गेंदबाज़ी अहम रही थी। यही कारण है कि फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों ही मानते हैं कि अगर शमी फिट रहें, तो 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक उनका अनुभव भारत के लिए सोना साबित हो सकता है।
शमी का स्पष्ट संदेश
कैरियर को लेकर उठ रहे सवालों पर शमी का जवाब भी उतना ही दमदार था जितनी उनकी गेंदबाज़ी। उन्होंने कहा—“अगर मेरे रिटायरमेंट लेने से किसी की ज़िंदगी बेहतर हो जाएगी तो बताइए।
जिस दिन मुझे लगेगा कि अब बोर हो गया हूं, उसी दिन क्रिकेट छोड़ दूंगा।” ये बयान साफ करता है कि वो अभी संन्यास के मूड में नहीं हैं और उनका ध्यान सिर्फ फिटनेस और टीम में वापसी पर है।
आगे की राह
शमी का करियर आंकड़ों में बेहद शानदार है—64 टेस्ट, 108 वनडे और 27 टी20 में कुल 462 विकेट। लेकिन अब असली चुनौती है फिट रहना और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन करना।
टीम इंडिया के पास बुमराह, सिराज, आर्शदीप और उमेश जैसे विकल्प मौजूद हैं, इसलिए वापसी आसान नहीं होगी। लेकिन अगर शमी अपनी लय पकड़ लेते हैं, तो भारत के लिए अब भी गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।