World Cup – टी20 वर्ल्ड कप 2026 की भारतीय टीम सामने आते ही सबसे ज़्यादा जिस नाम की चर्चा हुई, वह था मोहम्मद सिराज। तेज़ गेंदबाज़ी में सालों से टीम इंडिया के भरोसेमंद सिपाही रहे सिराज का नाम जब स्क्वॉड में नहीं दिखा, तो सवाल उठना तय था। अब इस पूरे मामले पर एबी डिविलियर्स की एंट्री हुई है—और उन्होंने बात बिल्कुल साफ शब्दों में रख दी है।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ का मानना है कि सिराज को बाहर करना फॉर्म का फैसला नहीं, बल्कि पूरी तरह टीम बैलेंस का नतीजा है। और इस बात में दर्द भी है, लेकिन तर्क भी।
“सिराज बदकिस्मत हैं” – एबी डिविलियर्स
एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर भारतीय स्क्वॉड का विश्लेषण करते हुए कहा कि मोहम्मद सिराज उन खिलाड़ियों में से हैं, जो वर्ल्ड कप टीम से बाहर रहकर भी क्वालिटी में किसी से कम नहीं हैं।
एबी बोले,
“हम सिराज को ODI स्क्वॉड में देख रहे हैं। वह वर्ल्ड कप मिस करने वाले बदकिस्मत खिलाड़ियों में से एक हैं। लेकिन यह फैसला फॉर्म की वजह से नहीं, बल्कि बैलेंस की वजह से लिया गया है।”
यह बयान सीधे उस नैरेटिव को तोड़ता है, जिसमें चयन को प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा था।
बुमराह–अर्शदीप–हर्षित: तेज़ गेंदबाज़ी का समीकरण
डिविलियर्स ने बताया कि आखिर टीम मैनेजमेंट किस सोच के साथ आगे बढ़ा।
उनके मुताबिक,
“आपके पास जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह हैं। हर्षित राणा बल्लेबाज़ी भी कर सकते हैं। इस तरह आपके तीन तेज़ गेंदबाज़ हो जाते हैं। मुझे लगता है कि इसी वजह से टीम हर्षित के साथ गई, न कि सिराज के साथ।”
यानी चयन सिर्फ गेंद से विकेट लेने का नहीं था, बल्कि ऑलराउंड विकल्प देखने का था। टी20 क्रिकेट में यही अंतर कई बार प्लेइंग इलेवन तय करता है।
स्पिन पर भरोसा, पेस को ‘बोनस’ की तरह देखना
एबी डिविलियर्स ने भारतीय टीम की रणनीति को एक कदम और आगे जाकर समझाया। उनका मानना है कि इस वर्ल्ड कप में भारत का असली हथियार तेज़ गेंदबाज़ नहीं, बल्कि स्पिन अटैक होगा।
उन्होंने कहा,
“भारत तेज़ गेंदबाज़ी पर बहुत ज़्यादा फोकस नहीं करना चाहता। फोकस स्पिनरों पर है। अगर शुरुआत में पेसर्स विकेट निकालते हैं, तो उसे बोनस की तरह देखा जाएगा।”
यही वजह है कि स्क्वॉड में
- कुलदीप यादव
- वरुण चक्रवर्ती
- अक्षर पटेल
- वॉशिंगटन सुंदर
जैसे विकल्प मौजूद हैं। यह चयन साफ दिखाता है कि टीम मिडिल ओवर्स को कंट्रोल करने की सोच के साथ उतर रही है।
ODI प्लान में सिराज की मौजूदगी राहत की बात
हालांकि टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड से बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए झटका होता है, लेकिन एबी डिविलियर्स ने इसमें एक सिल्वर लाइनिंग भी देखी।
उन्होंने कहा,
“सिराज बदकिस्मत हैं, लेकिन कम से कम वह ODI प्लान का हिस्सा हैं और 2027 के वर्ल्ड कप की तरफ बढ़ रहे हैं।”
यानी सिराज पूरी तरह तस्वीर से बाहर नहीं हुए हैं। टीम मैनेजमेंट उन्हें लंबे फॉर्मेट की योजनाओं में अब भी अहम मानता है।बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया और आधिकारिक स्क्वॉड की जानकारी
भारतीय T20 वर्ल्ड कप 2026 स्क्वॉड (घोषित)
टीम इंडिया इस संयोजन के साथ वर्ल्ड कप में उतरेगी:
| खिलाड़ी |
|---|
| सूर्यकुमार यादव (कप्तान) |
| अक्षर पटेल (उप कप्तान) |
| अभिषेक शर्मा |
| तिलक वर्मा |
| संजू सैमसन |
| शिवम दुबे |
| ईशान किशन |
| हार्दिक पांड्या |
| अर्शदीप सिंह |
| जसप्रीत बुमराह |
| हर्षित राणा |
| वरुण चक्रवर्ती |
| कुलदीप यादव |
| वॉशिंगटन सुंदर |
| रिंकू सिंह |
स्क्वॉड को देखकर साफ है कि टीम ने फ्लेक्सिबिलिटी और डेप्थ को प्राथमिकता दी है।
सिराज की कहानी अभी खत्म नहीं हुई
मोहम्मद सिराज उन गेंदबाज़ों में हैं, जिन्होंने संघर्ष से अपनी जगह बनाई है। हैदराबाद की गलियों से लेकर लॉर्ड्स और केप टाउन तक—उनका सफ़र आसान नहीं रहा।
टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होना झटका ज़रूर है, लेकिन
- ODI सेटअप में जगह
- अनुभव
- और टीम मैनेजमेंट का भरोसा
यह दिखाता है कि यह सिर्फ एक फॉर्मेट की बात है, करियर की नहीं।
फॉर्म नहीं, फ़ॉर्मूला बाहर कर गया
एबी डिविलियर्स की बातों से तस्वीर काफ़ी हद तक साफ हो जाती है।
मोहम्मद सिराज को बाहर किया गया है, न कि नकारा।
टीम इंडिया ने इस बार तेज़ गेंदबाज़ी की जगह स्पिन और ऑलराउंड विकल्पों पर दांव लगाया है। सिराज इस फॉर्मूले में फिट नहीं बैठे—बस यही सच्चाई है।
और क्रिकेट में, खासकर भारतीय क्रिकेट में, फॉर्मूले बदलते देर नहीं लगती।















