Netherlands – भारत के खिलाफ 17 रन की हार के बाद जब बास डी लीड प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए, तो उनके शब्दों में निराशा कम और यथार्थ ज्यादा था। स्कोरलाइन भले उनके खिलाफ गई हो, लेकिन नीदरलैंड ने एक बार फिर दिखाया कि एसोसिएट देश अब सिर्फ भाग लेने नहीं आते—वे चुनौती देने आते हैं। और अब डी लीड की अपील सीधे बड़ी टीमों से है: “इंग्लैंड जाने से पहले हमारे यहां आकर खेलिए।”
एसोसिएट देशों की असली लड़ाई
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में नीदरलैंड का सफर खत्म हो चुका है। चार मैच, एक जीत। लेकिन कहानी इससे बड़ी है।
• पाकिस्तान को पहले मैच में पसीना
• नामीबिया पर 8 विकेट से जीत
• अमेरिका से 93 रन की हार
• भारत से 17 रन से करीबी मुकाबला
यह टीम लड़ी। हर मैच में। और यही वजह है कि बास डी लीड चाहते हैं कि यह जुझारूपन सिर्फ वर्ल्ड कप तक सीमित न रहे।
“पूरा सीरीज मुश्किल है, पर एक रास्ता है”
भारत से हार के बाद डी लीड ने साफ कहा कि मौजूदा क्रिकेट कैलेंडर पहले से ही भरा हुआ है। फ्रेंचाइजी लीग, आईसीसी का फ्यूचर टूर प्रोग्राम—इन सबके बीच पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज निकालना कठिन है।
लेकिन उन्होंने एक व्यावहारिक सुझाव दिया।
“जब टीमें इंग्लैंड खेलने आती हैं, तो वे स्कॉटलैंड या नीदरलैंड में एक-दो अभ्यास मैच खेल सकती हैं।”
यह अपील भावुक जरूर है, पर अव्यावहारिक नहीं।
इंग्लैंड का रास्ता, नीदरलैंड का अवसर
अक्सर एशिया या ऑस्ट्रेलिया की टीमें इंग्लैंड दौरे से पहले कंडीशन से तालमेल बैठाने के लिए अभ्यास मैच खेलती हैं। अधिकतर यह मुकाबले काउंटी टीमों के खिलाफ होते हैं।
डी लीड का तर्क है—
क्यों न यह मैच एसोसिएट देशों के खिलाफ हों?
• उन्हें शीर्ष टीमों के खिलाफ अनुभव मिलेगा
• बड़ी टीमों को अलग तरह की चुनौती
• क्रिकेट का वैश्विक विस्तार
आईसीसी के फ्यूचर टूर प्रोग्राम की जानकारी icc-cricket.com पर उपलब्ध है, जहां स्पष्ट है कि एसोसिएट देशों के लिए बड़े दौरे सीमित हैं।
जून तक कोई शेड्यूल नहीं
नीदरलैंड का जून तक कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम तय नहीं है। यह भी एसोसिएट देशों की समस्या का हिस्सा है—लंबे गैप, कम मैच, सीमित एक्सपोज़र।
बास डी लीड, जो पूर्व अंतरराष्ट्रीय टिम डी लीड के बेटे हैं, इस मुद्दे को सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर नहीं, बल्कि सिस्टम की समझ रखने वाले व्यक्ति की तरह उठा रहे हैं।
आंकड़ों से आगे की बात
टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड ने दिखाया कि वह प्रतिस्पर्धी है।
भारत के खिलाफ:
• 194 का पीछा करते हुए 176/7
• दबाव में भी रन रेट बनाए रखा
पाकिस्तान के खिलाफ मैच आखिरी ओवर तक गया।
यह संकेत है—अंतर कम हो रहा है।
क्या बड़ी टीमें मानेंगी?
सवाल यही है।
बड़ी टीमों के लिए यह लॉजिस्टिक और व्यावसायिक निर्णय होगा। प्रसारण अधिकार, राजस्व, शेड्यूल—सब जुड़े होते हैं।
लेकिन अगर क्रिकेट को सच में “वैश्विक खेल” बनाना है, तो ऐसे कदम जरूरी हैं।
एसोसिएट बनाम टेस्ट नेशन गैप
आईसीसी की संरचना में टेस्ट खेलने वाले देशों को ज्यादा अवसर मिलते हैं। एसोसिएट देश आईसीसी टूर्नामेंट के जरिए ही बड़ी टीमों से भिड़ते हैं।
डी लीड का सुझाव इस गैप को थोड़ा कम कर सकता है।















