New Zealand : अहमदाबाद में ग्रुप डी की जंग – न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका

Atul Kumar
Published On:
New Zealand

New Zealand – अहमदाबाद की रात, भरा हुआ नरेंद्र मोदी स्टेडियम, और ग्रुप डी की नंबर-1 कुर्सी दांव पर। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका—दोनों सुपर-8 में पहुंच चुके हैं, लेकिन यह मुकाबला औपचारिक नहीं होगा। यहां बात है लय की, मनोवैज्ञानिक बढ़त की और उस आत्मविश्वास की जो नॉकआउट चरण में काम आता है।

दोनों टीमों ने अपने शुरुआती दो मैच जीतकर साफ कर दिया है कि ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में असली दावेदार वही हैं। अफगानिस्तान ने जरूर रोमांच बढ़ाया, लेकिन अब फोकस सीधे ब्लैक कैप्स और प्रोटियाज पर है।

न्यूजीलैंड: आक्रामक शुरुआत, शांत फिनिश

न्यूजीलैंड ने अब तक जिस अंदाज में खेला है, वह टी20 का आधुनिक टेम्पलेट है—पहली गेंद से हमला।

अफगानिस्तान के खिलाफ 186 का लक्ष्य 17.5 ओवर में हासिल करना छोटी बात नहीं थी। टिम सीफर्ट (65) ने पावरप्ले में टोन सेट किया, जबकि ग्लेन फिलिप्स (42), मार्क चैपमैन (28) और डैरिल मिशेल (नाबाद 25) ने मैच को शांत तरीके से खत्म किया।

यूएई के खिलाफ तो उन्होंने 174 का लक्ष्य 10 विकेट से और सिर्फ 15.2 ओवर में हासिल कर लिया। सीफर्ट और फिन एलन की जोड़ी ने गेंदबाजों को सांस नहीं लेने दी।

संभावित रणनीति साफ है—रन रेट को शुरुआत से ही ऊपर रखना।

दक्षिण अफ्रीका: दबाव में दम

दक्षिण अफ्रीका ने अलग तरह का बयान दिया है—दबाव में भी संतुलन।

कनाडा के खिलाफ 213/4 का स्कोर, जिसमें एडन मार्क्रम (32 गेंदों में 59), डेविड मिलर (नाबाद 39) और ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 34) ने आक्रामकता दिखाई। गेंदबाजी में लुंगी एनगिडी (4/31) ने काम आसान किया।

लेकिन असली परीक्षा अफगानिस्तान के खिलाफ हुई—डबल सुपर ओवर तक खिंचा मुकाबला। 187 के जवाब में रहमानुल्लाह गुरबाज (84) ने मैच टाई कराया। अंत में मिलर और स्टब्स ने दबाव में क्लिनिकल फिनिश दिया।

यह टीम अब सिर्फ प्रतिभा पर नहीं, अनुभव पर खेल रही है।

अहमदाबाद की पिच: बैलेंस या बाउंस?

नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच ने इस टूर्नामेंट में अच्छी उछाल दी है। स्ट्रोक खेलने में मदद मिलती है, लेकिन तेज गेंदबाजों को भी शुरुआती मूवमेंट मिलती है।

संभावित फैक्टर्स:

पहलूअसर
नई गेंदस्विंग और उछाल
बीच के ओवरस्पिन से नियंत्रण
ओसचेज करने वाली टीम को फायदा

अगर ओस पड़ती है, तो लक्ष्य का पीछा करना आसान हो सकता है। ऐसे में टॉस महत्वपूर्ण होगा।

पावरप्ले की जंग

सीफर्ट और फिन एलन बनाम रबाडा और एनगिडी—यही असली टक्कर है।

रबाडा की अतिरिक्त उछाल और एनगिडी की बैक-ऑफ-लेंथ गेंदबाजी न्यूजीलैंड की आक्रामकता को परखेगी। अगर ब्लैक कैप्स पावरप्ले में 50+ बना लेते हैं, तो मैच की दिशा तय हो सकती है।

दूसरी ओर, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन को क्विंटन डीकॉक और रयान रिकेलटन पर शुरुआती अंकुश लगाना होगा। हेनरी की स्विंग और फर्ग्यूसन की रफ्तार बड़ा फैक्टर बन सकती है।

मिडिल ओवर्स: सैंटनर बनाम मार्क्रम

मिचेल सैंटनर ने बीच के ओवरों में शानदार नियंत्रण दिखाया है। उनकी कसी हुई लाइन-लेंथ रन गति को रोकती है।

मार्क्रम और क्लासेन जैसे बल्लेबाज इस लय को तोड़ने की कोशिश करेंगे। अगर स्पिन पर दबाव बनाया गया, तो डेथ ओवर्स में फायदा मिल सकता है।

डेथ ओवर्स: अनुभव बनाम विस्फोट

अगर मैच आखिरी पांच ओवर तक जाता है, तो रोमांच तय है।

  • दक्षिण अफ्रीका: मिलर, स्टब्स
  • न्यूजीलैंड: फिलिप्स, मिशेल

और गेंद से—फर्ग्यूसन की 145+ किमी/घंटा रफ्तार बनाम रबाडा की सटीक यॉर्कर।

संभावित प्लेइंग स्क्वॉड

न्यूजीलैंड

मिचेल सैंटनर (कप्तान), टिम सीफर्ट, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डैरिल मिशेल, जेम्स नीशम, माइकल ब्रैसवेल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, ट्रेंट बोल्ट, जैकब डफी, ईश सोढ़ी।

दक्षिण अफ्रीका

एडन मार्क्रम (कप्तान), क्विंटन डीकॉक, रयान रिकेलटन, रीजा हेंड्रिक्स, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, हेनरिक क्लासेन, मार्को यानसन, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्टजे, केशव महाराज, तबरेज शम्सी, ब्योर्न फोर्टुइन।

क्या दांव पर है?

सुपर-8 में पहुंचना तय है, लेकिन ग्रुप टॉपर बनने का मतलब है बेहतर नॉकआउट पथ। और उससे भी ज्यादा—मोमेंटम।

अहमदाबाद की यह शाम सिर्फ अंक तालिका की लड़ाई नहीं होगी। यह दो संतुलित, रणनीतिक और आत्मविश्वासी टीमों की परीक्षा होगी।

शाम 7 बजे पहला गेंद डाली जाएगी।
उसके बाद?
गति, धैर्य और साहस—तीनों की असली परीक्षा शुरू होगी।

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