Test – क्राइस्टचर्च की ठंडी हवा में बल्ले की आवाज़ कुछ ज़्यादा ही गूंज रही थी—और इसकी वजह थे रचिन रविंद्र और टॉम लैथम। वेस्टइंडीज के गेंदबाज तीसरे दिन जैसे किसी अंतहीन सुरंग में गेंद डालते जा रहे थे, और सामने दो बल्लेबाज थे जो हर स्पेल, हर लाइन, हर बदलाव को लगभग बेअसर कर रहे थे।
नतीजा? न्यूजीलैंड ने सिर्फ बढ़त नहीं बनाई—उन्होंने मैच पर ऐसा शिकंजा कस दिया है कि वेस्टइंडीज की वापसी अब चमत्कार-स्तर की चीज़ लगती है।
481 रन की बढ़त—पहले टेस्ट में मैच लगभग हाथ में
न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 417/4 पर पहुँची और कुल बढ़त 481 रन हो गई।
टेस्ट क्रिकेट में इतनी बढ़त का मतलब अक्सर यही होता है—अब बस प्रक्रिया बाकी है।
रचिन रविंद्र के 176 और टॉम लैथम के 145 रन ने मैच की पूरी दिशा बदल दी।
तीसरे विकेट के लिए 279 रन की साझेदारी—गेंदबाजों को थका देने वाली, बल्लेबाजों को तराश देने वाली, और मैच को एकतरफा बना देने वाली।
पहली पारी का संतुलन, दूसरी पारी का दबदबा
पहली पारी में न्यूजीलैंड सिर्फ 231 रन बना पाया था, लेकिन उसके बाद की कहानी पूरी तरह वेस्टइंडीज के खिलाफ चली गई।
कैरिबियाई बल्लेबाजी 167 पर सिमटी और कीवी टीम को मामूली 64 रन की लीड मिल गई।
लेकिन असली चोट दूसरी पारी में लगी जब रविंद्र और लैथम ने गेम को हाथ से निकलने ही नहीं दिया।
रचिन रविंद्र—185 गेंद, 176 रन, और चौकों की बारिश
कागज पर पढ़कर भी हैरानी होती है—176 में 27 चौके और एक छक्का।
यानी अकेले उन्होंने ही 112 रन सिर्फ बाउंड्री से बनाए।
विकेट पर दृढ़ता भी, शॉट सेलेक्शन में आत्मविश्वास भी, और स्ट्राइक रोटेशन में समझदारी भी।
108 गेंदों में शतक—और उसके बाद गियर बदलकर पारी को दोगुना ख़तरनाक बना देना।
रचिन अब सिर्फ भविष्य नहीं, वर्तमान भी हैं।
टॉम लैथम—स्थिरता, क्लास और 250 गेंद की महारत
लैथम की 145 रन की पारी उतनी चमकदार नहीं जितनी रविंद्र की, लेकिन उतनी ही अहम।
12 चौकों से सजी पारी और एक ऐसे बल्लेबाज का प्रदर्शन जो लंबे फॉर्मेट में न्यूजीलैंड की एंकरिंग मशीन बन चुका है।
उन्होंने गेंदबाजों को थकाया, स्ट्राइक को नियंत्रित किया और साझेदारी को स्थिरता दी—यही टेस्ट क्रिकेट की नींव होती है।
न्यूजीलैंड की दूसरी पारी का सार
| बल्लेबाज | रन | गेंद | चौके | छक्के |
|---|---|---|---|---|
| रचिन रविंद्र | 176 | 185 | 27 | 1 |
| टॉम लैथम | 145 | 250 | 12 | 0 |
| डेवोन कॉनवे | 37 | — | — | — |
| केन विलियमसन | 9 | — | — | — |
| विल यंग (नाबाद) | 20 | — | — | — |
| माइकल ब्रेसवेल (नाबाद) | 6 | — | — | — |
200 रन तो सिर्फ चौकों से आए—यह पिच फ्लैट थी या बल्लेबाजी कला का प्रदर्शन, इसका फैसला वेस्टइंडीज के गेंदबाज शायद आने वाले महीनों तक सोचते रहेंगे।
वेस्टइंडीज—पहली पारी के बाद पकड़ छूटी, अब वापसी धुंधली
पहली पारी में 167 पर ढेर होना ही संकेत था कि यह बैटिंग लाइनअप न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में संघर्ष करेगी।
और अब सामने 481 रन का पहाड़ है।
यह सिर्फ रन नहीं—यह मानसिक दबाव है।
चौथे दिन की संभावनाएँ—कीवी डिक्लेरेशन कब?
बहुत मुमकिन है कि न्यूजीलैंड चौथे दिन सुबह जल्दी ही इनिंग घोषित कर देगा या 20–30 रन जोड़कर वेस्टइंडीज को फिर बैटिंग देगा।
टेस्ट में इस तरह की बढ़त आमतौर पर “क्लिनिकल फिनिश” की ओर इशारा करती है।















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