Virat Kohli – वनडे क्रिकेट को अक्सर “बाउंड्री गेम” कहा जाता है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। कई बार बल्लेबाजों ने दौड़कर रन बनाने की कला से ही बड़े रिकॉर्ड गढ़ दिए। असल में ये फिटनेस और स्टैमिना की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। पांच नाम इस लिस्ट में चमकते हैं—और इनमें से एक भारतीय है।
गैरी कर्स्टन – 112 रन दौड़कर (1996, यूएई के खिलाफ)
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ओपनर गैरी कर्स्टन के नाम ये अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। 1996 वर्ल्ड कप में रावलपिंडी के मैदान पर उन्होंने नाबाद 188 रन ठोके। इसमें 112 रन दौड़कर आए थे—यानी बिना चौकों-छक्कों के भी वो पारी लंबी खेल जाते। उनकी इनिंग में 13 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
फाफ डुप्लेसी – 103 रन दौड़कर (2017, श्रीलंका के खिलाफ)
2017 में केपटाउन की गर्म दोपहर में फाफ डुप्लेसी ने फिटनेस का क्लासिक उदाहरण पेश किया। उन्होंने 185 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 103 रन दौड़कर जुटाए। इस दौरान 16 चौके और 3 छक्के लगाए, लेकिन सबसे खास था उनका लगातार विकेटों के बीच दौड़ना।
एडम गिलक्रिस्ट – 102 रन दौड़कर (2004, जिम्बाब्वे के खिलाफ)
ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट को आमतौर पर छक्कों के लिए जाना जाता है। लेकिन 2004 में होबार्ट में उन्होंने दिखाया कि वो विकेटों के बीच भी उतने ही तेज़ हैं। 172 रन की पारी में गिली ने 102 रन दौड़कर बनाए।
मार्टिन गुप्टिल – 101 रन दौड़कर (2013, इंग्लैंड के खिलाफ)
न्यूजीलैंड के मार्टिन गुप्टिल ने इंग्लैंड के खिलाफ साउथेम्प्टन में नाबाद 189 रन ठोके थे। ये पारी खास इसलिए रही क्योंकि उन्होंने 101 रन दौड़कर जोड़े। उनकी पारी में 19 चौके और 2 छक्के थे, लेकिन असली जादू उनकी लगातार स्ट्राइक रोटेशन में दिखा।
विराट कोहली – 100 रन दौड़कर (2018, साउथ अफ्रीका के खिलाफ)
फिटनेस के लिए मशहूर विराट कोहली इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं। 2018 में केपटाउन वनडे में उन्होंने नाबाद 160 रन बनाए, जिसमें पूरे 100 रन दौड़कर आए। उनकी इनिंग में 12 चौके और 2 छक्के थे, लेकिन असल में कहानी उनके स्टैमिना और रनिंग-बिटवीन-द-विकेट्स की थी।
टॉप 5 वनडे इनिंग्स (दौड़कर बनाए गए रन के हिसाब से)
खिलाड़ी | साल | विपक्षी टीम | कुल रन | दौड़कर बनाए गए रन |
---|---|---|---|---|
गैरी कर्स्टन | 1996 | यूएई | 188* | 112 |
फाफ डुप्लेसी | 2017 | श्रीलंका | 185 | 103 |
एडम गिलक्रिस्ट | 2004 | जिम्बाब्वे | 172 | 102 |
मार्टिन गुप्टिल | 2013 | इंग्लैंड | 189* | 101 |
विराट कोहली | 2018 | साउथ अफ्रीका | 160* | 100 |
ये आंकड़े साफ बताते हैं कि क्रिकेट सिर्फ ताकत का खेल नहीं है, बल्कि दौड़ने और फिटनेस का भी इम्तिहान है। खासकर विराट और डुप्लेसी जैसे खिलाड़ियों ने साबित किया है कि स्ट्राइक रोटेशन से भी आप मैच बदल सकते हैं।