ODI – एसा लगा जैसे विशाखापत्तनम में तीसरा वनडे खत्म होते ही गौतम गंभीर के अंदर का कोच, विश्लेषक और पूर्व ओपनर—तीनों एक साथ सक्रिय हो गए हों।
भारत ने साउथ अफ्रीका को 2–1 से सीरीज हराई, और गंभीर ने उस जीत का श्रेय किसी एक स्टार को नहीं, बल्कि अनुभव और युवा ऊर्जा के उस कॉम्बिनेशन को दिया जिसने इस टीम को एकदम नए रंग में ढाल दिया।
वनडे सीरीज में विराट–रोहित फिर से उस एलीट मोड में दिखे, जिसकी वजह से उन्हें पीढ़ियों का भरोसा मिला है। विराट के दो शतक, एक नाबाद अर्धशतक और कुल 302 रन। दूसरी तरफ रोहित शर्मा—दो चटपटे, लेकिन क्लास से भरे अर्धशतक। और ऊपर से यशस्वी जायसवाल का शतक।
गंभीर के मुताबिक, यह सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं थी—यह ड्रेसिंग रूम की रीढ़ और भविष्य की नींव—दोनों की जीत थी।
“विराट–रोहित का अनुभव अमूल्य है”—गौतम गंभीर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर साफ बोले:
“वे विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। उनका अनुभव ड्रेसिंग रूम में बहुत मायने रखता है। वे वही कर रहे हैं, जो इतने सालों से करते आए हैं। उम्मीद है कि यह सिलसिला आगे भी चलता रहेगा।”
ईमानदारी से कहें तो कोहली–रोहित की इस सीरीज ने दिखा दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है—स्किल और मानसिक दृढ़ता वही है जो उन्हें ‘ग्रेट’ बनाती है।
विराट कोहली: 302 रन
रोहित शर्मा: 146 रन
जायसवाल: 156 रन
तीनों ने मिलकर भारत की जीत को कहानी का केंद्र बना दिया।
मौका मिला युवाओं को… और उन्होंने डिलीवर भी किया
बुमराह, सिराज, हार्दिक और शुभमन गिल की अनुपस्थिति ने टीम को अनदेखे चेहरों पर दांव खेलने के लिए मजबूर किया।
और ये वही स्थितियाँ होती हैं जहाँ टीम का भविष्य लिखा जाता है।
गंभीर ने तीन नामों का ज़िक्र खास तौर पर किया:
1. हर्षित राणा – उभरता गेंदबाजी ऑलराउंडर
गंभीर की बातों में उत्साह साफ झलक रहा था—
“हम हर्षित को ऐसे खिलाड़ी के रूप में तैयार करना चाहते हैं जो नंबर 8 पर योगदान दे सके। हमें 2027 वर्ल्ड कप के लिए कम से कम तीन दमदार तेज गेंदबाज चाहिए।”
राणा के भीतर गंभीर को वो संभावित पज़ल-पीस दिखता है, जो भारत की ODI टीम को बेहद संतुलित बना सकता है—स्टोक्स-जैसी भूमिका, लेकिन भारतीय संदर्भ में।
2. अर्शदीप सिंह – डिसिप्लिन + डेथ स्किल्स
अर्शदीप ने SA बल्लेबाज़ों को सीम मूवमेंट और विकेट-टू-विकेट स्पेल से लगातार असहज रखा।
गंभीर बोले:
“अर्शदीप, प्रसिद्ध और हर्षित—तीनों ने अविश्वसनीय प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों के पास मुश्किल से 15 वनडे का अनुभव है।”
3. प्रसिद्ध कृष्णा – हिट-द-डेक स्ट्राइक बॉलर
47वें ओवर में विकेट निकालना हो या पारी की शुरुआत में ब्रेकथ्रू—प्रसिद्ध इस सीरीज में भारत के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइक बॉलर्स में रहे।
विराट–रोहित के साथ नई पीढ़ी… गंभीर की सोच साफ है
गंभीर जिस तरह युवाओं और दिग्गजों की संयुक्त भूमिका को देख रहे हैं, वह 2027 विश्व कप की तरफ एक लंबी योजना का संकेत भी है।
भारत की संभावित ODI संरचना अब कुछ ऐसी दिखती है:
| अनुभवी खिलाड़ी | भूमिका |
|---|---|
| विराट कोहली | एंकर + चेज मास्टर |
| रोहित शर्मा | अग्रेसिव टेम्पो सेट्टर |
| केएल राहुल | ग्लू + विकेटकीपर लीडर |
| युवा खिलाड़ी | भूमिका |
|---|---|
| जायसवाल | पॉवरप्ले हिटर |
| हर्षित राणा | गेंदबाजी ऑलराउंडर |
| अर्शदीप–प्रसिद्ध | नए दौर का पेस अटैक |
गंभीर का संदेश स्पष्ट है—
दिग्गज टीम को स्थिरता देते हैं, युवा टीम को धार। और दोनों ही भारत के विज़न का हिस्सा हैं।















