T20 – लाहौर की गर्म शाम, गद्दाफी स्टेडियम की भरी हुई सीटें और सामने ऑस्ट्रेलिया—पाकिस्तान ने जैसे ही पहला टी20 मुकाबला जीता, जश्न मैदान से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच गया। सलमान आगा की कप्तानी में पाकिस्तान ने 20 रनों से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज का शानदार आगाज़ किया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। मैच के बाद जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वह था पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का पोस्ट—और उस पर मचा बवाल।
पाकिस्तान की जीत पीएम की एंट्री और सोशल मीडिया का ट्विस्ट
ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने X (पूर्व ट्विटर) पर टीम पाकिस्तान की खुलकर तारीफ की। उन्होंने सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी और उनकी टीम के प्रयासों को भी सराहा।
शहबाज शरीफ ने लिखा,
“पहले T20I में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार परफॉर्मेंस के लिए टीम पाकिस्तान को बहुत-बहुत बधाई। मैं PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी और उनकी पूरी टीम की भी तारीफ करता हूं, जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट को मजबूत बनाने के लिए अथक प्रयास किए। यह देश के लिए गर्व का पल है।”
पोस्ट देश के भीतर शायद तालियों के लिए थी, लेकिन सोशल मीडिया पर मामला दूसरी दिशा में चला गया।
आकाश चोपड़ा ने क्यों दिखाया आईना
प्रधानमंत्री के “शानदार परफॉर्मेंस” वाले बयान पर भारत के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने सीधा सवाल खड़ा कर दिया।
आकाश चोपड़ा ने X पर लिखा,
“पूरी इज्जत के साथ… यह ऑस्ट्रेलिया की B टीम के खिलाफ एक बाइलेटरल T20I मैच है। कई मेन खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया है। और 170 रन के गेम में 20 रन की जीत को ‘जबरदस्त’ तो नहीं कहा जा सकता।”
बस, यहीं से बहस ने रफ्तार पकड़ ली।
कुछ फैंस आकाश के तर्क से सहमत दिखे, तो कुछ ने इसे पड़ोसी देश की अनावश्यक आलोचना बताया।
क्या वाकई ऑस्ट्रेलिया की B टीम थी
यह सवाल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा पूछा गया।
हकीकत यह है कि इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के कई सीनियर और रेगुलर टी20 खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे। टीम संयोजन अपेक्षाकृत युवा और प्रयोगात्मक नजर आया।
यही वजह है कि आकाश चोपड़ा की टिप्पणी को “क्रिकेटिंग कॉन्टेक्स्ट” में देखा जा रहा है, न कि सिर्फ ट्रोलिंग के तौर पर।
मैच का हाल: पाकिस्तान ने कैसे बनाई पकड़
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 168 रन बनाए।
यह स्कोर बड़ा नहीं था, लेकिन गेंदबाज़ों के लिए बचाव लायक जरूर था।
दिलचस्प बात यह रही कि पूरी पारी में एक भी अर्धशतक नहीं आया।
पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी – टॉप स्कोरर
| बल्लेबाज़ | रन |
|---|---|
| सैम अयूब | 40 |
| सलमान आगा (कप्तान) | 39 |
कई छोटी-छोटी पारियों ने मिलकर स्कोर को 168 तक पहुंचाया, लेकिन इसे “मैच विनिंग टोटल” कहना थोड़ा साहसिक था।
गेंदबाज़ी में सैम अयूब का डबल रोल
पाकिस्तान की जीत की असली नींव गेंदबाज़ी में पड़ी।
ऑस्ट्रेलिया रन चेज़ के दौरान कभी भी पूरी तरह सेट नहीं हो पाया।
सैम अयूब, जिन्होंने बल्लेबाज़ी में सबसे ज्यादा रन बनाए थे, गेंदबाज़ी में भी चमके।
उन्होंने 2 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलियाई मिडिल ऑर्डर की कमर तोड़ दी।
इसी ऑलराउंड परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
ऑस्ट्रेलिया की पारी: शुरुआत के बाद बिखराव
168 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम 8 विकेट पर 146 रन ही बना सकी।
शुरुआत ठीक-ठाक थी, लेकिन जैसे ही विकेट गिरे, रन गति भी गिरती चली गई।
पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने लेंथ और स्पीड में लगातार बदलाव किया, जिसका असर साफ दिखा।
पीएम की तारीफ पर ट्रोलिंग क्यों?
असल मुद्दा जीत नहीं, बल्कि जीत का प्रेजेंटेशन बन गया।
फैंस का एक वर्ग मानता है कि बाइलेटरल सीरीज में, वो भी ऑस्ट्रेलिया की सेकंड स्ट्रेंथ टीम के खिलाफ 20 रन की जीत को “ऐतिहासिक” या “जबरदस्त” बताना कुछ ज्यादा हो गया।
दूसरी ओर, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि एक प्रधानमंत्री का अपनी टीम का हौसला बढ़ाना गलत नहीं है—चाहे मंच क्रिकेट हो या राजनीति।
पाकिस्तान के लिए यह जीत क्या मायने रखती है?
ट्रोलिंग और बयानबाज़ी से अलग देखें, तो पाकिस्तान के लिए यह जीत अहम है।
- नई कप्तानी में पहली बड़ी परीक्षा
- युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
- और घरेलू मैदान पर सीरीज की मजबूत शुरुआत
जीत मैदान पर, बहस सोशल मीडिया पर
पाकिस्तान ने मैच जीता—इसमें कोई दो राय नहीं।
लेकिन जीत के बाद जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आईं, उन्होंने मुकाबले को क्रिकेट से आगे ले जाकर नैरेटिव की लड़ाई बना दिया।
आकाश चोपड़ा का कमेंट, शहबाज शरीफ की पोस्ट और फैंस की बहस—
सब मिलकर यह दिखाते हैं कि आज के दौर में क्रिकेट सिर्फ 22 गज तक सीमित नहीं रहा।
गद्दाफी स्टेडियम में 20 रन की जीत थी,
लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुकाबला अब भी जारी है।















