WC 2026 : भारत–श्रीलंका में होने वाले विश्व कप से पहले पाकिस्तान ने रोल-क्लैरिटी मॉडल अपनाया

Atul Kumar
Published On:
WC 2026

WC 2026 – टी20 विश्व कप 2026 से ठीक एक साल पहले पाकिस्तान टीम में हलचल की उम्मीद थी—खासतौर पर एशिया कप फाइनल में भारत से मिली हार के बाद हुए बदलावों को देखकर। लेकिन कप्तान सलमान अली आगा ने पीसीबी के पॉडकास्ट पर साफ कर दिया कि अब जो संयोजन बन चुका है, वही टीम विश्व कप तक लेकर जाएगी।
उनके लहजे में भरोसा भी था और एक तरह की रणनीतिक दृढ़ता भी—जैसे कहना चाहते हों कि “हमने जो ढांचा खड़ा किया है, वह हिलने वाला नहीं।”

पाकिस्तान की योजना—बड़े बदलाव बंद, मौजूदा स्क्वॉड तय

सलमान अली आगा ने दो टूक कहा:
“मुझे नहीं लगता विश्व कप से पहले राष्ट्रीय टी20 टीम में कोई बड़ा बदलाव होगा।”

यह बयान दिलचस्प है, क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट में अस्थिरता लगभग एक परंपरा रही है—कभी कोच बदलता है, कभी कप्तान, कभी पूरी स्क्वॉड पलट दी जाती है।
लेकिन इस बार कप्तान का रुख स्पष्ट है:
टीम में हाल के महीनों में खिलाड़ियों की भूमिकाएँ फिक्स की गई हैं, और उसी पर भरोसा रहेगा।

और सच कहें तो पाकिस्तान की हालिया टी20 फॉर्म इस रणनीति को सही भी ठहराती है।

बदलाव हुए थे—लेकिन पहले ही, और वही असर लाए

भारत से एशिया कप फाइनल की हार के बाद PCB ने टीम में कई संशोधन किए थे:

  • अब्दुल समद – मिडल ऑर्डर में दम
  • बाबर आज़म – अनुभव और स्थिरता की रीढ़
  • उस्मान खान – पावर हिटर की नई भूमिका
  • नसीम शाह – चोट से वापसी के बाद तेज़ गेंदबाज़ी का संतुलन

इन चार खिलाड़ियों की वापसी या एंट्री ने टीम की संरचना बदल दी।
उसके बाद जो हुआ, वह पाकिस्तान की रणनीति को मजबूती देता है:

  • दक्षिण अफ्रीका को घरेलू सीरीज में हराया
  • जिम्बाब्वे और श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज जीती

यानी परिणाम बोल रहे हैं—और सलमान उसी परिणाम के सहारे मौजूदा टीम पर भरोसा बनाए रखना चाहते हैं।

“भूमिकाएँ स्पष्ट हो चुकी हैं”—सलमान की कोर फिलॉसफी

टी20 क्रिकेट में रोल-क्लैरिटी का महत्व अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन विश्व कप जैसी टूर्नामेंट में यही सबसे बड़ा फैक्टर बनता है।
सलमान के मुताबिक:

  • खिलाड़ियों से अब यह नहीं पूछा जाएगा कि उन्हें क्या करना है
  • टीम का टेम्पलेट फिक्स हो चुका है
  • संयोजन टूटा तो लय टूट जाएगी

उनके शब्दों में यह एक बदलाव नहीं, बल्कि एक स्थिरता का ऐलान है।

और अगर यह स्थिरता विश्व कप तक बनी रहती है, तो पाकिस्तान एक खतरनाक टीम बनकर उभर सकती है।

विश्व कप से पहले सिर्फ छह मैच—यही वजह है बदलाव से इनकार

सलमान ने एक और व्यावहारिक बात कही:
“विश्व कप से पहले हमें सिर्फ छह टी20 मैच खेलने हैं। इतने कम मैचों में बड़े बदलाव करना संभव नहीं।”

और यह बिल्कुल सच है।
छह मैचों में:

  • नए खिलाड़ियों को मौके देना
  • भूमिकाएँ तय करना
  • बैटिंग ऑर्डर टेस्ट करना
  • बॉलिंग कॉम्बिनेशन बदलना

—ये सब जोखिम भरे प्रयोग बन जाते हैं।
सलमान का कहना है कि अब “पॉलिशिंग का समय” है, न कि “एक्सपेरिमेंटेशन का।”

भारत–श्रीलंका संयुक्त मेजबानी—क्या इससे पाकिस्तान को फर्क पड़ेगा?

2026 का टी20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में होगा।
भारत की पिचें—स्पिन और बैटिंग फ्रेंडली
श्रीलंका की पिचें—स्लो, ग्रिपिंग, कम रन रेट वाली

इसका मतलब है पाकिस्तान को डुअल-कंडीशन रणनीति चाहिए।
और मौजूदा स्क्वॉड में:

  • उस्मान खान जैसी पावर हिटिंग
  • बाबर की एंकरिंग
  • समद का फ्लोटिंग रोल
  • नसीम शाह–हारिस रऊफ का तेज़ अटैक

—इन सबके साथ यह टीम एशियाई परिस्थितियों के लिए लगभग परफेक्ट दिखती है।

पाकिस्तान का मौजूदा टी20 सेटअप: एक झलक

विभागमुख्य खिलाड़ीभूमिका
टॉप ऑर्डरबाबर आज़म, मोहम्मद रिज़वानस्थिरता, लंबी पारी
मिडल ऑर्डरअब्दुल समद, उस्मान खानस्ट्राइक रेट बढ़ाना
ऑलराउंडरइफ्तिखार, शादाबबैट+बॉल बैलेंस
तेज़ गेंदबाज़ीनसीम शाह, रऊफपावरप्ले + डेथ ओवर
स्पिनशादाब, नवाज़एशियाई पिचों पर कंट्रोल

यानी यह संयोजन भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों के अनुरूप ही बनाया गया है।

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