World Cup – नागपुर और मुंबई से लेकर कोलंबो तक, ड्रेसिंग रूम की चर्चाओं से ज्यादा शोर इस वक्त खबरों में है। टी20 विश्व कप से ठीक पहले एक ऐसी अटकल ने जोर पकड़ लिया है, जिसने क्रिकेट से ज्यादा राजनीति की सुगबुगाहट पैदा कर दी। सवाल सीधा है—क्या पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में टी20 विश्व कप का बहिष्कार कर सकता है?
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट ने इस बहस को हवा दी, लेकिन कुछ ही घंटों में कहानी ने दूसरा मोड़ भी ले लिया।
कहां से शुरू हुई बहिष्कार की अटकल?
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने संकेत दिए थे कि अगर बांग्लादेश से जुड़ा विवाद नहीं सुलझता है, तो पाकिस्तान वर्ल्ड कप में अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है।
मामले की जड़ बांग्लादेश की वह मांग है, जिसमें उसने आईसीसी से कहा है कि उसके टी20 विश्व कप मैच भारत से बाहर कराए जाएं। बांग्लादेश ने “सुरक्षा चिंताओं” का हवाला देते हुए यह रुख अपनाया है।
आईसीसी ने अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि वह वर्ल्ड कप के वैन्यू में बदलाव करेगा। नतीजा यह हुआ कि बांग्लादेश की भागीदारी पर ही सवाल खड़े होने लगे—और उसी बीच पाकिस्तान के बहिष्कार की अटकलें सामने आईं।
रेवस्पोर्ट्ज ने क्यों पलट दी कहानी?
जब माहौल गरम हो रहा था, तभी रेवस्पोर्ट्ज की रिपोर्ट ने इन अटकलों पर ठंडा पानी डाल दिया।
रेवस्पोर्ट्ज के मुताबिक पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश भारत में अपने मैच खेलने से इनकार करता है, तो भी पाकिस्तान टी20 विश्व कप का बहिष्कार नहीं करेगा।
PCB से जुड़े एक करीबी सूत्र ने रेवस्पोर्ट्ज से कहा,
“नहीं। ये पीसीबी का स्टैंड नहीं है।”
यानी बहिष्कार की बात, कम से कम पाकिस्तान की तरफ से, फिलहाल पूरी तरह खारिज कर दी गई है।
पाकिस्तान का तर्क: हमारे मैच पहले ही श्रीलंका में हैं
सूत्र ने एक अहम बात और साफ की, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जा रहा है।
भारत द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार के बाद, 2025 की शुरुआत में ही यह सहमति बन चुकी थी कि टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे।
इसलिए PCB के पास वर्ल्ड कप से पीछे हटने का कोई “आधार” नहीं है।
सूत्र के शब्दों में,
“आईसीसी कहेगा कि पाकिस्तान के मैच तो पहले ही श्रीलंका में रखे गए हैं। लोग किसी मुद्दे को भड़काने के लिए ऐसी बातें फैलाते हैं।”
बांग्लादेश का गुस्सा कहां से फूटा?
इस पूरे विवाद की चिंगारी दिसंबर में लगी थी।
आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपने स्क्वाड से रिलीज कर दिया। खास बात यह है कि केकेआर ने उन्हें आईपीएल मिनी ऑक्शन में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था।
बांग्लादेशी मीडिया और बोर्ड का मानना है कि यह फैसला बीसीसीआई के निर्देश पर लिया गया।
इसके बाद बांग्लादेश ने फरवरी में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत आने से इनकार कर दिया।
4 जनवरी को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आईसीसी को पत्र लिखकर कहा कि “सुरक्षा कारणों” से उसकी टीम भारत में वर्ल्ड कप मैच नहीं खेल सकती।
आईसीसी के सामने बांग्लादेश के प्रस्ताव
बांग्लादेश ने आईसीसी के सामने दो विकल्प रखे—
- उसके ग्रुप मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराए जाएं
- ग्रुप में आयरलैंड से अदला-बदली कर दी जाए, क्योंकि आयरलैंड के सभी मैच श्रीलंका में हैं
समस्या यह है कि बांग्लादेश के चारों ग्रुप मैच भारत में—कोलकाता और मुंबई—में तय हैं।
आईसीसी ने अब तक इन दोनों मांगों को ठुकरा दिया है।
अगर बांग्लादेश अड़ा रहा तो क्या होगा?
यहां मामला गंभीर हो जाता है।
अगर बांग्लादेश अपने रुख पर कायम रहता है और भारत में खेलने से इनकार करता है, तो आईसीसी के पास एक कड़ा विकल्प मौजूद है—उसे टूर्नामेंट से बाहर कर किसी दूसरी टीम को मौका दिया जा सकता है।
यही वजह है कि यह विवाद सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। यह सीधे-सीधे वर्ल्ड कप की तस्वीर बदल सकता है।
पाकिस्तान को क्यों घसीटा जा रहा है?
जियो न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बांग्लादेश ने पाकिस्तान से संपर्क कर कूटनीतिक और क्रिकेटिंग समर्थन मांगा है।
यहीं से यह नैरेटिव बना कि पाकिस्तान, बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप का बहिष्कार कर सकता है।
लेकिन PCB से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह दावा हकीकत से ज्यादा अटकलों पर आधारित है।















