PCB – पाकिस्तान क्रिकेट में कोचिंग कुर्सी कभी भी स्थिर नहीं रहती। और इस बार झटका लगा है टेस्ट टीम को। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने राष्ट्रीय टेस्ट टीम के मुख्य कोच अजहर महमूद से उनके अनुबंध की समाप्ति से तीन महीने पहले ही अलग होने का फैसला कर लिया है।
काग़ज़ों पर यह फैसला “प्लानिंग” का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन क्रिकेट पाकिस्तान में शायद ही कोई ऐसा माने कि यह सिर्फ टाइमिंग का मामला है। सवाल बहुत हैं, जवाब फिलहाल कम।
तीन महीने पहले क्यों हटाए गए अजहर?
अजहर महमूद का अनुबंध मार्च 2026 तक था। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान का अगला टेस्ट मैच भी मार्च 2026 में ही खेला जाना है। ऐसे में PCB ने बिना किसी सीरीज़ के बीच, बिना किसी तत्काल दबाव के, कोच को हटाने का फैसला किया।
बोर्ड के करीबी एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक,
PCB चाहता है कि नए टेस्ट कोच के लिए अभी से रोडमैप तैयार किया जाए, ताकि ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अगले चक्र में टीम बिना किसी अस्थिरता के उतरे।
यानी बोर्ड अब “आखिरी वक्त की जल्दबाज़ी” नहीं चाहता।
दो साल का कॉन्ट्रैक्ट, एक साल में विदाई
अजहर महमूद को पिछले साल टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनाया गया था। यह नियुक्ति खुद में बड़ा संकेत थी—PCB ने एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जो—
- पाकिस्तान क्रिकेट की संस्कृति समझता है
- ड्रेसिंग रूम का अनुभव रखता है
- और खिलाड़ियों के करीब माना जाता है
लेकिन नतीजे उतने ठोस नहीं रहे, जितनी उम्मीद थी। टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की निरंतरता, चयन और रणनीति—तीनों पर सवाल उठते रहे।
अब, कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने से पहले ही रास्ते अलग कर दिए गए।
अब PCB की नज़र आगे की टेस्ट योजना पर
PCB ने साफ कर दिया है कि—
- नए टेस्ट हेड कोच की तलाश शुरू हो चुकी है
- सपोर्ट स्टाफ में भी बदलाव संभव है
- आने वाला एक साल पूरी तरह टेस्ट क्रिकेट पर फोकस होगा
ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत पाकिस्तान का अगला सफर आसान नहीं है।
पाकिस्तान का टेस्ट कैलेंडर: असली परीक्षा आगे
मार्च 2026 से पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट का एक लंबा और कठिन दौर शुरू होगा।
| दौरा / सीरीज़ | समय |
|---|---|
| बांग्लादेश दौरा | मार्च 2026 |
| वेस्टइंडीज दौरा | जुलाई 2026 |
| इंग्लैंड दौरा | अगस्त–सितंबर 2026 |
| श्रीलंका की मेजबानी | नवंबर–दिसंबर 2026 |
| न्यूजीलैंड की मेजबानी | मार्च 2027 |
इन दौरों को देखते हुए PCB नहीं चाहता कि टीम कोचिंग ट्रांज़िशन के कारण पिछड़ जाए।
अजहर महमूद: खिलाड़ी से कोच तक
50 साल के अजहर महमूद का क्रिकेट करियर कभी सुर्खियों से दूर नहीं रहा।
- टेस्ट मैच: 21
- टेस्ट रन: 900
- टेस्ट विकेट: 39
ODI में तो उनका योगदान और भी बड़ा रहा—
- मैच: 143
- विकेट: 123
- रन: 1521
उन्हें आकिब जावेद की जगह टेस्ट टीम का कोच बनाया गया था। एक पूर्व ऑलराउंडर के तौर पर उनसे उम्मीद थी कि वह टीम में बैलेंस और फाइटिंग माइंडसेट लाएंगे।
लेकिन पाकिस्तान टेस्ट टीम की पुरानी समस्याएं—
- अस्थिर टॉप ऑर्डर
- फास्ट बॉलर्स का वर्कलोड
- घरेलू पिचों की रणनीति
इन सबका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
क्या यह सिर्फ रणनीतिक फैसला है?
PCB की भाषा में यह फैसला “फॉरवर्ड प्लानिंग” है।
लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट को देखने वाले जानते हैं—
- जब रिज़ल्ट नहीं आते
- जब टीम की दिशा साफ नहीं होती
- और जब WTC पॉइंट्स दबाव बनाते हैं
तो सबसे पहले असर कोचिंग स्टाफ पर ही पड़ता है।
PCB की आधिकारिक साइट पर फिलहाल इस फैसले को लेकर कोई लंबा बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने हलचल तेज़ है।
अगला कोच कौन?
यह सवाल अभी खुला है।
- क्या PCB किसी विदेशी कोच की तरफ जाएगा?
- या फिर किसी पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी को मौका मिलेगा?
- क्या रेड-बॉल स्पेशलिस्ट कोच की तलाश है?
इतिहास देखें तो PCB अक्सर शॉर्ट-टर्म सॉल्यूशन चुनता रहा है। लेकिन इस बार टेस्ट कैलेंडर इतना भारी है कि गलत फैसला सीधे नतीजों में दिखेगा।
एक और अध्याय खत्म
अजहर महमूद की विदाई यह बताती है कि पाकिस्तान क्रिकेट में—
- कोचिंग कुर्सी सबसे असुरक्षित है
- टेस्ट क्रिकेट अब भी सबसे बड़ी चुनौती
- और PCB अब जोखिम कम करना चाहता है
यह फैसला सही था या नहीं, इसका जवाब मार्च 2026 के बाद ही मिलेगा। लेकिन इतना तय है—
पाकिस्तान टेस्ट टीम के लिए अगला एक साल निर्णायक होने वाला है।















