PCB – पाकिस्तान के टी20 सेटअप में मानो वर्षों बाद स्थिरता की आवाज सुनाई दी हो। कप्तान सलमान अली आगा ने पीसीबी के पॉडकास्ट पर दो टूक कह दिया—“विश्व कप से पहले कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला।”
यह बयान उस टीम से आया है जो पिछले डेढ़ साल तक लगातार अस्थिरता की बहस में लगी रही—कभी कप्तानी बदली, कभी बैटिंग ऑर्डर उलझा, कभी तेज गेंदबाजी विभाग टूटा। लेकिन इस बार स्वर अलग थे। शांत, साफ और लगभग राहत भरा।
पाकिस्तान का बदला चेहरा—और वह भी एक नॉकआउट हार के बाद
एशिया कप फाइनल में भारत से मिली हार के बाद पाकिस्तान ने जिस तरह टीम में बदलाव किए थे, उसने पूरे ढांचे को रीसेट कर दिया।
अब्दुल समद, बाबर आज़म, उस्मान खान और नसीम शाह को शामिल करना सिर्फ चयन नहीं था—यह दिशा बदलने का संकेत था।
उसके बाद टीम ने:
- दक्षिण अफ्रीका को 3 मैचों की घरेलू टी20 सीरीज में हराया
- जिम्बाब्वे–श्रीलंका त्रिकोणीय सीरीज जीती
यानी टीम के भीतर जो “रोल क्लैरिटी” सलमान बात कर रहे हैं, वह सिर्फ शब्द नहीं, स्कोरलाइन में भी दिखी।
“हमारा संयोजन तय है”—कप्तान का भरोसा
सलमान ने पॉडकास्ट में कहा:
“प्रत्येक खिलाड़ी को पिछले महीनों में स्पष्ट भूमिका दी गई है और उसके बाद टीम के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।”
यह लाइन पाकिस्तान क्रिकेट में बेहद अहम है—क्योंकि यह पहली बार है जब कोई कप्तान इतने आत्मविश्वास से कह रहा है कि:
- टीम फिक्स है
- बदलाव बंद
- प्रयोग खत्म
- स्थिरता शुरू
और शायद यही कारण है कि उन्होंने जोर देकर कहा—“विश्व कप तक यही संयोजन जाएगा।”
सिर्फ छह मैच बचे—और यही है असली वजह
सलमान के बयान की व्यावहारिकता भी समझनी होगी।
पाकिस्तान के पास विश्व कप से पहले महज़ 6 टी20 मैच हैं।
इतने कम मैचों में:
- नए खिलाड़ियों को आज़माना
- बैटिंग–बॉलिंग कॉम्बिनेशन बदलना
- पोजीशन स्विच करना
—ये सब जोखिम भरे प्रयोग हैं।
सलमान का कहना था—“इतने कम समय में बड़े बदलाव करना संभव नहीं।”
यानी अब वक्त “एक्सपेरिमेंट” का नहीं, “कंसिस्टेंसी” का है।
कौन-कौन है इस फिक्स्ड स्क्वॉड का हिस्सा?
पाकिस्तान की मौजूदा टी20 टीम असल में उन हिस्सों का मेल है जिन्हें पिछले दो साल में कई बार अलग-अलग संयोजनों में आज़माया गया।
पाकिस्तान का वर्तमान टी20 कोर स्क्वॉड (भूमिकाओं के आधार पर)
| विभाग | मुख्य खिलाड़ी | भूमिका |
|---|---|---|
| टॉप ऑर्डर | बाबर आज़म, रिज़वान | एंकर, स्टेबिलिटी |
| मिडल ऑर्डर | अब्दुल समद, उस्मान खान | स्ट्राइक रेट बढ़ाना, फिनिशिंग |
| ऑलराउंडर | शादाब खान, इफ्तिखार | फ्लेक्सिबल बैटिंग + कंट्रोल स्पिन |
| तेज गेंदबाजी | नसीम शाह, रऊफ | पावरप्ले और डेथ ओवर्स |
| स्पिन अटैक | शादाब, नवाज़ | एशियाई पिचों पर वेरिएशन |
ये वही खिलाड़ी हैं जिन्हें सलमान ने भूमिकाएँ सौंपकर टीम को टेम्पलेट में ढाला है।
भारत–श्रीलंका की परिस्थितियाँ—पाकिस्तान क्यों आत्मविश्वासी है?
2026 विश्व कप भारत और श्रीलंका में होने वाला है—और पाकिस्तान को उपमहाद्वीपीय कंडीशन्स की समझ बेहद अच्छी है।
भारत:
- फ्लैट बैटिंग पिचें
- बड़े स्कोर
- स्पिन का बड़ा रोल
श्रीलंका:
- धीमी पिचें
- स्ट्राइक रोटेशन जरूरी
- स्पिनर्स मैच जिता सकते हैं
मौजूदा स्क्वॉड इन दोनों परिस्थितियों के लिए बेहतर लगता है—इसीलिए सलमान इसे बदलने के पक्ष में नहीं।
पाकिस्तान की हालिया सफलता—डेटा कहता है सुधार हुआ है
| टूर्नामेंट / सीरीज | परिणाम |
|---|---|
| एशिया कप फाइनल | भारत से हार, फिर बदलाव |
| दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज | पाकिस्तान 2–1 विजेता |
| जिम्बाब्वे-श्रीलंका त्रिकोणीय | पाकिस्तान चैंपियन |
यानी “पोस्ट-एशिया-कप रिवैम्प” के बाद पाकिस्तान की जीत दर बढ़ी है, खासकर T20 में।
सलमान का संदेश—विश्व कप तैयारी की असली शुरुआत
उनके बयान का असली सार यह है कि:
- टीम को अब रोस्टर-शॉक नहीं मिलेगा
- खिलाड़ी अपनी भूमिका लेकर मैदान में उतरेंगे
- विश्व कप से पहले “अन्योल” से नहीं “स्थिरता” से तैयारी होगी
पाकिस्तान अक्सर टूर्नामेंट्स से पहले टीम को हिला देता था—इस बार कहानी उलट है।















