Phil Salt – पाल्लेकल की शाम जैसे-जैसे गहराती गई, स्टेडियम में बैठी भीड़ का शोर धीमा पड़ता गया। 146 का लक्ष्य—जो पहली नजर में मामूली लगा था—आखिरकार श्रीलंका के लिए पहाड़ साबित हुआ। इंग्लैंड ने 51 रन से जीत दर्ज की, लेकिन यह सिर्फ स्कोरलाइन नहीं थी। यह कहानी थी वापसी की। कहानी थी उस आक्रामक बयान की, जो कप्तान हैरी ब्रूक ने सुपर-8 से पहले दिया था—और जिसे गेंदबाजों ने मैदान पर सच कर दिखाया।
फिल सॉल्ट ने शुरुआत दी। जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स ने अंत लिखा।
सॉल्ट की ठोस पारी, जब बाकी लड़खड़ाए
इंग्लैंड की बल्लेबाजी पावरप्ले में जकड़ी हुई दिखी। श्रीलंका ने पहले छह ओवर में सिर्फ 37 रन दिए और दो बड़े विकेट निकाल लिए। जोस बटलर का संघर्ष जारी रहा—14 गेंदों पर सात रन। रिवर्स स्वीप की कोशिश में पगबाधा। हैरी ब्रूक भी सात गेंदों पर 14 रन बनाकर वेलालगे की धीमी गेंद में फंस गए।
तभी फिल सॉल्ट ने जिम्मेदारी संभाली।
40 गेंदों पर 62 रन।
6 चौके। 2 छक्के।
36 गेंदों में अर्धशतक।
उन्होंने वेलालगे को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का जड़ा—साफ संदेश। चमीरा के खिलाफ फाइन लेग के ऊपर से शॉट खेला—कंट्रोल के साथ आक्रामकता।
लेकिन सॉल्ट के अलावा कोई नहीं टिका। टॉम बैंटन रन आउट। जैकब बेथेल तीक्षणा की फिरकी में फंसे। सैम कुरेन बाउंड्री पर कैच। नतीजा—इंग्लैंड 20 ओवर में 146/9।
स्कोर बोर्ड पर 146।
ड्रेसिंग रूम में सवाल—क्या यह काफी है?
वेलालगे और श्रीलंका की अनुशासित गेंदबाजी
दुनिथ वेलालगे ने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट झटके।
तीक्षणा ने 4 ओवर में 21 रन पर 2 विकेट।
मधुशंका नई गेंद से किफायती रहे।
श्रीलंका के प्रमुख गेंदबाज
| गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| वेलालगे | 4 | 26 | 3 |
| तीक्षणा | 4 | 21 | 2 |
| मधुशंका | 4 | 25 | 2 |
पावरप्ले में बटलर और ब्रूक को आउट करना निर्णायक था। 10 ओवर में इंग्लैंड 68/4—मैच मेजबान टीम की मुट्ठी में दिख रहा था।
लेकिन क्रिकेट में “दिख रहा था” अक्सर खतरनाक शब्द होता है।
आर्चर-जैक्स: पावरप्ले में कहर
श्रीलंका की शुरुआत इंग्लैंड से भी खराब रही।
छठे ओवर तक स्कोर—34/5।
जोफ्रा आर्चर ने पहले ही ओवर में पाथुम निसांका (9) को फुल लेंथ तेज गेंद पर फंसाया। जेमी ओवरटन को डीप मिडविकेट पर खासतौर से तैनात किया गया था। योजना साफ थी। निष्पादन बेहतरीन।
फिर मंच पर आए विल जैक्स।
लगातार दो गेंदों पर कुसल मेंडिस और पवन रत्नायके आउट।
फील्ड में ऊर्जा, गेंद में टर्न, और बल्लेबाजों में हड़बड़ी।
इंग्लैंड के प्रमुख गेंदबाज
| गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| विल जैक्स | 4 | 22 | 3 |
| जोफ्रा आर्चर | 3 | 20 | 2 |
| लियाम डॉसन | 4 | 27 | 2 |
| आदिल रशीद | 3.4 | 13 | 2 |
कमिल मिशारा गली में कैच।
वेलालगे मिडऑन पर ब्रूक के हाथों।
कामिंदु मेंडिस डॉसन की गेंद पर आउट।
22 रन तक चार विकेट।
34 तक पांच।
पाल्लेकल की भीड़ सन्न।
शनाका की कोशिश, पर बहुत देर
कप्तान दासून शनाका ने 24 गेंदों पर 30 रन बनाकर संघर्ष की झलक दिखाई। एक चौका, दो छक्के। लेकिन दूसरे छोर से कोई साथ नहीं।
रशीद की गुगली ने अंत कर दिया।
16.4 ओवर में श्रीलंका 95 ऑलआउट।
इंग्लैंड ने मैच 51 रन से जीत लिया।
मैच का टर्निंग पॉइंट
अगर एक पल चुनना हो—तो जैक्स का वह ओवर। दो गेंद, दो विकेट।
उसके बाद श्रीलंका उबर नहीं पाया।
और यही क्रिकेट का सच है। टी20 में 12 गेंदें मैच बदल देती हैं।
इंग्लैंड की रणनीतिक उलझन
हालांकि जीत शानदार रही, लेकिन कुछ सवाल बने हुए हैं।
बटलर का फॉर्म चिंता का विषय है। स्पिन के खिलाफ उनका संघर्ष स्पष्ट दिख रहा है। क्या अगले मैच में बेन डकेट को मौका मिलेगा? टीम मैनेजमेंट सोच रहा होगा।
सॉल्ट ने राहत दी, जैक्स ने ऑलराउंड शो दिखाया—14 गेंदों में 21 रन भी जोड़े। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
लेकिन सुपर-8 लंबा चरण है। सामने बड़े प्रतिद्वंद्वी होंगे।















