De Kock – न्यूयॉर्क की रात में जब दक्षिण अफ्रीका 213 का स्कोर खड़ा कर चुका था, तब स्पॉटलाइट बल्लेबाज़ों पर थी। लेकिन मैच खत्म होते-होते सुर्खियों में एक और नाम आ गया—क्विंटन डी कॉक।
बल्ले से बड़ी पारी नहीं आई, मगर विकेट के पीछे दो कैच ऐसे लपके कि सीधे एमएस धोनी के विश्व रिकॉर्ड के बराबर जा खड़े हुए।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अब सबसे ज्यादा शिकार करने वाले विकेटकीपरों की सूची में धोनी और डी कॉक—दोनों 32-32 पर साथ खड़े हैं।
32 पर बराबरी: धोनी के क्लब में डी कॉक
कनाडा के खिलाफ मुकाबले में डी कॉक ने विकेट के पीछे दो कैच पकड़े। इसी के साथ उनका कुल आंकड़ा 32 पहुंच गया। यह वही संख्या है जो एमएस धोनी ने अपने टी20 वर्ल्ड कप करियर में दर्ज की थी।
धोनी का नाम विकेटकीपिंग की परिभाषा माना जाता है—तेज़ स्टंपिंग, बिजली जैसी रिफ्लेक्स और बड़े मंच पर शांत दिमाग। अब उसी सूची में डी कॉक बराबरी पर हैं।
टॉप विकेटकीपर – T20 वर्ल्ड कप
| खिलाड़ी | डिसमिसल |
|---|---|
| क्विंटन डी कॉक | 32* |
| एमएस धोनी | 32 |
| कामरान अकमल | 30 |
| दिनेश रामदीन | 27 |
| कुमार संगकारा | 26 |
| जोस बटलर | 26 |
(*सक्रिय खिलाड़ी)
यह सूची बताती है कि डी कॉक अब सिर्फ रिकॉर्ड के करीब नहीं, बल्कि इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं।
बल्ले से फीकी शुरुआत, टीम का दमदार प्रदर्शन
डी कॉक के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत बल्ले से खास नहीं रही। लेकिन टीम के बाकी बल्लेबाज़ों ने जिम्मेदारी संभाली।
दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 213 रन बनाए।
एडन मार्करम – 59
रायन रिकल्टन – 33
डेविड मिलर – 23 गेंद में नाबाद 39
ट्रिस्टन स्टब्स – 19 गेंद में नाबाद 34
स्कोर बड़ा था। और बड़ा स्कोर अक्सर विपक्षी टीम को शुरुआत से दबाव में डाल देता है।
कनाडा की कोशिश, लेकिन साथ नहीं मिला
214 के लक्ष्य का पीछा करते हुए कनाडा ने कोशिश जरूर की। नवनीत धालीवाल ने 64 रन की अच्छी पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से समर्थन नहीं मिला। टीम 20 ओवर में 156/8 तक ही पहुंच सकी।
दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ों ने रन फ्लो रोककर मैच को नियंत्रण में रखा। विकेटों के बीच डी कॉक की मौजूदगी ने भी अहम भूमिका निभाई।
डी कॉक की विरासत
डी कॉक लंबे समय से सीमित ओवर क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका की रीढ़ रहे हैं। भले ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो, लेकिन टी20 फॉर्मेट में उनकी मौजूदगी टीम को संतुलन देती है—ओपनर के तौर पर आक्रामकता और विकेटकीपर के तौर पर स्थिरता।
धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है। यह बताता है कि डी कॉक बड़े मंच पर लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं।
अब नजर अगले मैच पर
32 पर बराबरी।
33 पर इतिहास।
अगले ही मुकाबले में अगर डी कॉक एक और शिकार करते हैं, तो वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर बन जाएंगे।
और यह रिकॉर्ड उस टूर्नामेंट में आएगा जहां हर मैच दबाव से भरा है।















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