R Ashwin : अश्विन की अनोखी सलाह – उस्मान तारिक की लय कैसे तोड़े भारत?

Atul Kumar
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R Ashwin – कोलंबो में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले असली चर्चा सिर्फ टीम कॉम्बिनेशन या पिच की नहीं है। इस बार बहस एक गेंदबाज के ऐक्शन पर है—और सलाह आई है खुद रविचंद्रन अश्विन से। वह अश्विन, जो नियमों की बारीकियों को पढ़ने और मैदान पर दिमाग से खेल जीतने के लिए जाने जाते हैं।

पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक का साइड-आर्म, रुक-रुक कर किया जाने वाला ऐक्शन पहले ही क्रिकेट जगत में बहस छेड़ चुका है। और अब अश्विन ने भारतीय बल्लेबाजों को एक सीधी, लेकिन चतुर सलाह दी है—“जब वह गेंद फेंकने से पहले रुके, तो बस क्रीज से हट जाओ।”

उस्मान तारिक का ऐक्शन क्यों चर्चा में?

30 वर्षीय तारिक ने अब तक सिर्फ चार टी20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन 11 विकेट ले चुके हैं। इकॉनमी रेट छह से भी कम। यह आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ ‘अनोखे’ नहीं, असरदार भी हैं।

उनकी गेंदबाजी शैली में डिलीवरी से पहले हल्का-सा रुकना शामिल है। यह बल्लेबाज की टाइमिंग बिगाड़ देता है। खासकर धीमी पिच पर—जैसी कि कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में अक्सर देखने को मिलती है।

यही कारण है कि भारत के खिलाफ वह पाकिस्तान के ‘तुरुप के इक्के’ माने जा रहे हैं।

अश्विन की रणनीतिक सलाह

अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर अश्विन ने कहा:

“अगर गेंदबाज़ गेंद फेंकने से पहले थोड़ा रुक जाता है, तो बल्लेबाज़ को हटने का अधिकार है। वह कह सकता है कि मुझे लगा वह रुक रहा है।”

यह सिर्फ बयान नहीं, एक रणनीतिक सुझाव है।

अश्विन का तर्क साफ है—अगर बल्लेबाज क्रीज से हट जाए, तो अंपायर को फैसला लेना पड़ेगा। और अगर ऐसा बार-बार होता है, तो दबाव गेंदबाज पर शिफ्ट हो जाएगा।

उन्होंने कहा, “अगर मैं होता, तो मैं भी यही करता। मैच जीतने के लिए नियमों के दायरे में रहकर हर संभव प्रयास करना चाहिए।”

नियम क्या कहते हैं?

क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अगर बल्लेबाज को लगता है कि गेंदबाज ने डिलीवरी स्ट्राइड में रुकावट डाली है या फेक डिलीवरी की है, तो वह हट सकता है। लेकिन यह पूरी तरह अंपायर की व्याख्या पर निर्भर करता है।

यही वजह है कि अश्विन ने इसे “अंपायर के लिए परेशानी” कहा। एक-दो बार ऐसा हो जाए तो खेल का रिद्म टूट सकता है। और टी20 में रिद्म ही सब कुछ है।

मनोवैज्ञानिक दबाव का खेल

अश्विन ने एक और दिलचस्प बात कही—“जरा सोचिए, मैच के बीच में उस्मान तारिक पर पड़ने वाले दबाव की।”

भारत-पाकिस्तान मैच में दबाव वैसे ही चरम पर होता है। अगर बल्लेबाज बार-बार क्रीज से हटने लगें, तो गेंदबाज की लय बिगड़ सकती है। वह सोचने लगेगा—क्या मैं ज्यादा रुक रहा हूं? क्या अंपायर कुछ कहेगा?

क्रिकेट में माइंड गेम्स अक्सर रन और विकेट से ज्यादा असर डालते हैं।

पीटरसन की आपत्ति

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने तारिक की इस शैली को अवैध बताया था। उनका मानना है कि गेंद फेंकने से पहले रुकना खेल की भावना के खिलाफ है। हालांकि, अभी तक आईसीसी ने इसे अवैध घोषित नहीं किया है।

दिलचस्प यह है कि अश्विन पहले तारिक के ऐक्शन का समर्थन कर चुके हैं। यानी वह इसे नियमों के भीतर मानते हैं—लेकिन नियमों का इस्तेमाल कैसे करना है, यह भी जानते हैं।

भारत के लिए क्या मायने?

कोलंबो की पिच धीमी रहने की संभावना है। ऐसे में स्पिनरों की भूमिका बढ़ जाएगी। अगर तारिक को शुरुआती ओवरों में सफलता मिलती है, तो मैच का रुख बदल सकता है।

लेकिन अगर भारतीय बल्लेबाज अश्विन की सलाह पर अमल करते हैं और तारिक की लय तोड़ते हैं, तो कहानी अलग भी हो सकती है।

मैच से पहले बढ़ता रोमांच

भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले में हर छोटी बात बड़ी बन जाती है। इस बार वह छोटी बात है—एक हल्का-सा ठहराव, एक साइड-आर्म ऐक्शन, और एक बल्लेबाज का क्रीज से हटना।

क्या भारतीय बल्लेबाज सच में ऐसा करेंगे?
क्या अंपायर हस्तक्षेप करेंगे?
क्या तारिक अपनी लय बनाए रख पाएंगे?

रविवार का मुकाबला सिर्फ रन और विकेट की लड़ाई नहीं होगा—यह नियमों, रणनीति और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा होगा।

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