Rajasthan Royals – जयपुर से आई खबर ने आईपीएल 2026 से पहले ही हलचल मचा दी है। राजस्थान रॉयल्स ने आखिरकार अपनी नई दिशा तय कर ली है—24 वर्षीय रियान पराग अब फ्रेंचाइजी के कप्तान होंगे। संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स जाने के बाद यह कुर्सी खाली थी, और आरआर ने भविष्य पर दांव लगाने का फैसला किया है।
यह सिर्फ कप्तान बदलने की कहानी नहीं है। यह पूरी लीडरशिप रीसेट की कहानी है।
सात साल का सफर, अब नेतृत्व की जिम्मेदारी
रियान पराग 2019 से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा हैं। आईपीएल में सातों सीजन एक ही फ्रेंचाइजी के साथ बिताना आज के दौर में दुर्लभ है। 84 मैच, 1566 रन, सात अर्धशतक—आंकड़े ठोस हैं, भले ही विस्फोटक न हों।
लेकिन 2025 सीजन में उनका बल्ला ज्यादा मुखर दिखा।
14 मैच, 393 रन
औसत 32.75
स्ट्राइक रेट 166.53
केकेआर के खिलाफ 95 रन की पारी ने दिखाया कि वह मैच का रुख अकेले बदल सकते हैं।
कप्तानी का पहला ट्रायल: सीख या चेतावनी?
पिछले सीजन में जब संजू सैमसन चोटिल हुए, तब पराग को अंतरिम कप्तानी मिली। आठ मैचों में टीम की कमान संभाली। नतीजे? सिर्फ दो जीत, छह हार।
यह रिकॉर्ड सुनने में कठोर लगता है। लेकिन संदर्भ भी जरूरी है—टीम खुद लय में नहीं थी। राजस्थान 2025 में 14 में से सिर्फ चार मैच जीतकर नौवें स्थान पर रहा।
अब सवाल यही है: क्या वह अनुभव भविष्य की मजबूती बनेगा?
सैमसन आउट, जडेजा इन
राजस्थान ने बड़ा ट्रेड किया है। संजू सैमसन को सीएसके भेजा और बदले में रवींद्र जडेजा को शामिल किया। यह सिर्फ खिलाड़ी का बदलाव नहीं, टीम संतुलन का संकेत है।
जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर की मौजूदगी युवा कप्तान के लिए सहारा भी हो सकती है और रणनीतिक मार्गदर्शक भी।
कोचिंग सेटअप में बड़ा बदलाव
हेड कोच राहुल द्रविड़ का कार्यकाल “संरचनात्मक समीक्षा” के बाद अचानक खत्म हुआ। 2025 में लंबी अवधि के अनुबंध के साथ लौटे द्रविड़ का यह छोटा कार्यकाल उम्मीदों से मेल नहीं खा पाया।
अब कुमार संगकारा मुख्य कोच हैं। 2021 से फ्रेंचाइजी के क्रिकेट निदेशक रहे संगकारा पहले भी मुख्य कोच रह चुके हैं। यानी सिस्टम से परिचित चेहरा, लेकिन नई ऊर्जा के साथ।
नई लीडरशिप जोड़ी:
रियान पराग (कप्तान)
कुमार संगकारा (मुख्य कोच)
रणनीतिक बदलाव की झलक
राजस्थान की हालिया रणनीति साफ दिखती है—युवा नेतृत्व, अनुभवी सपोर्ट।
संभावित बदलाव:
| पहलू | संभावित असर |
|---|---|
| युवा कप्तान | लंबी अवधि की योजना |
| जडेजा की एंट्री | संतुलन और अनुभव |
| संगकारा की वापसी | स्थिरता और स्पष्ट विजन |
दबाव कितना होगा
आईपीएल में कप्तानी सिर्फ टॉस जीतने या फील्ड सेट करने का नाम नहीं है। यह मीडिया, फैंस और प्रदर्शन का मिश्रण है। पराग को अब सिर्फ बल्लेबाज नहीं, चेहरा बनना होगा।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली कप्तानी में भी झलकेगी या वह ज्यादा संतुलित रूप अपनाएंगे—यह देखने लायक होगा।
क्या यह जोखिम है
कुछ फैंस इसे जोखिम मानेंगे। 24 साल की उम्र, सीमित कप्तानी अनुभव। लेकिन आईपीएल ने पहले भी युवा कप्तानों को चमकते देखा है।
राजस्थान का संदेश साफ है—भविष्य अभी से बनाओ।
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स नए अध्याय के साथ उतरेगी। पिछले सीजन की निराशा अभी ताजा है। लेकिन नई लीडरशिप, नए समीकरण और ट्रेड की रणनीति उम्मीद जगाती है।
रियान पराग के लिए यह सिर्फ प्रमोशन नहीं—करियर की परिभाषा बदलने वाला मौका है।
जयपुर की टीम ने दांव खेला है।
अब देखना है—यह चाल मास्टरस्ट्रोक साबित होती है या लंबी सीख का सफर शुरू होता है।
















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