Rashid : चहल और अक्षर पीछे – भारतीय धरती पर छाया राशिद का जादू

Atul Kumar
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Rashid

Rashid – दिल्ली की पिच हो, मुंबई की नमी या अहमदाबाद की सपाट सतह—राशिद खान का जादू भारत में कुछ अलग ही रंग दिखाता है। और आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो विकेट लेते ही उन्होंने सिर्फ मैच का रुख नहीं बदला, इतिहास भी लिख दिया।

राशिद अब भारतीय सरजमीं पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए हैं।

यह उपलब्धि उन्होंने जैसे ही अपना दूसरा विकेट लिया, उसी क्षण दर्ज हो गई। और दिलचस्प बात? उन्होंने इस सूची में अक्षर पटेल और युजवेंद्र चहल जैसे भारतीय दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है—उनकी अपनी धरती पर।

50 विकेट, सिर्फ 24 पारियां: आंकड़े जो कहानी कहते हैं

राशिद खान ने भारत में अब तक 24 टी20I पारियां खेली हैं और 50 विकेट अपने नाम किए हैं। यानी औसतन हर पारी में दो से ज्यादा विकेट। यह सिर्फ निरंतरता नहीं, दबदबा है।

खिलाड़ीविकेटपारियां
राशिद खान5024
युजवेंद्र चहल4938
अक्षर पटेल4847
अर्शदीप सिंह4327
हार्दिक पांड्या3853
जसप्रीत बुमराह3635
भुवनेश्वर कुमार3433
वरुण चक्रवर्ती3316
कुलदीप यादव2719
रवि बिश्नोई2620

जब आप इन आंकड़ों को गौर से देखते हैं, तो एक बात साफ नजर आती है—राशिद की स्ट्राइक रेट और निरंतरता बाकी सब से अलग खड़ी है।

भारतीय पिचें और राशिद का रिश्ता

भारत की टी20 पिचें आमतौर पर स्पिन के लिए मददगार होती हैं, खासकर मिडिल ओवर्स में। लेकिन हर स्पिनर सफल हो—यह जरूरी नहीं। यहां बल्लेबाज स्पिन खेलने के आदी होते हैं।

राशिद की खासियत उनकी रफ्तार और वैरिएशन है। उनकी गेंद हवा में ज्यादा लूप नहीं लेती। वह तेज आती है, बल्लेबाज को सोचने का वक्त नहीं देती। ऊपर से उनकी गुगली—अक्सर पढ़ पाना मुश्किल।

यही वजह है कि भारतीय बल्लेबाज, जो स्पिन के खिलाफ सहज माने जाते हैं, राशिद के सामने अक्सर उलझते दिखते हैं।

चहल और अक्षर को पीछे छोड़ना: बड़ी बात क्यों?

युजवेंद्र चहल ने 38 पारियों में 49 विकेट लिए। अक्षर पटेल ने 47 पारियों में 48 विकेट। दोनों भारतीय परिस्थितियों के माहिर गेंदबाज माने जाते हैं।

लेकिन राशिद ने 24 पारियों में 50 विकेट। कम मैच, ज्यादा असर।

यह अंतर सिर्फ प्रतिभा का नहीं, दक्षता का है।

विदेशी होकर भी घरेलू महारत

अक्सर कहा जाता है कि घरेलू हालात का फायदा मेजबान खिलाड़ियों को मिलता है। लेकिन राशिद का मामला अलग है। उन्होंने आईपीएल में वर्षों तक खेला है। भारतीय पिचों की बारीकियां समझी हैं—कहां गेंद पकड़ती है, कहां फिसलती है, किस ग्राउंड पर बाउंड्री छोटी है।

यह अनुभव उनके टी20I प्रदर्शन में झलकता है।

असर सिर्फ विकेट तक सीमित नहीं

राशिद का प्रभाव सिर्फ विकेट लेने तक सीमित नहीं रहता। वह रन गति भी बांधते हैं। टी20 में यह उतना ही अहम है जितना विकेट।

मिडिल ओवर्स में जब टीम 8-9 रन प्रति ओवर की रफ्तार चाहती है, राशिद अक्सर उसे 6-7 पर रोक देते हैं। और दबाव में विकेट खुद-ब-खुद आ जाते हैं।

भारतीय गेंदबाजों के लिए संकेत?

क्या इसका मतलब है कि भारतीय स्पिनर पीछे हैं? जरूरी नहीं। लेकिन यह जरूर दर्शाता है कि प्रतियोगिता कड़ी है।

वरुण चक्रवर्ती ने 16 पारियों में 33 विकेट लिए—जो खुद शानदार है। अर्शदीप सिंह ने 27 पारियों में 43 विकेट झटके। यानी भारत के पास विकल्पों की कमी नहीं।

लेकिन विदेशी होकर भारतीय सरजमीं पर सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड—यह अलग ही दर्जा देता है।

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