Rashid – भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले अगर किसी टीम का आत्मविश्वास चुपचाप आसमान छू रहा है, तो वह अफगानिस्तान है। कोई शोर नहीं, कोई बड़े-बड़े दावे नहीं—बस लगातार अच्छा क्रिकेट। और इस भरोसे की सबसे बड़ी आवाज़ हैं राशिद खान।
वेस्टइंडीज को हाल ही में 2-1 से हराने के बाद अफगान टीम सीधे वर्ल्ड कप मोड में आ चुकी है। पिछले टी20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचने वाली यह टीम अब उसी जज़्बे के साथ एक बार फिर उतरने को तैयार है।
बल्लेबाज़ मुझे पढ़ चुके हैं – राशिद ने सीधा जवाब दे दिया
पिछले कुछ समय से एक सवाल लगातार उठता रहा है—
क्या बल्लेबाज़ अब राशिद खान को समझ चुके हैं?
खासकर IPL में गुजरात टाइटंस के लिए पिछले दो सीज़न अपेक्षाकृत साधारण रहने के बाद यह बहस और तेज़ हो गई थी। लेकिन राशिद ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया।
पीटीआई से बातचीत में राशिद ने साफ कहा,
“मुझे नहीं लगता कि मुझे अपनी विविधता या लाइन-लेंथ बदलने की जरूरत है। टी20 में सफलता का मतलब नए-नए प्रयोग नहीं, बल्कि सटीक गेंदबाज़ी है।”
उनके मुताबिक, टी20 क्रिकेट में एक छोटी सी चूक भी भारी पड़ जाती है।
IPL के आंकड़े क्या कहते हैं?
आंकड़ों पर नज़र डालें तो सवाल उठना लाज़मी है।
| सीज़न | मैच | विकेट | इकॉनमी |
|---|---|---|---|
| IPL 2023 | 17 | 27 | 8 से कम |
| IPL 2024 | 12 | 10 | 9+ |
| IPL 2025 | 15 | 9 | 9+ |
2023 में राशिद टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज़ थे।
लेकिन इसके बाद विकेट कम हुए और इकॉनमी बढ़ी।
राशिद इसे फॉर्म या पढ़े जाने से नहीं जोड़ते।
“जब मेरी लाइन थोड़ी चूक जाती है, तब रन बनते हैं। पहले मैं इसमें काफी सटीक था। चिंता की कोई बात नहीं है।”
“मिस्ट्री नहीं, सटीकता विकेट दिलाती है”
राशिद ने गेंदबाज़ों के ‘पढ़े जाने’ की बहस को गलत नजरिए से देखे जाने की बात कही।
उनका तर्क बिल्कुल साफ है—
“कोई गेंदबाज़ सिर्फ मिस्ट्री से सफल नहीं होता। अगर ऐसा होता, तो बल्लेबाज़ों को सब पता होने के बावजूद विकेट नहीं गिरते।”
उन्होंने मिचेल स्टार्क का उदाहरण दिया।
“सब जानते हैं कि मिच नई गेंद से इन-स्विंगर डालते हैं, फिर भी वह विकेट लेते हैं। वजह—वह लगातार सही जगह पर गेंद डालते हैं।”
यानी बल्लेबाज़ आपको जानता हो,
इसका मतलब यह नहीं कि वह आपको खेल भी लेगा।
वेस्टइंडीज सीरीज़ से मिला बड़ा बूस्ट
टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले वेस्टइंडीज जैसी खतरनाक टीम को हराना अफगानिस्तान के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला रहा।
राशिद मानते हैं कि यह जीत सही समय पर आई।
“तैयारी अच्छी है। बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी, फील्डिंग—सब सही चल रहा है। इस सीरीज़ से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।”
भारत और श्रीलंका की परिस्थितियां: अफगानिस्तान का प्लस पॉइंट
इस वर्ल्ड कप का एक बड़ा फैक्टर है—कंडीशंस।
भारत और श्रीलंका में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर राशिद को लगता है कि उनकी टीम को फायदा मिलेगा।
क्यों?
क्योंकि—
- राशिद खान
- मोहम्मद नबी
- मुजीब उर रहमान
- नूर अहमद
ये सभी खिलाड़ी भारत में ढेर सारा क्रिकेट खेल चुके हैं।
IPL का अनुभव यहां सोने पर सुहागा साबित हो सकता है
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चार स्पिनर, लेकिन कोई दबाव नहीं
अफगानिस्तान के पास चार क्वालिटी स्पिनर हैं।
ऐसी स्थिति में रोल क्लैरिटी अहम हो जाती है।
राशिद ने इसे बहुत सरल शब्दों में समझाया—
“हमारे लिए बात बस इतनी है कि चीजों को सरल रखें और खुद पर दबाव न डालें।”
यही सोच पिछले वर्ल्ड कप में भी काम आई थी।
सेमीफाइनल की यादें, लेकिन उम्मीदों का बोझ नहीं
पिछले टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान का सेमीफाइनल तक पहुंचना किसी सपने से कम नहीं था।
राशिद ने कहा,
“हमारे मन में कोई उम्मीद नहीं थी। हमने बस अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान दिया। सेमीफाइनल तक पहुंचना हमारे लिए बड़ी उपलब्धि थी।”
इस बार भी सोच वही है—
- ट्रॉफी की बातें नहीं
- प्रेशर नहीं
- सिर्फ अपना क्रिकेट
शुभमन गिल से क्या सीखा?
दिलचस्प बात यह रही कि राशिद ने शुभमन गिल का भी ज़िक्र किया।
“वह दबाव में काफी शांत रहते हैं। टेस्ट क्रिकेट में भारत की कप्तानी और कठिन परिस्थितियों में खेलने से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।”
एक अनुभवी स्पिनर का एक युवा कप्तान से सीखना—
यही आधुनिक क्रिकेट की खूबसूरती है।
ग्रुप D: चुनौती आसान नहीं
टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान ग्रुप D में है।
ग्रुप में शामिल टीमें:
- नेपाल
- स्कॉटलैंड
- वेस्टइंडीज
- यूएई
कागज़ पर ग्रुप संतुलित दिखता है,
लेकिन टी20 क्रिकेट में कागज़ अक्सर झूठ बोल देता है।















