World Cup : टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ICC बनाम एशिया – बढ़ता टकराव

Atul Kumar
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World Cup – टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट का मैदान नहीं, सियासत की पिच गर्म हो चुकी है। बांग्लादेश के भारत में खेलने को लेकर उठे सवाल अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहे। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने इस पूरे मामले को एक बड़े टकराव की शक्ल दे दी है।

उनका बयान सीधा है, तीखा है और बिना घुमाए हुआ है—अगर बांग्लादेश भारत में खेलने से मना करता है, तो पाकिस्तान को उसके साथ खड़ा होना चाहिए, भले ही इसका मतलब वर्ल्ड कप का बहिष्कार ही क्यों न हो।

भारत में खेलना नहीं चाहता बांग्लादेश

मामले की जड़ भारत–बांग्लादेश के बीच जारी राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आईसीसी को पत्र लिखा है, जिसमें साफ कहा गया कि वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने मैच भारत में नहीं खेलना चाहता।

हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया। आईसीसी का रुख है कि भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस खतरा नहीं है। लेकिन यही बात राशिद लतीफ को सबसे ज्यादा खटकती है।

“यह ICC की सबसे कमजोर दलील है” – राशिद लतीफ

यूट्यूब चैनल CaughtBehindShow पर बातचीत में लतीफ ने आईसीसी के तर्कों पर सीधा हमला बोला।

उनका कहना था कि दुनिया की कोई भी सुरक्षा एजेंसी यह गारंटी नहीं दे सकती कि कहीं भी खतरा नहीं है। फिर आईसीसी कैसे कह सकता है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को कोई जोखिम नहीं?

लतीफ के शब्दों में, यह फैसला “अविश्वसनीय” है और जमीनी हकीकत से कटा हुआ लगता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी भी टीम के साथ कुछ गलत न हो, लेकिन साथ ही आईसीसी के भरोसे को “खोखला” बताया।

पाकिस्तान को क्यों मैदान छोड़ने की सलाह?

राशिद लतीफ का तर्क सीधा है—पाकिस्तान के बिना वर्ल्ड कप अधूरा है।

उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान और भारत के बीच मैच नहीं होता, तो वर्ल्ड कप की आधी चमक खत्म हो जाती है। इसी वजह से पाकिस्तान के पास अब भी “ट्रम्प कार्ड” है।

उनके मुताबिक, यह मौजूदा क्रिकेट सिस्टम को चुनौती देने का सही मौका है। पाकिस्तान को सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने चाहिए।

लतीफ का दावाअसर
पाकिस्तान नहीं खेलेवर्ल्ड कप रुक सकता है
सिर्फ बयान दिएकोई असर नहीं
बांग्लादेश के साथ खड़ा हुआसिस्टम पर दबाव

अमित शाह और जय शाह का जिक्र, बढ़ा विवाद

लतीफ ने इस पूरे मसले को राजनीतिक करार देते हुए भारत के गृह मंत्री अमित शाह और आईसीसी चेयरमैन जय शाह का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ क्रिकेट का मामला नहीं है, बल्कि “पॉलिटिकल मूव” है।

उनका आरोप है कि आईसीसी का फैसला निष्पक्ष नहीं दिखता और इसमें ताकतवर देशों का प्रभाव साफ झलकता है।

यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब जय शाह पहले से ही बीसीसीआई और आईसीसी में अपनी भूमिका को लेकर चर्चा में रहते हैं।

हिम्मत दिखाने का वक्त है

राशिद लतीफ ने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान पीछे हटता है और बांग्लादेश अकेला पड़ जाता है, तो दोनों देशों को भारी आलोचना झेलनी पड़ेगी।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा—अगर झुक गए, तो “हर कोने से थप्पड़ पड़ेंगे।” यानी न घरेलू फैंस माफ करेंगे, न अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय इज्जत देगा।

उनके मुताबिक, हां, पाकिस्तान को भविष्य में नुकसान हो सकता है। आईसीसी इवेंट्स से बैन का खतरा भी है। लेकिन सिर्फ डर के सहारे चलना किसी बड़ी क्रिकेट ताकत को शोभा नहीं देता।

ICC, सुरक्षा और दोहरे मापदंड?

बांग्लादेश का रुख बताता है कि वह आश्वस्त नहीं है। और अगर कोई देश खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो सिर्फ कागजी भरोसे से मामला खत्म नहीं किया जा सकता।

अब फैसला बांग्लादेश के हाथ में

राशिद लतीफ ने अंत में कहा कि अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच भरोसा है, तो यह कदम उठाया जा सकता है। अब सबकी नजर इस पर है कि आईसीसी के अल्टीमेटम के जवाब में बांग्लादेश क्या फैसला लेता है।

अगर बांग्लादेश झुकता है, तो मामला वहीं ठंडा पड़ जाएगा। लेकिन अगर वह अपने फैसले पर कायम रहता है और पाकिस्तान साथ आता है, तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 इतिहास का सबसे विवादित टूर्नामेंट बन सकता है।

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