Ravi – टी20 विश्व कप 2026 अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन भारत को लेकर माहौल अभी से अलग है। भरोसा, दबदबा और निरंतरता—तीनों एक साथ चल रहे हैं। और इसी माहौल के बीच रवि शास्त्री ने वो बात कह दी है, जो बड़ी है, साहसी है और इतिहास से जुड़ी हुई है।
उनका मानना है कि भारत लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन सकता है।
यह सिर्फ उम्मीद नहीं है।
यह फॉर्म, आंकड़ों और मौजूदा हकीकत पर टिका दावा है।
2024 के बाद से भारत: हार मानो शब्द ही भूल गया है
टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद से भारत का सफर लगभग बेदाग रहा है।
न कोई द्विपक्षीय सीरीज़ हारी,
न कोई छोटा टूर्नामेंट फिसला।
आंकड़े खुद बोलते हैं।
| अवधि | जीत | हार |
|---|---|---|
| WC 2024 के बाद | 32 | 5 |
32-5 का रिकॉर्ड टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए डराने वाला है।
और खास बात यह है कि ये जीतें सिर्फ कमजोर टीमों के खिलाफ नहीं आई हैं।
नंबर 1 टीम, नंबर 1 खिलाड़ी
भारत इस वक्त सिर्फ फॉर्म में नहीं है,
भारत इस वक्त बेंचमार्क है।
- ICC T20 रैंकिंग में भारत – नंबर 1
- दुनिया के नंबर 1 T20 बल्लेबाज़ – अभिषेक शर्मा
- दुनिया के नंबर 1 T20 गेंदबाज़ – वरुण चक्रवर्ती
जब टॉप ऑर्डर और बॉलिंग अटैक—दोनों ही रैंकिंग में सबसे ऊपर हों,
तो दावेदारी अपने आप बन जाती है।
शास्त्री का भरोसा कहां से आता है?
रवि शास्त्री सिर्फ एक्स-कोच नहीं हैं।
वह उस दौर के कोच रहे हैं, जब भारत ने ट्रॉफी उठाई।
उन्होंने कहा,
“डिफेंडिंग चैंपियंस साफ तौर पर फेवरेट के तौर पर शुरुआत करेंगे। अगर आप खिलाड़ी-दर-खिलाड़ी देखें—उनकी फॉर्म, फिटनेस और हाल के मैच—तो भारत सबसे मजबूत टीम दिखती है। खास तौर पर उनका टॉप ऑर्डर इस वक्त बेहतरीन लय में है।”
यह बयान हवा में नहीं है।
यह उसी टीम को देखकर आया है, जिसने पिछले डेढ़ साल में टी20 क्रिकेट को अपने हिसाब से मोड़ा है।
साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड: तैयारी की असली परीक्षा
भारत की तैयारी सिर्फ घरेलू जीतों तक सीमित नहीं रही।
दिसंबर 2024
- टी20 वर्ल्ड कप 2024 की फाइनलिस्ट साउथ अफ्रीका
- 5 मैचों की सीरीज़
- नतीजा: भारत ने 3-1 से जीत दर्ज की
जनवरी 2026
- न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज़
- भारत ने 3-1 की अजेय बढ़त बना ली
ये दोनों सीरीज़ बताती हैं कि भारत सिर्फ जीत नहीं रहा,
कंट्रोल में जीत रहा है।
युवा बनाम अनुभव बैलेंस जो वर्ल्ड कप जिताता है
शास्त्री ने जिस चीज़ पर सबसे ज्यादा ज़ोर दिया,
वह है टीम का संतुलन।
उन्होंने कहा,
“कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन पर अतीत का कोई बोझ नहीं है। वे अपना पहला वर्ल्ड कप खेलेंगे और खुलकर खेल सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ वेस्टइंडीज़ में पिछला वर्ल्ड कप जीतने वाले अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद हैं।”
यही वो कॉम्बिनेशन है,
जो बड़े टूर्नामेंट में फर्क पैदा करता है।
बुमराह, हार्दिक और दुबे मैच पलटने वाले नाम
शास्त्री ने खास तौर पर तीन नाम लिए।
जसप्रीत बुमराह
दबाव में विकेट,
डेथ ओवर्स में कंट्रोल,
और बड़े मैचों का अनुभव।
हार्दिक पंड्या
शास्त्री के मुताबिक,
“हार्दिक इस वक्त जबरदस्त फॉर्म में हैं। बल्ले और गेंद—दोनों से मैच जिता सकते हैं।”
शिवम दुबे
पिछले कुछ महीनों में दुबे ने खुद को सिर्फ पावर-हिटर नहीं,
बल्कि रोल-बेस्ड ऑलराउंडर साबित किया है।
यही खिलाड़ी टूर्नामेंट के बीच गेम बदलते हैं।















