IPL – चिन्नास्वामी स्टेडियम की खाली पिच पिछले कुछ महीनों से सिर्फ घास नहीं, बल्कि सवाल भी उगा रही है। आईपीएल जैसा टूर्नामेंट, आरसीबी जैसी फ्रेंचाइज़ी और बेंगलुरु जैसे क्रिकेट-पागल शहर में क्रिकेट का न होना—यह खामोशी अब कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को चुभने लगी है। और इसी बेचैनी को शब्द देते हुए केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने बुधवार को साफ-साफ गेंद आरसीबी के पाले में डाल दी।
प्रसाद ने दो टूक कहा कि आईपीएल 2026 में चिन्नास्वामी स्टेडियम में घरेलू मैच खेलने की जिम्मेदारी अब पूरी तरह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की है। सरकार से सशर्त अनुमति मिल चुकी है, अब बहाने की कोई गुंजाइश नहीं बची।
सशर्त मंजूरी मिल चुकी, अगला कदम आरसीबी का
पिछले एक महीने से केएससीए और कर्नाटक सरकार के बीच कई दौर की बातचीत चली। अलग-अलग राज्य एजेंसियों से राय ली गई, सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चा हुई और आखिरकार सरकार ने चिन्नास्वामी स्टेडियम को आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन के लिए सशर्त अनुमति दे दी।
वेंकटेश प्रसाद ने बेंगलुरु में चुनिंदा मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा,
“हमें सरकार से सशर्त अनुमति मिल चुकी है। हमें भरोसा है कि जल्द ही बिना शर्त अनुमति भी मिल जाएगी। इसके बाद मुझे पूरी उम्मीद है कि आरसीबी अपने सभी सात घरेलू मैच यहीं खेलेगी।”
यह बयान सिर्फ एक उम्मीद नहीं, बल्कि एक दबाव भरा संदेश भी है।
भगदड़ की त्रासदी और उसके बाद की खामोशी
चार जून को आरसीबी की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत ने इस ऐतिहासिक मैदान को अचानक साइलेंट ज़ोन बना दिया। उसी दिन से चिन्नास्वामी में न कोई अंतरराष्ट्रीय मैच हुआ, न कोई आईपीएल मुकाबला।
यह मैदान, जिसने:
अनिल कुंबले की 6/12 देखी
कोहली के करियर को आकार दिया
और लाखों फैंस को यादें दीं
वह अब खाली पड़ा है।
मुंबई, पुणे या रायपुर? आरसीबी के प्लान पर सवाल
प्रसाद का बयान ऐसे वक्त आया है जब खबरें हैं कि आरसीबी अपने घरेलू मुकाबले मुंबई, पुणे या रायपुर में आयोजित करने के विकल्पों पर विचार कर रही है।
इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसाद ने कहा,
“अब गेंद आरसीबी के पाले में है। मुझे भरोसा है कि वे सरकार से बातचीत करेंगे और मैचों के सुचारू आयोजन के लिए आगे आएंगे। अभी तक तो बातचीत एकतरफा ही रही है।”
यह टिप्पणी सीधी है—और शायद जानबूझकर तल्ख भी।
‘क्रिकेट के लिए कर रहे हैं, किसी एक टूर्नामेंट के लिए नहीं’
केएससीए अध्यक्ष ने साफ किया कि यह पूरी कवायद सिर्फ आईपीएल के लिए नहीं है। यह कर्नाटक में क्रिकेट को वापस पटरी पर लाने की कोशिश है।
बेंगलुरु के फैंस का जिक्र, और भावनात्मक अपील
प्रसाद ने आरसीबी प्रबंधन को याद दिलाया कि यह फ्रेंचाइज़ी जिस मुकाम पर है, उसमें बेंगलुरु के दर्शकों की वफादारी की बड़ी भूमिका रही है।
उन्होंने कहा,
“आरसीबी की स्थापना से ही बेंगलुरु के प्रशंसक उसके साथ खड़े रहे हैं। अब आरसीबी को भी उनके साथ खड़ा होना होगा। यहां वापस आकर खेलना उनकी जिम्मेदारी है।”
यह सिर्फ प्रशासनिक बयान नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अपील है—जो सीधे फैंस की नब्ज़ को छूती है।
क्यों अहम है चिन्नास्वामी में वापसी?
- आरसीबी की ब्रांड पहचान इसी मैदान से जुड़ी है
- घरेलू दर्शकों का सपोर्ट टीम की ताकत रहा है
- छोटे मैदान पर टीम की रणनीति अलग होती है
- आईपीएल की ‘होम एडवांटेज’ यहीं से मिलती है
इन सबके बावजूद अगर आरसीबी बाहर खेलने का फैसला करती है, तो सवाल सिर्फ लॉजिस्टिक्स का नहीं, विश्वास का होगा।















