RCB – विजय हजारे ट्रॉफी में इस वक्त अगर किसी एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वह है देवदत्त पडिकल। बाएं हाथ का यह सलामी बल्लेबाज ऐसे रन बना रहा है जैसे गेंदबाजों के पास कोई जवाब ही न हो।
हर मैच के साथ स्कोरबोर्ड पर नई कहानी लिखी जा रही है—और इस कहानी के हीरो पडिकल खुद हैं। आरसीबी के इस धाकड़ बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में अपने बल्ले से आग उगलते हुए बता दिया है कि उनकी फॉर्म सिर्फ अच्छी नहीं, खतरनाक है।
चार मैच, तीन शतक और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन। विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में पडिकल फिलहाल उस ज़ोन में बल्लेबाजी कर रहे हैं, जहां गलती की गुंजाइश गेंदबाजों के लिए नहीं बचती।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26: पडिकल सबसे आगे
कर्नाटक की ओर से खेलते हुए देवदत्त पडिकल ने इस सीजन अब तक 406 रन ठोक दिए हैं। औसत 101.50, स्ट्राइक रेट 147—ये आंकड़े सिर्फ फॉर्म नहीं, बल्कि डोमिनेशन की कहानी कहते हैं।
टूर्नामेंट के चार मैचों में से तीन में शतक लगाना कोई इत्तेफाक नहीं होता। यह संकेत होता है कि बल्लेबाज न सिर्फ लय में है, बल्कि परिस्थितियों को पढ़कर खेल रहा है।
बीसीसीआई की घरेलू क्रिकेट अपडेट्स में भी पडिकल इस वक्त टूर्नामेंट के टॉप परफॉर्मर के तौर पर ट्रैक किए जा रहे हैं।
झारखंड के खिलाफ शुरुआत, सीधे शतक से ऐलान
24 दिसंबर को विजय हजारे ट्रॉफी के अपने पहले ही मैच में पडिकल ने साफ कर दिया था कि यह टूर्नामेंट उनके लिए खास होने वाला है। झारखंड के खिलाफ—
- गेंदें: 118
- रन: 147
- चौके: 10
- छक्के: 7
यह पारी सिर्फ बड़ी नहीं थी, बल्कि आक्रामक और कंट्रोल्ड—दोनों थी। नई गेंद हो या स्पिन का अटैक, पडिकल ने हर चुनौती को शांत दिमाग से संभाला और मौका मिलते ही बाउंड्री में बदला।
केरल के खिलाफ बैक-टू-बैक शतक
राउंड 2 में सामने थी केरल की टीम। यहां भी स्क्रिप्ट बदली नहीं।
- गेंदें: 137
- रन: 124
- चौके: 12
- छक्के: 3
इस पारी में सबसे खास बात थी—धैर्य। पडिकल ने यह दिखाया कि वह सिर्फ मारने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि पारी को गहराई तक ले जाना भी जानते हैं। शुरुआती ओवर्स में संभलकर खेलने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे गियर बदला।
तमिलनाडु के खिलाफ चूक, लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई
बैक-टू-बैक शतक के बाद राउंड 3 में तमिलनाडु के खिलाफ शतकों की हैट्रिक का मौका था। शुरुआत अच्छी मिली, लेकिन इस बार किस्मत ने थोड़ा साथ छोड़ा।
- रन: 22
यह वही मैच था जहां गेंदबाजों ने थोड़ी राहत की सांस ली। लेकिन अगर किसी खिलाड़ी की फॉर्म सच में मजबूत होती है, तो वह अगला मैच खुद जवाब देता है।
पांडुचेरी के खिलाफ फिर शतक, लय बरकरार
राउंड 4 में पडिकल ने फिर दिखा दिया कि पिछला मैच सिर्फ एक ब्रेक था, ब्रेकडाउन नहीं।
- गेंदें: 116
- रन: 113
- चौके: 10
- छक्के: 4
इस पारी ने कर्नाटक को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और यह भी साफ कर दिया कि पडिकल का फोकस सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम के स्कोर पर है।
एक नजर: विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में देवदत्त पडिकल
| मैच | रन | गेंदें | प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| बनाम झारखंड | 147 | 118 | शतक |
| बनाम केरल | 124 | 137 | शतक |
| बनाम तमिलनाडु | 22 | – | सस्ता आउट |
| बनाम पांडुचेरी | 113 | 116 | शतक |
चार में तीन शतक—और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर। इससे ज्यादा और क्या चाहिए?
आरसीबी के लिए खुशखबरी, आईपीएल से पहले सही संकेत
देवदत्त पडिकल की यह फॉर्म रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए किसी बोनस से कम नहीं है। आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में जहां टॉप ऑर्डर की स्थिरता सबसे बड़ी चुनौती होती है, वहां पडिकल का यह घरेलू फॉर्म सीधा ट्रांसलेट हो सकता है।
क्या यह पडिकल का बेस्ट वर्जन है?
यह सवाल अब स्वाभाविक है। क्योंकि—
- तकनीक संतुलित दिख रही है
- शॉट सिलेक्शन साफ है
- स्पिन और पेस—दोनों पर कंट्रोल है
- और सबसे जरूरी—मेंटल क्लैरिटी
पडिकल अब सिर्फ “टैलेंटेड ओपनर” नहीं रहे। वह ऐसे बल्लेबाज बनते दिख रहे हैं जो बड़े टूर्नामेंट्स में टीम का बोझ उठा सकते हैं।
चयनकर्ताओं के लिए मैसेज, टीम इंडिया की दहलीज पर?
देवदत्त पडिकल पहले भी भारतीय टीम के दरवाजे तक पहुंचे हैं। लेकिन इस तरह की निरंतरता चयनकर्ताओं के लिए सवाल नहीं, जवाब बन जाती है।
विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल—इन तीनों प्लेटफॉर्म पर अगर यह फॉर्म जारी रहती है, तो इंटरनेशनल कॉल दूर नहीं दिखती।
रन नहीं रुक रहे, कहानी बन रही है
देवदत्त पडिकल इस वक्त सिर्फ रन नहीं बना रहे।
वह कंसिस्टेंसी, कॉन्फिडेंस और क्लास—तीनों का पैकेज दिखा रहे हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में उनका बल्ला बोल रहा है, और हर पारी के साथ आवाज़ तेज़ होती जा रही है। अगर यह लय बरकरार रही, तो यह सीजन सिर्फ घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा—यह आगे की बड़ी तस्वीर की नींव बन सकता है।















