WPL : श्रेयंका पाटिल का पहला फाइव-फर – लेकिन राधा का बड़ा दिल

Atul Kumar
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WPL – शुक्रवार, 16 जनवरी की रात वुमेंस प्रीमियर लीग 2026 का मुकाबला खत्म हुआ तो स्कोरकार्ड ने एक कहानी कही, लेकिन मैदान ने उससे कहीं बड़ी कहानी लिख दी। स्मृति मंधाना की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात जाएंट्स को 32 रनों से हराकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि WPL 2026 में लगातार तीसरी जीत भी अपने नाम कर ली।

इस जीत में विकेट भी गिरे, रन भी बने, रिकॉर्ड भी टूटा—लेकिन सबसे यादगार लम्हा वो था, जिसने क्रिकेट को फिर से इंसानी बना दिया।

श्रेयंका पाटिल: 5 विकेट, फिर भी स्पॉटलाइट से दूर

अगर सिर्फ आंकड़ों की बात करें, तो इस मैच की हीरो श्रेयंका पाटिल थीं।
ओस से भरे मैदान पर, दबाव की स्थिति में, उन्होंने गुजरात जाएंट्स की बल्लेबाज़ी को तहस-नहस कर दिया।

  • 5 विकेट
  • टी20 करियर का पहला फाइव-विकेट हॉल
  • मुश्किल कंडीशंस में स्पिन बॉलिंग

यह वही प्रदर्शन है, जिसके लिए आमतौर पर प्लेयर ऑफ द मैच की ट्रॉफी उठाई जाती है।

लेकिन जब अवॉर्ड का ऐलान हुआ, तो नाम आया—राधा यादव।

राधा यादव की पारी: 66 रन, जिम्मेदारी और ठहराव

आरसीबी की पारी आसान नहीं थी। शुरुआती झटकों के बाद टीम चार विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे समय पर क्रीज़ पर आईं राधा यादव, जिनसे आमतौर पर गेंदबाज़ के रूप में ज्यादा उम्मीदें की जाती हैं।

लेकिन इस रात राधा ने बल्ले से जवाब दिया।

  • 66 रन
  • दबाव में खेली गई पारी
  • ऋचा घोष के साथ अहम साझेदारी

राधा की यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं थी, बल्कि पारी को संभालने की थी।

प्लेयर ऑफ द मैच… और दिल जीतने वाला फैसला

जब राधा यादव को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, तो तालियां बजीं।
लेकिन असली तालियां तब बजीं, जब राधा ने ट्रॉफी हाथ में लेकर कहा:

“श्रेयू ने बहुत अच्छी बॉलिंग की। ऐसी ओस वाली कंडीशन में स्पिनर के लिए गेंदबाज़ी आसान नहीं होती। मैं यह अवॉर्ड उसके साथ शेयर करना चाहती हूं।”

और यहीं पर यह मैच स्कोरकार्ड से आगे निकल गया।

राधा यादव ने अपना अवॉर्ड श्रेयंका पाटिल के साथ शेयर किया।
कोई मजबूरी नहीं।
कोई कैमरे के लिए किया गया ड्रामा नहीं।
बस एक खिलाड़ी का दूसरे खिलाड़ी के लिए सम्मान।

“ऋचा ने मुझे शांत रहना सिखाया” – राधा यादव

मैच के बाद राधा यादव ने अपनी पारी के पीछे की कहानी भी साझा की।
उन्होंने साफ कहा कि इस पारी का बड़ा क्रेडिट ऋचा घोष को जाता है।

राधा के शब्दों में:

“हम चार विकेट खो चुके थे। बैटिंग आसान नहीं थी। ऋचा के साथ बातचीत बहुत जरूरी थी। उसने मुझसे कहा—शांत रहो, डॉट बॉल्स आएंगी, घबराओ मत। बाद में हम फायदा उठा सकते हैं।”

यह वही क्रिकेटिंग समझ है, जो बड़े मैचों में फर्क पैदा करती है।

बैकफुट सिक्स और RX मुरली का असर

जब राधा से उनके बैकफुट सिक्स के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बिना झिझक इसका श्रेय दिया RCB के बैटिंग कोच RX मुरली को।

“RX सर ने मेरी पावर-हिटिंग पर बहुत काम किया है। यह उसी का नतीजा है।”

यह बयान बताता है कि WPL अब सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के स्किल डेवलपमेंट का प्लेटफॉर्म बन चुका है।

जीत का जश्न? राधा का जवाब सब कुछ कह गया

जब उनसे पूछा गया कि वह इस जीत का जश्न कैसे मनाएंगी, तो राधा ने मुस्कराते हुए कहा:

“मैच खत्म हो गया, हम जीत गए, तो काम हो गया। बस इतना ही।”

कोई दिखावा नहीं।
कोई बड़ी बातें नहीं।
सिर्फ प्रोफेशनल संतोष।

RCB की जीत का मतलब क्या है?

तीन मैच, तीन जीत।
RCB का आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा है।

  • मिडिल ऑर्डर से रन
  • स्पिन डिपार्टमेंट से विकेट
  • टीम के भीतर भरोसा
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