Rinku : विजय हजारे में रिंकू सिंह का तूफान – फिनिशर का फुल फॉर्म

Atul Kumar
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Rinku

Rinku – विजय हजारे ट्रॉफी के शुरुआती मैचों में अगर किसी एक नाम ने लगातार ध्यान खींचा है, तो वह है रिंकू सिंह। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत के संभावित फिनिशर के तौर पर चुने गए इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने साफ कर दिया है कि उनका खेल सिर्फ छोटे फॉर्मेट तक सीमित नहीं है।

उत्तर प्रदेश की कप्तानी करते हुए रिंकू जिस तरह लिस्ट ए क्रिकेट में बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह सीधे-सीधे टीम इंडिया मैनेजमेंट को मैसेज भेज रहा है—मैं तैयार हूं।

पहले मैच में तेज अर्धशतक और फिर दूसरे मैच में शतक। फर्क सिर्फ इतना रहा कि इस बार शॉट्स वही थे, सोच वही थी, लेकिन मंच थोड़ा लंबा था।

विजय हजारे में रिंकू का टी20 वाला अंदाज़

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले मुकाबले में हैदराबाद के खिलाफ रिंकू सिंह ने 48 गेंदों में 67 रन ठोके। यह पारी छोटी जरूर थी, लेकिन इंटेंट बिल्कुल वही था जो फैंस उन्हें टी20 में खेलते देखते आए हैं।

दूसरे मैच में चंडीगढ़ के खिलाफ रिंकू ने गियर और ऊपर कर दिया।

  • 60 गेंदों में नाबाद 106 रन
  • 11 चौके, 4 छक्के
  • स्ट्राइक रेट 175+ के आसपास

यह पारी सिर्फ शतक नहीं थी, बल्कि एक कप्तान की जिम्मेदारी और एक फिनिशर की सोच का परफेक्ट कॉम्बिनेशन थी।

जब यूपी 330 पर अटकती दिखी, तब रिंकू ने मैच पलटा

एक समय उत्तर प्रदेश की टीम लगभग 330 रन के आसपास रुकती दिख रही थी। विकेट हाथ में थे, लेकिन आखिरी ओवरों में उस एक्स्ट्रा पुश की जरूरत थी।

यहीं पर रिंकू सिंह ने मोर्चा संभाला।

  • बड़े शॉट्स
  • गैप्स का सही इस्तेमाल
  • और आखिरी ओवरों में बेरहमी

नतीजा—उत्तर प्रदेश 367/4 तक पहुंच गई। यह स्कोर सीधे-सीधे रिंकू की फिनिशिंग का नतीजा था।

यूपी की बैटिंग: अकेले नहीं थे रिंकू

हालांकि सारी सुर्खियां रिंकू ने बटोरीं, लेकिन उत्तर प्रदेश की बल्लेबाजी पूरी तरह सामूहिक रही।

उत्तर प्रदेश बनाम चंडीगढ़ – प्रमुख बल्लेबाज

बल्लेबाजरनगेंद
आर्यन जुयाल134118
रिंकू सिंह*10660
ध्रुव जुरेल6757
समीर रिजवी32

आर्यन जुयाल ने पारी की नींव रखी, ध्रुव जुरेल ने गति बनाए रखी और अंत में रिंकू ने उसे उड़ान दी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले राहत की खबर

जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज होनी है। उससे पहले यह भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर है कि उनका संभावित फिनिशर जबर्दस्त फॉर्म में है।

टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में:

  • फिनिशर का फॉर्म
  • आखिरी 5 ओवरों में रन निकालने की क्षमता
  • दबाव में शांत दिमाग

सबसे ज्यादा मायने रखता है। और रिंकू इन तीनों कसौटियों पर खरे उतरते दिख रहे हैं।

लेकिन प्लेइंग XI में जगह पक्की है या नहीं?

यहीं से असली बहस शुरू होती है।

भारत की मौजूदा टी20 टीम कॉम्बिनेशन पर नजर डालें तो:

  • टॉप-4 में चार प्रोपर बल्लेबाज
  • तीन ऑलराउंडर
    • दो पेस-बॉलिंग ऑलराउंडर
    • एक स्पिन ऑलराउंडर

इस सेटअप में एक स्पेशलिस्ट फिनिशर के लिए जगह निकालना आसान नहीं है।

सवाल सीधा है—
क्या भारत रिंकू को सिर्फ स्क्वॉड में रखेगा या प्लेइंग XI में भी?

अगर फिनिशर चाहिए, तो रिंकू से बेहतर कौन?

अगर चयनकर्ताओं ने रिंकू सिंह को टीम में यह सोचकर चुना है कि भारत को एक पक्का फिनिशर चाहिए, तो फिर उन्हें खिलाना ही पड़ेगा।

क्योंकि:

  • वह मैच खत्म करना जानते हैं
  • बाएं हाथ का विकल्प देते हैं
  • स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ सहज हैं
  • और अब लिस्ट ए में भी वही आत्मविश्वास दिखा रहे हैं

बेंच पर बैठा फिनिशर टीम के किसी काम का नहीं होता।

कप्तानी में भी दिखा मैच्योरिटी का ग्राफ

उत्तर प्रदेश की कप्तानी करते हुए रिंकू की बल्लेबाजी में एक नई परत दिखी है—मैच सिचुएशन की समझ।

वह सिर्फ हिट नहीं कर रहे, बल्कि यह तय कर रहे हैं कि कब हिट करना है। यही गुण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ी को टिकाता है।

निष्कर्ष: फॉर्म से जवाब दे रहे हैं रिंकू

रिंकू सिंह फिलहाल बहस नहीं कर रहे, बयान नहीं दे रहे। वह वही कर रहे हैं जो एक क्रिकेटर के हाथ में होता है—रन बनाना।

विजय हजारे ट्रॉफी में उनका बल्ला जिस तरह चल रहा है, वह साफ संकेत है कि:

  • फिनिशर तैयार है
  • आत्मविश्वास ऊंचा है
  • और मौके का इंतजार है

अब फैसला चयनकर्ताओं के हाथ में है—
रिंकू को रोल देकर खिलाते हैं या फिर सिर्फ नाम रखकर?

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