Pant – गुवाहाटी में चल रहा भारत–दक्षिण अफ्रीका टेस्ट वैसे तो पहली गेंद से ही कई रिकॉर्डों और नई परंपराओं का मैदान बन गया है, लेकिन भारतीय कप्तान ऋषभ पंत अचानक एक अलग कारण से सुर्खियों में हैं।
पहले दिन के खेल के दौरान अंपायर उन्हें दो बार चेतावनी दे चुके हैं—और तीसरी गलती होने पर भारत पर 5 पेनल्टी रन का सीधा जुर्माना लग सकता है।
पंत को क्यों मिली दो वॉर्निंग?
88वें ओवर की शुरुआत से पहले अंपायर रिचर्ड केटलबोरो ने पंत को दूसरी चेतावनी दी।
दरअसल, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव के ओवरों के बीच पंत ने फील्ड सेट करने में ज़रूरत से ज़्यादा समय लगाया।
ICC की समय-व्यवस्था (Time Wasting) गाइडलाइन के अनुसार ऐसा दोबारा होने पर टीम को दंडित किया जा सकता है।
इस नियम के मुताबिक:
- तीसरी गलती = विपक्षी टीम को 5 रन
- ये रन सीधे दक्षिण अफ्रीका के खाते में जुड़ जाएंगे
- पंत को आधिकारिक “कप्तानी चेतावनी” भी लग सकती है
भारत यह जोखिम बिल्कुल नहीं लेना चाहेगा, खासकर ऐसे मैच में जहाँ हर रन मायने रख रहा है।
पंत कप्तान क्यों हैं?
शुभमन गिल की गर्दन की चोट ने सबकुछ बदल दिया।
कोलकाता टेस्ट में चोटिल होने के बाद गिल बाहर हो गए और गुवाहाटी में भारतीय टीम की कमान ऋषभ पंत को सौंपी गई—जो भारत के 28वें टेस्ट कप्तान और दूसरे विकेटकीपर कप्तान हैं।
पहले फुल-टाइम विकेटकीपर कप्तान एमएस धोनी थे।
गुवाहाटी अपने पहले टेस्ट की मेज़बानी कर रहा है, और इसी ऐतिहासिक मौके पर पंत नेतृत्व कर रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका की पारी—टॉप 4 ने रन बनाए, पर कोई फिफ्टी नहीं
पहले दिन दक्षिण अफ्रीका ने 247/6 का स्कोर बनाया।
गुवाहाटी की धीमी लेकिन खेलती हुई पिच पर टॉप-4 बल्लेबाज़ों ने कम से कम 35+ रन बनाए:
- एडन मार्करम – 38
- रयान रिकेल्टन – 35
- ट्रिस्टन स्टब्स – 49
- टेंबा बावुमा – 41
यहाँ हैरानी की बात ये रही कि इतिहास में पहली बार किसी टेस्ट पारी में टॉप-4 बल्लेबाज़ सभी 35+ रन बनाकर भी कोई अर्धशतक नहीं बना सके।
| खिलाड़ी | रन | गेंदें | आउट |
|---|---|---|---|
| मार्करम | 38 | 74 | कैच |
| रिकेल्टन | 35 | 55 | बोल्ड |
| स्टब्स | 49 | 63 | कैच |
| बावुमा | 41 | 88 | LBW |
भारतीय गेंदबाज़ों में कुलदीप यादव की लेफ्ट-आर्म चाइनामैन गेंदें सबसे खतरनाक रहीं, जबकि बुमराह ने स्पेल के बीच लगातार दबाव बनाए रखा।
भारत की रणनीति—350 से पहले SA को रोकना जरूरी
दूसरे दिन भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी कि दक्षिण अफ्रीका को 300–350 से पहले समेट दिया जाए।
गुवाहाटी की पिच धीरे-धीरे टर्न और असमान उछाल दे रही है, इसलिए पहली पारी की बढ़त हासिल करना बेहद अहम होगा।
पंत की कप्तानी अब सिर्फ़ फील्ड प्लेसमेंट और बोलिंग बदलाव पर नहीं—बल्कि उनके समय प्रबंधन पर भी निर्भर करेगी।
















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