Gill – अगले कुछ महीनों में भारतीय क्रिकेट की तस्वीर देखकर किसी पुराने फैन को शायद थोड़ा डेज़ा-वू महसूस हो—जैसे 2013–14 में अचानक ये साफ हो गया था कि विराट कोहली ही भविष्य हैं। अब वही कहानी कहीं ज़्यादा योजनाबद्ध तरीके से, थोड़ा जल्द और थोड़ी स्पष्टता के साथ शुभमन गिल के लिए दोहराई जा रही है।
एशिया कप 2025 से पहले जब बीसीसीआई ने गिल को टी20 टीम का उपकप्तान बनाया, तब यह सिर्फ एक “प्रमोशन” नहीं था—यह बोर्ड का संकेत था कि भारतीय क्रिकेट की अगली कमान, तीनों फॉर्मेट में, एक नए चेहरे को सौंपी जा रही है। और अब पूर्व सिलेक्टर सलील अंकोला ने इस पूरी प्लानिंग का बैकस्टोरी भी सामने रख दी है।
“2023 में ही तय था कि कप्तान गिल होंगे”—अंकोला का बड़ा दावा
विकी लालवानी के यूट्यूब शो में अंकोला ने साफ कहा कि रोहित शर्मा के बाद कप्तानी किसे मिलेगी, इसका जवाब बोर्ड और सेलेक्टर्स के दिमाग में बहुत पहले से था।
उनके शब्द थे:
“हमने 2023 में ही तय कर लिया था कि शुभमन गिल समय आने पर कप्तान बनेंगे। सीनियर खिलाड़ियों और कोच तक की राय यही थी।”
यानी यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, न ही 2024–25 के प्रदर्शन से प्रेरित बदलाव—यह एक दीर्घकालिक नेतृत्व ट्रांजिशन प्लान था।
रोहित शर्मा की कप्तानी—शुरुआत से ही ‘शॉर्ट-टर्म ब्रिज’
जब रोहित ने कोहली के बाद कप्तानी संभाली, वह 30 का आंकड़ा पार कर चुके थे। उस समय ही बीसीसीआई को पता था कि:
- रोहित एक वर्ल्ड-कप साइकिल के कप्तान होंगे
- टीम को जल्द ही एक लंबे करियर वाला, फ्यूचर-रेडी कप्तान चाहिए
- वह चेहरा किसी युवा बल्लेबाज़ में तलाशना होगा जो तीनों फॉर्मेट खेल सके
फिर 2023 आया—और गिल का बल्ला उस वर्ष पूरे कैलेंडर में ऐसा बोला कि सेलेक्टर्स के लिए यह चुनाव लगभग आसान हो गया।
टेबल: शुभमन गिल – 2023 परफॉर्मेंस स्नैपशॉट
| फॉर्मेट | मैच | रन | औसत | हाई स्कोर |
|---|---|---|---|---|
| ODI | 29 | 1584 | 63+ | 208 |
| टेस्ट | 10 | 527 | 26 | 128 |
| T20I | चयन सीमित, लेकिन IPL में 890 रन |
इन नंबरों ने यह मजबूत तर्क दिया—यह वही खिलाड़ी है जिस पर अगले 7–8 साल तक बोर्ड भरोसा कर सकता है।
इंग्लैंड में कप्तानी के दबाव में 756 रन—निर्णय को पुख्ता करने वाला मोड़
अंकोला ने इंटरव्यू में जिस बात को बार-बार ज़ोर देकर कहा, वह है गिल की मानसिक क्षमता। इंग्लैंड में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दौरान:
– नए टेस्ट कप्तान
– इंग्लैंड की स्विंग
– मैनचेस्टर की ठंड
– लगातार मीडिया scrutiny
– और 2-2 की बराबरी लाने का दबाव
इन सबके बीच 756 रन… यह किसी साधारण बल्लेबाज़ की कहानी नहीं है।
अंकोला ने कहा:
“अगर कोई खिलाड़ी इंग्लैंड में इतना दबाव झेलकर 750 रन बना सकता है, तो वह नेतृत्व के लिए बना है। लोग आलोचना करेंगे—लेकिन कप्तान वो बनता है जो खेल से ऊपर उठकर टीम को साथ ले जाए।”
2027 वर्ल्ड कप की रोडमैप—यही असली वजह थी इतनी जल्दी कप्तान बदलने की
रोहित शर्मा वनडे में एक्टिव थे, लेकिन 38+ की उम्र में उन्हें 2027 वर्ल्ड कप तक कप्तान बनाए रखना वास्तविकता से दूर था।
बीसीसीआई को चाहिए था—
– एक युवा
– जो कोर टीम का चेहरा बन सके
– 2027 तक स्थिर leadership दे सके
– और तीनों फॉर्मेट को एक दिशा में चला सके
इसलिए, जैसे ही रोहित ने टेस्ट से संन्यास लिया, चयनकर्ताओं ने बिना एक पल गंवाए गिल को टेस्ट टीम की कमान थमा दी।
फिर जब वनडे सीरीज़ आई—उसी लॉजिक के तहत गिल कप्तान थे।
यह सिर्फ भविष्य निर्माण नहीं—यह सततता (continuity) की रणनीति है।
अंकोला का स्पष्ट संदेश—“किसी को भी संतुष्ट नहीं किया जा सकता”
इंटरव्यू के आख़िरी हिस्से में अंकोला ने एक दिलचस्प बात कही:
“लोग हमेशा कहेंगे कि किसी और को कप्तान बनना चाहिए था। इंसान असंतुष्ट आत्माएं होते हैं। लेकिन प्रदर्शन अपनी जगह बोलता है।”
क्रिकेट में कप्तानी का चुनाव अक्सर भावनाओं से फैसलों में बदल जाता है—लेकिन बोर्ड ने इस बार डेटा, मानसिक मजबूती, और लंबी विज़न पर जोर दिया है।
क्या गिल सच में भारत का नया ‘पोस्टर बॉय’ है?
बोर्ड के ताज़ा संकेत इसके बिना शक यही कह रहे हैं।
एक खिलाड़ी जो:
– तीनों फॉर्मेट में फिट
– फ्रंटलाइन बल्लेबाज़
– शांत दिमाग
– तकनीकी रूप से साउंड
– और कप्तानी में पहले ही maturity दिखा चुका है
ऐसे टेम्परामेंट वाले खिलाड़ियों को ही क्रिकेट बोर्ड लंबे समय का चेहरा बनाते हैं।
















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