SA vs IND – रांची का आसमान हल्की धूप और नमी से भरा था, लेकिन JSCA स्टेडियम के माहौल में एक अलग ही उत्तेजना थी—नई सीरीज की शुरुआत, नया कप्तान, नई प्लेइंग इलेवन… और भारतीय टीम एक मुश्किल दक्षिण अफ्रीका को चुनौती देने के इरादे से मैदान पर उतरी।
रविवार को खेले गए पहले वनडे में टॉस दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में गया। एडन मार्करम ने बिना देर किए फैसला सुनाया—पहले गेंदबाजी।
और यह फैसला उन्होंने सिर्फ पिच देखकर नहीं, रात की ओस को ध्यान में रखते हुए लिया।
कप्तानों की रणनीति—क्यों SA ने पहले गेंदबाजी चुनी, और भारत क्या चाहता था
मार्करम ने टॉस पर साफ कहा:
- रात में ओस पढ़ी है
- गेंद गीली हो सकती है
- चेज़ करना आसान रहेगा
- टीम में चार तेज गेंदबाज हैं—यहीं से फायदा उठाना है
दक्षिण अफ्रीका के नियमित कप्तान तेम्बा बावुमा इस मैच में खेले नहीं; उन्हें आराम दिया गया है।
केशव महाराज भी बाहर—यानी SA एकमात्र स्पिनर प्रीनालेन सुब्रायन के साथ उतरा।
उधर भारत की तरफ से कप्तानी संभाली केएल राहुल ने—क्योंकि शुभमन गिल गर्दन की चोट के चलते सीरीज से बाहर हैं।
राहुल ने भी स्वीकार किया कि भारत पहले गेंदबाजी करना चाहता था।
उनके शब्दों में—
“टीम की तैयारी बेहतरीन रही है। कई खिलाड़ी लौटे हैं, टीम में एनर्जी है। SA के खिलाफ मौका मिलता है तो कौशल को बिल्कुल टेस्ट किया जा सकता है।”
भारत तीन स्पिनर + तीन तेज गेंदबाज की मिश्रित कॉम्बिनेशन के साथ उतरा।
टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन—स्पिन-भारी सेटअप
यहां भारतीय चयन दिलचस्प था—तीन फ्रंटलाइन स्पिनर:
- रविंद्र जडेजा
- कुलदीप यादव
- वॉशिंगटन सुंदर
और तेज गेंदबाजी यूनिट:
- अर्शदीप सिंह
- प्रसिद्ध कृष्णा
- हर्षित राणा
यशस्वी जायसवाल के लिए यह वनडे करियर का सिर्फ दूसरा मैच है।
रोहित शर्मा—कोहली—गायकवाड़—राहुल का टॉप ऑर्डर काफी मजबूत दिख रहा था।
भारत की प्लेइंग XI
| बल्लेबाज | भूमिका |
|---|---|
| यशस्वी जायसवाल | ओपनर |
| रोहित शर्मा | ओपनर |
| विराट कोहली | वनडाउन |
| रुतुराज गायकवाड़ | मिडिल ऑर्डर |
| केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर) | मिडिल ऑर्डर |
| सुंदर, जडेजा, कुलदीप | स्पिन बैटिंग-ऑलराउंड यूनिट |
| अर्शदीप, प्रसिद्ध, हर्षित | तेज गेंदबाज |
दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन—चार तेज गेंदबाजों का दांव
SA की टीम ने क्लियर रणनीति रखी—
- रात की ओस
- रांची का ग्रिप-फ्रेंडली आउटफील्ड
- तेज गेंदबाजों के लिए उछाल
इन परिस्थितियों में उन्होंने चार पेसर्स के साथ उतरने का फैसला किया।
SA की प्लेइंग XI
| खिलाड़ी | भूमिका |
|---|---|
| क्विंटन डिकॉक | विकेटकीपर-ओपनर |
| रयान रिकलटन | ओपनर |
| एडन मार्करम | कप्तान |
| मैथ्यू ब्रीत्जके | बैटर |
| डेवाल्ड ब्रेविस | मिडिल ऑर्डर |
| टोनी डी जॉर्जी | बैटर |
| मार्को यानसन | ऑलराउंडर |
| कॉर्बिन बॉश | ऑलराउंडर |
| नांद्रे बर्गर | तेज गेंदबाज |
| ओटेनिल बार्टमेन | तेज गेंदबाज |
| प्रीनालेन सुब्रायन | एकमात्र स्पिनर |
मैच का माहौल—नए खिलाड़ी, नई जंग
भारतीय डगआउट में युवा खिलाड़ियों का उत्साह साफ दिख रहा था।
गेंदबाजों ने पिछले टेस्ट की हार को पीछे छोड़ दिया था।
टॉप ऑर्डर के पास रोहित, कोहली और राहुल जैसा अनुभव था—यानी एक मजबूत मानसिक शुरुआत।
दक्षिण अफ्रीका की टीम एक बार फिर युवा जोश से लैस थी,
रयॉन रिकलटन और बर्गर जैसे खिलाड़ी इस फॉर्मेट में बार-बार चौंकाते रहे हैं।
और ब्रेविस—जिन्हें दुनिया बेबी एबी कहती है—हमेशा एक हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड कार्ड हैं।
इस मैच के लिए रणनीतिक फोकस
- SA पहले गेंदबाजी करके ओस का फायदा चाहती थी
- भारत चाहता था कि उसके स्पिनर दूसरी पारी में मैच का रुख मोड़ें
- दोनों कप्तान टीम के नए संयोजन को आजमाना चाहते थे
- रांची की पिच—धीमी, लेकिन अच्छी bounce वाली—काफी संतुलित दिख रही थी
यह मुकाबला किसी भी ओर झुक सकता था—और दोनों ही टीमों का बैलेंस ऐसा था कि फैंस को पूरा 100 ओवर का मुकाबला देखने की उम्मीद थी।















